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1992 से ₹47 लाख का टैक्स बकाया: नगर परिषद ने बक्सर के व्यवसायी प्रदीप राय पर कसा शिकंजा, ₹16.85 लाख की रसीद जारी

by on | 2026-09-10 11:16:37

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1992 से ₹47 लाख का टैक्स बकाया: नगर परिषद ने बक्सर के व्यवसायी प्रदीप राय पर कसा शिकंजा, ₹16.85 लाख की रसीद जारी

बक्सर (बिहार): नगर परिषद बक्सर ने बकायेदारों और कर चोरी के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में नगर परिषद ने जिले के व्यवसायी सह भाजपा नेता प्रदीप राय को भारी होल्डिंग टैक्स (संपत्ति कर) बकाया का नोटिस जारी किया है। नगर परिषद के अनुसार, प्रदीप राय शहर के प्रमुख होल्डिंग टैक्स बकायेदारों में शामिल हैं और उन पर वर्ष 1992 से 2026-27 तक का कुल ₹47,79,375 टैक्स बकाया है।

दो वार्डों की संपत्तियों पर अलग-अलग मांग पत्र

नगर परिषद ने वार्ड नंबर 22 और 23 स्थित संपत्तियों का मूल्यांकन कर मांग रसीद (Property Tax Demand Notice) जारी की है:

  • वार्ड नंबर 23: वर्ष 1992 से 2025-26 तक कुल ₹30,94,072 बकाया दर्ज है। इसमें वर्तमान बकाया ₹1,37,272, एरियर ₹14,12,138 और पेनल्टी (शास्ति) ₹14,55,462 शामिल है।
  • वार्ड नंबर 22: 1992-93 से 2025-26 तक कुल ₹15,95,303 बकाया है। सॉलिड वेस्ट यूजर चार्ज जोड़ने पर यह राशि ₹16,85,303 हो जाती है, जिसमें एरियर ₹7,41,966, वर्तमान बकाया ₹84,948 और पेनल्टी ₹7,68,389 दर्शाई गई है।

​अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से कर जमा न करने के कारण नियमानुसार शास्ति लगाई गई है।

आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत से खुलासा, हमले का आरोप

पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुशवाहा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि आरटीआई कार्यकर्ता शिवप्रकाश राय द्वारा डीएम लोक शिकायत निवारण में मामला दर्ज कराने के बाद यह मामला सामने आया। आरोप है कि मामला उजागर होने के बाद आरटीआई कार्यकर्ता पर जानलेवा हमला कराया गया तथा उन पर मुकदमे दर्ज कराए गए। इसके अतिरिक्त, मामले से जुड़े स्थानीय पत्रकारों को भी धमकाने व दबाव बनाने का प्रयास किया गया।

प्रशासनिक पक्ष

बक्सर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक ने पुष्टि की कि होल्डिंग टैक्स भुगतान हेतु नोटिस भेजा गया है। व्यवसायी द्वारा निर्धारण पर आपत्ति जताते हुए अपील दायर की गई है। नगर परिषद कर्मियों द्वारा स्थल मापी व पुनर्मूल्यांकन के बाद अंतिम टैक्स राशि निर्धारित की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई जिलाधिकारी (डीएम) के समक्ष होनी तय है।



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