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जंतर-मंतर पहुंचेगा विपक्ष; 16 जुलाई को सोनम वांगचुक से मिलने जाएंगे अरविंद केजरीवाल, बोले— "अनशन खत्म करें, संघर्ष के और भी तरीके हैं"

by admin@bebak24.com on | 2026-07-14 21:07:33

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जंतर-मंतर पहुंचेगा विपक्ष; 16 जुलाई को सोनम वांगचुक से मिलने जाएंगे अरविंद केजरीवाल, बोले— "अनशन खत्म करें, संघर्ष के और भी तरीके हैं"

नई दिल्ली (बेबाक24): दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में पिछले 17 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के आंदोलन को अब आम आदमी पार्टी का भी खुला साथ मिल गया है।

टीएमसी और समाजवादी पार्टी के बाद अब 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी वांगचुक की गिरती सेहत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्हें अपना समर्थन देने का एलान किया है। केजरीवाल खुद जंतर-मंतर जाकर वांगचुक से मुलाकात करेंगे।

16 जुलाई को शाम 5 बजे जंतर-मंतर जाएंगे केजरीवाल

मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस आंदोलन में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा की:

  • मुलाकात का समय: केजरीवाल ने बताया कि वह आगामी गुरुवार (16 जुलाई 2026) को शाम 5 बजे सीधे जंतर-मंतर धरना स्थल पर जाएंगे और सोनम वांगचुक के साथ मंच साझा कर उन्हें अपनी पार्टी का पूर्ण समर्थन सौंपेंगे।

  • देश के लिए कीमती हैं वांगचुक: 'आप' प्रमुख ने कहा, "सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से कड़े अनशन पर हैं और उनकी सेहत लगातार खराब हो रही है। वह इस देश के लिए और हमारे समाज के लिए बहुत कीमती हैं। उनका जीवन हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है।"

अनशन खत्म करने की अपील: "लड़ाई के और भी रास्ते"

विपक्ष के अन्य नेताओं की तरह अरविंद केजरीवाल ने भी सोनम वांगचुक से अपने शरीर को और कष्ट न देने तथा भूख हड़ताल वापस लेने का सविनय आग्रह किया:

  • केजरीवाल का संदेश: केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए वांगचुक से अपील करते हुए कहा, "मैं उनसे (सोनम वांगचुक) हाथ जोड़कर अपनी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील करता हूं। अपनी मांगों को मनवाने और इस तानाशाही के खिलाफ संघर्ष करने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में और भी कई तरीके हैं, जिनके जरिए लड़ाई को आगे बढ़ाया जा सकता है।"

वांगचुक आंदोलन: विपक्षी एकजुटता का ग्राफ

राजनीतिक दल / नेताआंदोलन को समर्थन और उठाया गया कदम
सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk)17वें दिन भी अनशन जारी; शरीर में गंभीर कमजोरी और मेडिकल इमरजेंसी के हालात।
अरविंद केजरीवाल (AAP प्रमुख)16 जुलाई को शाम 5 बजे जंतर-मंतर जाने का एलान; अनशन तोड़ने की अपील की।
अखिलेश यादव (सपा अध्यक्ष)केंद्र सरकार को अहंकारी बताते हुए वांगचुक से सत्याग्रह का रास्ता बदलने का आग्रह किया।
महुआ मोइत्रा (TMC सांसद)युवाओं को एकजुट करने के लिए वांगचुक का आभार जताया और अनशन खत्म करने को कहा।

बेबाक24 टेक

सोनम वांगचुक का अनशन अब विशुद्ध रूप से एक बड़ा राजनीतिक मंच बनता जा रहा है। पहले महुआ मोइत्रा, फिर अखिलेश यादव और अब अरविंद केजरीवाल का इस आंदोलन के पीछे खड़े होना साफ संकेत है कि विपक्ष इस मुद्दे को पूरी तरह भुनाने की तैयारी में है। विशेषकर दिल्ली में 'आप' का जंतर-मंतर पर जाना आंदोलनकारियों के हौसले और लॉजिस्टिक्स को बड़ी ताकत दे सकता है।

बेबाक24 का मानना है कि अरविंद केजरीवाल का यह कहना सही है कि "संघर्ष के और भी तरीके हैं"। 17 दिनों के अनशन के बाद वांगचुक का शरीर बेहद नाजुक स्थिति में है। यदि विपक्ष वाकई उनके मुद्दों (जैसे शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और नीट परीक्षा में सुधार) को लेकर गंभीर है, तो उन्हें वांगचुक को अनशन तुड़वाकर इस लड़ाई को संसद के पटल पर ले जाना चाहिए, जहां 20 जुलाई से मॉनसून सत्र शुरू होने वाला है। सरकार की इस मामले पर चुप्पी अब जन-आक्रोश में बदलती दिख रही है।



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