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यमन के हुदैदाह बंदरगाह के पास मालवाहक जहाज पर हमला; हूती झड़प में यमनी सरकार के 14 सैनिकों की मौत, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

by admin@bebak24.com on | 2026-07-05 21:30:03

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यमन के हुदैदाह बंदरगाह के पास मालवाहक जहाज पर हमला; हूती झड़प में यमनी सरकार के 14 सैनिकों की मौत, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

इंटरनेशनल डेस्क (बेबाक24): मध्य-पूर्व (Middle East) में जारी भीषण तनाव के बीच यमन के तटीय इलाके और लाल सागर (Red Sea) से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। ब्रिटिश नौसेना से जुड़ी सुरक्षा एजेंसी मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने पुष्टि की है कि यमन के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हुदैदाह बंदरगाह (Hodeidah Port) के पास एक मालवाहक वाणिज्यिक जहाज (Cargo Ship) पर अज्ञात हमलावरों द्वारा हमला किया गया है।

इस समुद्री हमले के बीच ही, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने भी एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि हुदैदाह के दक्षिणी इलाके में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) के साथ हुई भीषण झड़प में उसके 14 सैनिक मारे गए हैं।

1. हुदैदाह बंदरगाह से 30 समुद्री मील दूर भेजा गया 'इमरजेंसी मैसेज'

यूकेएमटीओ (UKMTO) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, लाल सागर से गुजर रहे एक मालवाहक जहाज ने अचानक संकट में होने का आपातकालीन संदेश (Distress Signal) भेजा:

  • हमले की लोकेशन: यह हमला हुदैदाह बंदरगाह के दक्षिण-पश्चिम में लगभग 30 समुद्री मील (Nautical Miles) की दूरी पर हुआ।

  • जांच जारी: जहाज के कैप्टन ने रेडियो संदेश के जरिए बताया कि अज्ञात हमलावरों ने उनकी ओर रुख किया और हमला कर दिया। ब्रिटिश और अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अधिकारी फिलहाल इस घटना की बारीकी से जांच कर रहे हैं। इस रूट से गुजरने वाले अन्य सभी जहाजों को अत्यधिक सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने की चेतावनी (Advisory) जारी की गई है।

2. हाइस क्षेत्र में कई घंटों तक चली खूनी जंग; 14 सरकारी सैनिकों की मौत

समुद्र में हुए इस हमले के समानांतर ही यमन की धरती पर भी शनिवार को भारी रक्तपात देखने को मिला। यमनी सरकार के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफपी (AFP) को बताया कि हुदैदाह के दक्षिण में स्थित हाइस (Hays) क्षेत्र में हूती विद्रोहियों ने सरकारी बलों की चौकियों पर बड़ा जमीनी हमला बोल दिया था।

  • घंटों चली लड़ाई: सरकारी बलों और हूती लड़ाकों के बीच कई घंटों तक आमने-सामने की भीषण गोलीबारी हुई।

  • नुकसान का आंकड़ा: यमनी अधिकारी के अनुसार, सरकारी बलों ने सूझबूझ से हूतियों के इस हमले को नाकाम तो कर दिया, लेकिन इस प्रक्रिया में सरकार के 14 जांबाज सैनिक मारे गए। जवाबी कार्रवाई में कई हूती लड़ाके भी ढेर और जख्मी हुए हैं, हालांकि हूतियों ने अपने नुकसान का कोई सटीक आंकड़ा जारी नहीं किया है।

3. ईरान और सऊदी अरब के बीच बढ़ा 'विमान विवाद'

यमन में भड़की यह ताजा हिंसा उस घटना के ठीक एक दिन बाद हुई है, जब हूती विद्रोहियों ने खुलेआम सऊदी अरब पर हमला करने की सीधी धमकी दी थी।

विवाद की मुख्य वजहें:

  • ईरानी विमान को रोकने का आरोप: हूती विद्रोहियों का आरोप है कि सऊदी अरब (जो यमन की अंतरराष्ट्रीय सरकार का मुख्य सैन्य समर्थक है) ने यमन के हवाई क्षेत्र में एक ईरानी विमान को उतरने से रोकने की कोशिश की थी।

  • हवाई क्षेत्र का उल्लंघन: दूसरी तरफ, यमन की आधिकारिक सरकार ने सीधे ईरान पर आरोप लगाया है कि वह उनके संप्रभु हवाई क्षेत्र (Airspace) का जानबूझकर उल्लंघन कर रहा है और विद्रोहियों को हथियारों की सप्लाई बढ़ा रहा है।

बेबाक24 टेक

यमन के हुदैदाह बंदरगाह के पास मालवाहक जहाज पर हुआ यह हमला और जमीन पर 14 सैनिकों की मौत यह साफ करती है कि 2026 में भी लाल सागर का संकट टला नहीं है, बल्कि यह और अधिक हिंसक रूप अख्तियार कर रहा है। हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब को दी गई ताजा सैन्य धमकी यह इशारा करती है कि ईरान-इजराइल और अमेरिका-ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक खींचतान का सीधा असर अब यमन के गृहयुद्ध पर पड़ रहा है।

'बेबाक24' का मानना है कि यमन के हवाई क्षेत्र में ईरानी विमान को लेकर जो विवाद शुरू हुआ है, वह आने वाले दिनों में सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों या लाल सागर के शिपिंग लेन पर दोबारा बड़े ड्रोन और मिसाइल हमलों की वजह बन सकता है। यूकेएमटीओ द्वारा जारी रेड अलर्ट यह दिखाता है कि वैश्विक व्यापारिक जहाज एक बार फिर हूतियों और अज्ञात समुद्री हमलावरों के निशाने पर हैं, जिससे आने वाले हफ्तों में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और माल ढुलाई के किराए में भारी उछाल आ सकता है। अमेरिका और उसके सहयोगियों का 'ऑपरेशन प्रोस्पेरिटी गार्जियन' इस रूट को सुरक्षित रखने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।



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