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टीएमसी सांसद नदीमुल हक के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, अखबार से जुड़ी फंडिंग की जांच

by on | 2026-09-07 16:36:11

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टीएमसी सांसद नदीमुल हक के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, अखबार से जुड़ी फंडिंग की जांच

कोलकाता | बेबाक24 न्यूज़

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नदीमुल हक से जुड़े ठिकानों पर सोमवार को छापेमारी की। कोलकाता, दिल्ली और रांची में करीब 7 स्थानों पर हुई इस कार्रवाई का संबंध कथित तौर पर हक द्वारा प्रवर्तित उर्दू अखबार ‘अखबार-ए-मशरिक’ से जुड़ी जांच से बताया जा रहा है।

जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में कथित तौर पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, बेहिसाब नकदी और संदिग्ध स्रोतों से धन मिलने के आरोपों की पड़ताल की जा रही है। मामला बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा बताया गया है।

नदीमुल हक कौन हैं?

नदीमुल हक तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद हैं। वह उस कंपनी के निदेशक भी बताए जाते हैं, जो ‘अखबार-ए-मशरिक’ का प्रकाशन करती है। राजनीति में आने से पहले हक पत्रकारिता से जुड़े रहे हैं और उन्हें तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व के करीबी नेताओं में गिना जाता है।

किन आरोपों की जांच?

ईडी की कार्रवाई कथित तौर पर अखबार के माध्यम से सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाली सामग्री के प्रकाशन और प्रसार तथा उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच के तहत की जा रही है। एजेंसी तलाशी के दौरान दस्तावेज, वित्तीय अभिलेख और अन्य संबंधित सामग्री की पड़ताल कर रही है।

हालांकि, इन आरोपों पर अभी जांच जारी है और ईडी की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

कोलकाता से रांची तक तलाशी

अधिकारियों के मुताबिक, ईडी की टीमें कोलकाता, दिल्ली और रांची में करीब 7 स्थानों पर पहुंचीं। कार्रवाई का आधार बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय की ओर से दर्ज प्राथमिकी को बताया गया है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित धन का स्रोत क्या था और अलग-अलग लेन-देन का इस मामले से क्या संबंध है।

कार्रवाई से बढ़ी राजनीतिक हलचल

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता से बाहर होने के बाद उसके कई नेताओं से जुड़े मामलों में जांच और कार्रवाई तेज होने का दावा किया जा रहा है। नदीमुल हक के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी से राज्य में राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है।

फिलहाल कार्रवाई को जांच की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। आरोप सही हैं या नहीं, इसका फैसला जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।



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