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कुवैत में अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम तबाह! ईरान के IRGC का भीषण दावा— 'हमारे गेहूं गोदाम और पानी फैक्ट्री पर हुए थे हमले'

by admin@bebak24.com on | 2026-07-15 20:19:07

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कुवैत में अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम तबाह! ईरान के IRGC का भीषण दावा— 'हमारे गेहूं गोदाम और पानी फैक्ट्री पर हुए थे हमले'

तेहरान/कुवैत सिटी (बेबाक24): मध्य-पूर्व (Middle East) में छिड़ा सैन्य संघर्ष अब हर गुजरते घंटे के साथ और अधिक हिंसक और घातक होता जा रहा है। ईरान की कुलीन सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) ने कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए मिसाइल हमलों को लेकर एक बड़ा और सनसनीखेज दावा किया है।

ईरानी सेना का कहना है कि उन्होंने कुवैत में मौजूद अमेरिका के एयर डिफेंस रडार और मिसाइल लॉन्च पैड्स को पूरी तरह से नेस्तनाबूद (Tabah) कर दिया है। 'बेबाक24' की यह विशेष युद्ध अपडेट रिपोर्ट:

1. अमेरिका के मिसाइल डिफेंस सिस्टम को बनाया निशाना

इससे पहले ईरानी और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में कुवैत पर सिर्फ 'ड्रोन हमलों' की खबरें आ रही थीं, जिसके बाद कुवैत की रक्षा प्रणालियों को एक्टिव किया गया था। लेकिन अब IRGC ने आधिकारिक बयान जारी कर हमलों के पैमाने को साफ कर दिया है:

  • रडार और लॉन्च पैड ध्वस्त: ईरान का दावा है कि उसने सटीक मार करने वाली मिसाइलों के जरिए कुवैत में अमेरिकी सेना के हवाई सुरक्षा तंत्र (Air Defence Radar) और मिसाइल दागने वाले अड्डों (Launch Pads) को सीधा निशाना बनाया और उन्हें भारी नुकसान पहुंचाया।

  • रणनीतिक चोट: इस हमले का सीधा मतलब यह है कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका का सुरक्षा कवच अब गंभीर चुनौती की चपेट में है।

2. ईरान का आरोप: 'अमेरिका ने हमारे गेहूं गोदाम और पानी फैक्ट्री को उड़ाया'

IRGC ने कुवैत पर किए गए इस भीषण पलटवार की वजह बताते हुए अमेरिका पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान के मुताबिक, बुधवार सुबह अमेरिकी वायुसेना ने नागरिक और खाद्य ठिकानों को निशाना बनाया था:

  • होवेज़े में हमला: दक्षिणी ईरान के होवेज़े (Howeyzeh) शहर में स्थित एक गेहूं खरीद गोदाम (Wheat Procurement Warehouse) पर अमेरिकी बमबारी हुई।

  • देहलोरान में तबाही: इसके साथ ही इलम (Ilam) प्रांत के देहलोरान (Dehloran) में एक मिनरल वाटर फैक्ट्री (Mineral Water Factory) को भी अमेरिकी मिसाइलों ने निशाना बनाया।

  • ईरान का तर्क: ईरान का कहना है कि अमेरिका बुनियादी खाद्य और नागरिक ठिकानों पर हमले कर रहा है, इसलिए अमेरिका को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए खाड़ी में मौजूद उसके सैन्य ठिकानों पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।

अमेरिका-ईरान जंग: ताजा सैन्य नुकसान (15 जुलाई 2026)

प्रभावित क्षेत्र / निशानाहमलावर देशवर्तमान स्थिति और नुकसान का दावा
कुवैत (अमेरिकी बेस)ईरान (IRGC)एयर डिफेंस रडार और मिसाइल लॉन्च पैड पूरी तरह तबाह।
होवेज़े (दक्षिणी ईरान)अमेरिका (CENTCOM)सरकारी गेहूं खरीद गोदाम पर बमबारी, अनाज को नुकसान।
देहलोरान (दक्षिणी ईरान)अमेरिका (CENTCOM)मिनरल वाटर फैक्ट्री पर हवाई हमला, इंफ्रास्ट्रक्चर ध्वस्त।

बेबाक24 टेक

यह युद्ध अब एक बेहद खतरनाक और अनैतिक मोड़ पर पहुंच चुका है। एक तरफ जहां अमेरिका ईरान के गेहूं गोदामों और पानी की फैक्ट्रियों जैसे विशुद्ध नागरिक और आवश्यक रसद आपूर्ति ठिकानों को निशाना बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने सीधे कुवैत की संप्रभु धरती पर मौजूद अमेरिकी मिसाइल डिफेंस सिस्टम को उड़ाकर अपनी आक्रामक क्षमता का लोहा मनवाया है।

बेबाक24 का मानना है कि गेहूं के गोदाम और पानी की फैक्ट्री पर हमला करना यह दिखाता है कि अमेरिका, ईरान के भीतर भुखमरी और हाहाकार मचाकर उसे घुटनों पर लाना चाहता है। लेकिन IRGC का यह जवाबी हमला पेंटागन के लिए एक करारा तमाचा है। अगर कुवैत में अमेरिकी रडार वास्तव में तबाह हो गए हैं, तो खाड़ी देशों में मौजूद तमाम अमेरिकी ठिकाने अब ईरानी मिसाइलों की सीधी जद में आ चुके हैं। यह स्थिति एक पूर्ण वैश्विक युद्ध (Full-Scale War) की आहट है।



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