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डलास में एम्बापे का सपना चकनाचूर; फ्रांस को धूल चटाकर स्पेन फाइनल में, ओयारज़ाबाल और पोरो के गोल से रचा इतिहास

by admin@bebak24.com on | 2026-07-15 19:22:53

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डलास में एम्बापे का सपना चकनाचूर; फ्रांस को धूल चटाकर स्पेन फाइनल में, ओयारज़ाबाल और पोरो के गोल से रचा इतिहास

डलास (बेबाक24): फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के पहले सेमीफाइनल में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। खिताबी जीत की सबसे बड़ी दावेदार (फेवरेट) मानी जा रही किलियन एम्बापे की स्टार फॉरवर्ड्स से सजी फ्रांस की टीम को पटखनी देते हुए स्पेन ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।

डलास स्टेडियम में खेले गए इस ब्लॉकबस्टर मुकाबले में लुइस दे ला फुएंते की स्पैनिश टीम ने अपने अभेद्य डिफेंस और अनुशासित खेल की बदौलत फ्रांस को 2-1 से करारी मात दी। इस हार के साथ ही फ्रांस का लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप फाइनल खेलने और कोच दिदिए देशॉं को खिताबी विदाई देने का सपना टूट गया। 'बेबाक24' की विशेष खेल रिपोर्ट:

पहला हाफ: लुकास दीन्ये की गलती और ओयारज़ाबाल का पेनल्टी गोल

टूर्नामेंट की सबसे खतरनाक अटैकिंग टीम (फ्रांस) और सबसे मजबूत डिफेंस (स्पेन) के बीच उम्मीद के मुताबिक शुरुआत में कांटे की टक्कर देखने को मिली:

  • स्पेन को मिली पेनल्टी: पहले हाफ के बीच में फ्रांस के लेफ्ट-बैक लुकास दीन्ये ने एक बड़ी लापरवाही कर दी। गेंद को क्लियर करने के प्रयास में उन्होंने स्पेन के युवा फॉरवर्ड लामिन यामाल को जोरदार टक्कर मार दी, जिसके बाद रेफरी ने बिना देरी किए स्पेन के पक्ष में पेनल्टी का इशारा किया।

  • ओयारज़ाबाल का सटीक निशाना: इस सुनहरे मौके को मिकेल ओयारज़ाबाल ने व्यर्थ नहीं जाने दिया। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ गेंद को गोल पोस्ट के कोने में दागकर स्पेन को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी।

दूसरा हाफ: पेद्रो पोरो का 'वन-टू' मैजिक और फ्रांस का फीका सरेंडर

पहले हाफ में पिछड़ने के बाद उम्मीद थी कि किलियन एम्बापे की अगुआई में फ्रांस वापसी करेगा, लेकिन स्पेन की रणनीतिक सूझबूझ के आगे फ्रांसीसी अटैक पूरी तरह बेअसर साबित हुआ:

  • दूसरा गोल: दूसरे हाफ की शुरुआत में ही स्पेन के पेद्रो पोरो ने दानी ओल्मो के साथ एक बेहतरीन 'वन-टू' (जुगलबंदी) पास खेला और नजदीकी पोस्ट के पास से गेंद को जाल में फंसाकर स्पेन की बढ़त को 2-0 कर दिया।

  • फ्रांस की बदकिस्मती: 2-0 से पिछड़ने के कुछ ही मिनटों बाद फ्रांस के स्टार डिफेंडर विलियम सलीबा चोटिल होकर मैदान से बाहर हो गए, जिसने फ्रांस की कमर तोड़ दी। माइकल ओलीसे, उस्मान देम्बेले, ब्रैडली बारकोला और देज़िरे डुए जैसे स्टार्स से भरा फ्रांस का अटैक पूरे मैच में छटपटाता नजर आया। स्पेन के डिफेंस ने एम्बापे को इस कदर बांध कर रखा कि फ्रांस को मैच का पहला 'शॉट ऑन टारगेट' लगाने के लिए 81वें मिनट तक का लंबा इंतजार करना पड़ा।

फीफा वर्ल्ड कप सेमीफाइनल: मैच रिपोर्ट एक नजर में

मुख्य संकेतक / टीमस्पेन (Spain) - विजेताफ्रांस (France) - उपविजेता
दागे गए गोल2 गोल (मिकेल ओयारज़ाबाल, पेद्रो पोरो)0 गोल (फीका और बेअसर प्रदर्शन)
मैच का टर्निंग पॉइंटलुकास दीन्ये का फाउल और विलियम सलीबा का चोटिल होना।एम्बापे को स्पैनिश डिफेंडरों ने पूरे मैच में बांधे रखा।
अगला पड़ावन्यू जर्सी (न्यूयार्क) में रविवार को होने वाला फाइनल मुकाबला।शनिवार को तीसरे स्थान (Third Place) के लिए प्ले-ऑफ़ मैच।

3. रोड्री का मिडफील्ड में राज; 2010 के इतिहास को दोहराने की दहलीज पर स्पेन

स्पेन की इस ऐतिहासिक जीत के महानायक उनके मिडफील्डर रोड्री (Rodri) रहे। एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (ACL) की गंभीर चोट के बाद वापसी कर रहे 2024 के बैलन डी'ऑर विजेता रोड्री ने फ्रांस के हर हमले को शुरुआत में ही नेस्तनाबूद कर दिया। उनके साथ फैबियन रुइज़ ने भी पेद्री की कमी नहीं खलने दी।

इस जीत के साथ स्पेन इतिहास में सिर्फ दूसरी बार वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा है। इससे पहले स्पेन ने साल 2010 में दक्षिण अफ्रीका में अपना पहला और इकलौता वर्ल्ड कप खिताब जीता था। अब यह टीम न्यू जर्सी जाएगी, जहां रविवार को होने वाले ग्रैंड फिनाले में उसका मुकाबला बुधवार को होने वाले इंग्लैंड बनाम अर्जेंटीना के दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।

बेबाक24 टेक

यह मुकाबला साबित करता है कि फुटबॉल में भले ही 'अटैक' आपको मैच जिताए, लेकिन 'डिफेंस' आपको बड़े टूर्नामेंट जिताता है। यूरो 2024 की चैंपियन स्पैनिश टीम इस वर्ल्ड कप में लामिन यामाल और निको विलियम्स की चोटों के कारण उतनी आक्रामक नहीं दिख रही थी, लेकिन कोच दे ला फुएंते की रणनीति ने इस कमी को आड़े नहीं आने दिया। फ्रांस जैसी महाबली टीम को 81 मिनट तक एक शॉट के लिए तरसा देना यह बताता है कि स्पेन इस वक्त अपने चरम (Peak) पर है।

बेबाक24 का मानना है कि फ्रांस के लिए यह हार एक युग का अंत है। पिछले 14 साल से टीम के कोच रहे दिदिए देशॉं का यह आखिरी मैच था और उनका विदाई सफर बेहद निराशाजनक रहा। हालांकि, किलियन एम्बापे के पास अभी भी शनिवार को होने वाले तीसरे स्थान के मैच में 'गोल्डन बूट' जीतने और वर्ल्ड कप इतिहास में सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड बनाने का मौका होगा, लेकिन जो असली खेल भावना और वर्ल्ड कप की चमचमाती ट्रॉफी थी, उसके लिए अब फ्रांस को पूरे 4 साल का इंतजार करना होगा।



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