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बीएचयू अस्पताल के आईसीयू में पद्मश्री डॉ. टीके लहरी से कथित मारपीट पर विवाद गहराया, विश्वविद्यालय ने आरोपों को बताया तथ्यहीन; जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित

by on | 2026-09-06 21:14:22

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बीएचयू अस्पताल के आईसीयू में पद्मश्री डॉ. टीके लहरी से कथित मारपीट पर विवाद गहराया, विश्वविद्यालय ने आरोपों को बताया तथ्यहीन; जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित

 

वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सर सुंदरलाल अस्पताल के आईसीयू में विगत सात महीनों से अधिक समय से भर्ती 85 वर्षीय पद्मश्री प्रोफेसर डॉ. टीके लहरी के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट का मामला प्रकाश में आया है। परिजनों द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तथ्यहीन करार दिया है।


परिजनों ने लगाया मारपीट और गाली-गलौज का आरोप

प्रो. लहरी के परिजनों ने ई-मेल के माध्यम से बीएचयू के कुलपति, आईएमएस निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक को शिकायत भेजी है। शिकायत में कार्डियोथोरेसिक विभाग के एक एसोसिएट प्रोफेसर पर आईसीयू के भीतर प्रो. लहरी के साथ गाली-गलौज करने और थप्पड़ मारने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का दावा है कि इस घटना में प्रो. लहरी के चेहरे पर चोट आई है और उनकी आंख जख्मी हुई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों की जांच जारी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बीएचयू प्रशासन ने मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया है, जिसके सदस्यों ने आईसीयू पहुंचकर प्रो. लहरी के स्वास्थ्य का जायजा लिया। घटना की सत्यता जांचने के लिए अस्पताल परिसर तथा आईसीयू में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

बीएचयू प्रशासन का पलटवार: 'देखभाल में कोई कमी नहीं, आरोप बेबुनियाद'

दूसरी ओर, बीएचयू प्रशासन ने जारी वक्तव्य में मारपीट के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। प्रशासन के अनुसार, प्रो. लहरी 27 जनवरी 2026 से अस्पताल में भर्ती हैं। शिकायत मिलने के बाद कुलपति और आईएमएस निदेशक ने स्वयं वार्ड पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया।

​प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हृदय रोग, मेडिसिन, न्यूरोलॉजी, मनोचिकित्सा, वृद्धावस्था रोग और क्रिटिकल केयर सहित विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निरंतर निगरानी कर रही है। बीएचयू का यह भी दावा है कि अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन अब तक कोई भी परिजन उनकी देखभाल के लिए अस्पताल नहीं पहुंचा है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।



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