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अयोध्या के बाद अब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी का महा-विवाद; CCTV फुटेज ने खोली पोल

by admin@bebak24.com on | 2026-07-14 15:26:42

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अयोध्या के बाद अब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी का महा-विवाद; CCTV फुटेज ने खोली पोल

बद्रीनाथ धाम (बेबाक24): अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चंदे और चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में थमा भी नहीं था कि देश के एक और सर्वोच्च और पवित्र तीर्थस्थल बद्रीनाथ धाम से चढ़ावे में महाहेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आ गया है। मंदिर समिति की आंतरिक जांच से शुरू हुआ यह विवाद अब पुलिस की विशेष जांच टीम, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति और उत्तराखंड की सियासत के बीच एक बड़ा भूचाल बन चुका है।

इस मामले में सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एसआईटी  ने 12 जुलाई की रात बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को देहरादून स्थित उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया है।

एक लिखित शिकायत और सोशल मीडिया के दावों से खुला राज

बद्रीनाथ धाम में आस्था को चोट पहुँचाने वाला यह पूरा घटनाक्रम इसी महीने की शुरुआत से जुड़ा हुआ है:

  • 2 जुलाई की घटना: मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई 'थाली भेंट' (नकद और आभूषण) की गिनती चल रही थी। इसी दौरान गिनती कक्ष में भारी अनियमितता और हेरफेर की बात सामने आई।

  • भैरव सेना की एंट्री: 3 जुलाई को सामाजिक संगठन 'भैरव सेना' के संस्थापक संदीप खत्री ने बीकेटीसी (BKTC) के मुख्य कार्याधिकारी को लिखित शिकायत सौंपकर एफआईआर दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की, जिसके बाद मामला सार्वजनिक हो गया।

रोंगटे खड़े करने वाली CCTV फुटेज: मोबाइल के नीचे छुपाए नोट और शालिग्राम

चमोली के पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर गठित एसआईटी ने जब 2 जुलाई के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो जो सच सामने आया उसने मंदिर प्रशासन के होश उड़ा दिए:

  • चोरी का अनोखा तरीका: सीसीटीवी विश्लेषण के आधार पर उत्तराखंड पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल (वैयक्तिक सहायक) गिनती कक्ष से नोट और कीमती सामान गायब करने के लिए अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था।

  • क्या-क्या हुआ चोरी?: फुटेज में आरोपी कई बार 500 रुपये के नोटों की गड्डियां, सोने और चांदी के सिक्कों के पैकेट, बेहद पवित्र मानी जाने वाली 'शालिग्राम शिला' और महंगे केसर के पैकेट्स को मोबाइल के नीचे छुपाकर या चुपके से अपनी जेब में डालकर कमरे से बाहर ले जाते हुए रंगे हाथों कैद हुआ है। इसी पुख्ता सबूत के आधार पर उसकी गिरफ्तारी हुई है।

मुख्यमंत्री धामी का कड़ा एक्शन: "श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं"

मामला देश के चार धामों में से एक से जुड़ा होने के कारण उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तुरंत मोर्चा संभाला:

  • उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित: सीएम धामी के निर्देश पर सरकार ने 3 सदस्यीय हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जिसके अध्यक्ष गढ़वाल मंडल आयुक्त हैं। टीम में एनएचएम के एमडी संदीप तिवारी और स्वास्थ्य विभाग के वित्त निदेशक जगत सिंह चौहान शामिल हैं।

  • 15 दिन का अल्टीमेटम: इस कमेटी को 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी है। साथ ही यह सुझाव भी देना है कि भविष्य में चारों धामों के चढ़ावे के प्रबंधन को पूरी तरह 'पारदर्शी और फुलप्रूफ' कैसे बनाया जाए। सीएम धामी ने साफ कहा, "दोषी चाहे कितना भी रसूखदार हो, बख्शा नहीं जाएगा।"

