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अमेरिकी नागरिक पर यूएपीए नहीं, कांग्रेस ने उठाए सवाल; जयराम रमेश बोले- दबाव में तो नहीं हुआ फैसला?

by admin@bebak24.com on | 2026-09-09 12:04:33

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अमेरिकी नागरिक पर यूएपीए नहीं, कांग्रेस ने उठाए सवाल; जयराम रमेश बोले- दबाव में तो नहीं हुआ फैसला?

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र में गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए की धाराएं शामिल नहीं किए जाने पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से सवाल किया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि कहीं अमेरिकी दबाव के कारण आतंकवाद से जुड़े आरोपों को हटाया तो नहीं गया। हालांकि, एनआईए का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर बाद में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया जा सकता है।

जयराम रमेश ने क्या सवाल उठाया?

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सवाल किया कि क्या एनआईए ने जांच के बाद यूएपीए की धाराएं हटाने का फैसला किया या किसी अमेरिकी दबाव में ऐसा किया गया।

उन्होंने यह भी पूछा कि अगर किसी विदेशी दबाव के कारण ऐसा फैसला लिया गया है तो उसके बदले भारत को क्या हासिल होने की उम्मीद है।

कांग्रेस नेता का बयान ऐसे समय आया है जब एनआईए ने मामले में आरोपपत्र दाखिल किया है, लेकिन उसमें शुरुआत में दर्ज यूएपीए की धाराएं शामिल नहीं की गई हैं।

एनआईए ने 7 आरोपियों के खिलाफ दाखिल किया आरोपपत्र

एनआईए ने मार्च 2026 में दर्ज मामले में मैथ्यू वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है।

आरोपियों पर म्यांमार में जातीय सशस्त्र समूहों को प्रशिक्षण देने के साथ हथियार और अन्य उपकरण उपलब्ध कराने में कथित भूमिका का आरोप लगाया गया था।

मैथ्यू वैनडाइक को 13 मार्च की रात कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था। वह सुरक्षा कंपनी 'सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल' के संस्थापक और खुद को युद्धक विशेषज्ञ बताता रहा है।

आरोपपत्र में अब कौन सी धाराएं?

एनआईए के विशेष लोक अभियोजक के अनुसार, मौजूदा आरोपपत्र में विदेशियों से संबंधित कानून की धारा 21 और 23 लगाई गई हैं। अदालत में आरोपपत्र विशेष एनआईए न्यायाधीश प्रशांत शर्मा के समक्ष दाखिल किया गया है।

मामले पर आगे विचार के लिए अदालत ने 1 अक्टूबर की तारीख तय की है।

यूएपीए की धाराएं क्यों नहीं लगाई गईं?

एनआईए का कहना है कि जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। यदि आगे की जांच में यूएपीए के तहत अपराध बनता है, तो एजेंसी पूरक आरोपपत्र दाखिल कर सकती है।

यानी फिलहाल यूएपीए की धाराएं आरोपपत्र में नहीं हैं, लेकिन जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर बाद में उन्हें जोड़े जाने की संभावना से एजेंसी ने इनकार नहीं किया है।

परिवार ने भी की थी अमेरिकी सरकार से अपील

इससे पहले 2 सितंबर को वैनडाइक के परिवार से जुड़े एक सोशल मीडिया खाते से अमेरिकी सरकार से उनकी रिहाई के लिए राजनयिक हस्तक्षेप की अपील की गई थी। परिवार ने उन्हें निर्दोष बताते हुए तिहाड़ जेल में बुनियादी अधिकार नहीं मिलने का आरोप लगाया था।

हालांकि, ये परिवार के दावे हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि अलग से नहीं हुई है।

मामले में आगे क्या?

मामले की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ अंतिम कानूनी स्थिति अभी तय नहीं हुई है। एनआईए के अनुसार, यदि आगे कोई ऐसा साक्ष्य सामने आता है जिससे यूएपीए के तहत अपराध बनता है, तो पूरक आरोपपत्र के जरिए नई धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।

इस बीच, यूएपीए की धाराओं के हटने को लेकर कांग्रेस के सवालों ने मामले को राजनीतिक बहस का मुद्दा बना दिया है।



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