सियासी अखाड़ा बना बद्रीनाथ धाम: आमने-सामने आई बीजेपी-कांग्रेस

इस चोरी ने अब उत्तराखंड की राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला दिया है, जहाँ सत्तापक्ष और विपक्ष एक-दूसरे के इतिहास खंगाल रहे हैं:

  • विपक्ष (कांग्रेस) का वार: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और भाकपा (माले) के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने सीधा आरोप लगाया कि गिरफ्तार आरोपी प्रमोद नौटियाल बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का वैयक्तिक सहायक (PA) था। कांग्रेस की मांग है कि इस घोटाले की आंच केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि मंदिर समिति के अध्यक्ष की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

  • सत्तापक्ष (बीकेटीसी अध्यक्ष) का पलटवार: इन आरोपों को खारिज करते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने दावा किया कि नौटियाल उनका निजी सचिव नहीं, बल्कि समिति का पुराना कर्मचारी है। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि प्रमोद नौटियाल को साल 2014 में खुद गणेश गोदियाल के अध्यक्ष रहते हुए ही इंटरनेट कोऑर्डिनेटर के पद पर स्थायी नियुक्ति मिली थी। द्विवेदी ने दावा किया कि गोदियाल के अपने कार्यकाल में भी कई वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे थे।

बद्रीनाथ चढ़ावा घोटाला: मुख्य प्रशासनिक और कानूनी बिंदु

जांच एजेंसी / विंगअब तक की कार्रवाई और स्टेटसविवाद का मुख्य केंद्र
विशेष जांच दल (SIT)बीएनएस की धारा 306 और 316(5) के तहत केस दर्ज; आरोपी प्रमोद नौटियाल गिरफ्तार।2 जुलाई की सीसीटीवी फुटेज, जिसमें कैश, सोना और केसर चोरी की पुष्टि का दावा।
सरकारी उच्चस्तरीय समितिगढ़वाल कमिश्नर की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय टीम गठित; 15 दिन में रिपोर्ट सौंपनी है।भविष्य के लिए पारदर्शी दान-प्रबंधन और नई गाइडलाइंस तैयार करना।
राजनीतिक मोर्चाकांग्रेस अध्यक्ष ने की बीकेटीसी चेयरमैन की जांच की मांग; बीजेपी ने याद दिलाया 2014 का इतिहास।आरोपी की नियुक्ति और मंदिर समिति के शीर्ष स्तर की जवाबदेही पर रार।

बेबाक24 टेक

राम मंदिर के बाद बद्रीनाथ धाम जैसी पवित्र जगह से ऐसी तस्वीरें आना देश के करोड़ों सनातनियों और श्रद्धालुओं के भरोसे की पीठ पर छुरा घोंपने जैसा है। देश-दुनिया के कोने-कोने से लोग अपनी गाढ़ी कमाई का एक हिस्सा भगवान के चरणों में इस विश्वास के साथ अर्पित करते हैं कि इसका उपयोग लोककल्याण और धार्मिक कार्यों में होगा। लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाए और मोबाइल के नीचे छुपाकर भगवान का ही धन चुराने लगे, तो पूरी व्यवस्था शर्मसार होती है।

बेबाक24 का मानना है कि केवल एक कर्मचारी को सस्पेंड या गिरफ्तार कर देना इस बीमारी का इलाज नहीं है। यह घटना साबित करती है कि हमारी मंदिर समितियों का ऑडिट और निगरानी तंत्र बेहद लचर है। जब तक गिनती कक्षों में 'बायोमेट्रिक लॉक', जैमर्स (ताकि कोई फोन न ले जा सके) और स्वतंत्र सीए (Chartered Accountants) की मौजूदगी अनिवार्य नहीं की जाएगी, तब तक ऐसी चोरियां होती रहेंगी। इस पूरे मामले का पूरी तरह राजनीतिकरण करने के बजाय, बीजेपी और कांग्रेस दोनों को मिलकर देवभूमि के मंदिरों की पवित्रता और पारदर्शिता को अक्षुण्ण रखने के लिए कड़े कानून बनाने की वकालत करनी चाहिए।



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