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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: VHP अध्यक्ष ने पुलिस को लिखा पत्र; केजरीवाल, प्रियंका गांधी और संजय सिंह के बयान दर्ज करने की मांग

by admin@bebak24.com on | 2026-07-05 21:25:14

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: VHP अध्यक्ष ने पुलिस को लिखा पत्र; केजरीवाल, प्रियंका गांधी और संजय सिंह के बयान दर्ज करने की मांग

नेशनल डेस्क (बेबाक24): अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Donation Theft Case) का मामला अब एक बड़े कूटनीतिक और राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने इस मामले के जांच अधिकारी (IO) और अयोध्या के डीएसपी आशुतोष तिवारी को एक औपचारिक पत्र लिखा है। इस पत्र में आलोक कुमार ने विपक्ष के प्रमुख नेताओं— अरविंद केजरीवाल, प्रियंका गांधी वाड्रा, संजय सिंह और राम गोपाल यादव के बयानों का हवाला देते हुए पुलिस से उनके बयान दर्ज करने की मांग की है।

इस पत्र के सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने वीएचपी और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा पलटवार किया है।

1. आलोक कुमार के पत्र में क्या है? (नेताओं से सबूत मांगने की अपील)

वरिष्ठ वकील और वीएचपी नेता आलोक कुमार ने अपने पत्र में दलील दी है कि चूंकि विपक्षी नेताओं ने सार्वजनिक मंचों पर चढ़ावा चोरी की राशि को लेकर बड़े और विशिष्ट दावे किए हैं, इसलिए जांच के तहत उनसे पूछताछ जरूरी है:

  • अलग-अलग दावों का जिक्र: पत्र में अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह, राम गोपाल यादव और प्रियंका गांधी वाड्रा के उन बयानों को रेखांकित किया गया है, जिनमें उन्होंने चोरी की गई चंदे की राशि के अलग-अलग आंकड़े पेश किए थे।

  • तथ्यात्मक आधार की मांग: आलोक कुमार ने डीएसपी आशुतोष तिवारी से अनुरोध किया है कि वे इन सभी नेताओं को जांच में शामिल करें, उनके आधिकारिक बयान दर्ज करें और उनसे पूछें कि उनके इन गंभीर आरोपों का तथ्यात्मक आधार, सूचना का मुख्य स्रोत और संबंधित दस्तावेज क्या हैं, ताकि उन्हें पुलिस रिकॉर्ड में शामिल किया जा सके।

मामले की मौजूदा स्थिति:

राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से दर्ज कराई गई आधिकारिक एफआईआर (FIR) के बाद अयोध्या पुलिस इस मामले में अब तक आठ अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चुकी है और उनसे पूछताछ जारी है।

2. "आलोक जी ने सरेंडर कर दिया"— आम आदमी पार्टी का तीखा पलटवार

वीएचपी के इस कदम पर आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और मंत्री सौरभ भारद्वाज की बेहद तीखी प्रतिक्रिया आई है। भारद्वाज ने वीएचपी पर तंज कसते हुए कहा कि यह कदम दिखाता है कि वे अपनी ही संस्था के लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं:

  • चंपत राय का हवाला: सौरभ भारद्वाज ने कहा, "अगर वीएचपी की नीयत साफ होती, तो वे कहते कि विश्व हिंदू परिषद के भीतर ही ऐसे कई लोग हैं जो इस चंदा चोरी के बारे में सच बताना चाहते हैं। आखिर राम मंदिर ट्रस्ट में शामिल चंपत राय और अन्य लोग उनकी ही संस्था (VHP) से निकलकर वहां पहुंचे हैं।"

  • विपक्ष को गवाह बनाने पर तंज: उन्होंने आगे कहा कि वीएचपी ने अपनी जांच या मांग में बीजेपी, आरएसएस (RSS) या वीएचपी के किसी भी व्यक्ति को गवाह के तौर पर पेश नहीं किया। गवाह भी बनाना है तो विपक्षी दलों के नेताओं को बना रहे हैं। इसका सीधा मतलब है कि आलोक जी ने सरेंडर कर दिया है और वह खुद मान चुके हैं कि उनकी अपनी संस्था के लोग इस चंदा चोरी के मामले में कहीं भी गवाह बनने की हिम्मत नहीं दिखाएंगे।

बेबाक24 टेक

राम मंदिर का चढ़ावा सिर्फ एक वित्तीय विषय नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों हिंदुओं की आस्था और भावना से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है। ऐसे में वहां से किसी भी तरह की चोरी या हेरफेर होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वीएचपी अध्यक्ष आलोक कुमार का पुलिस को पत्र लिखकर विपक्षी नेताओं के बयानों का आधार मांगना कूटनीतिक रूप से एक 'काउंटर-अटैक' की तरह है। राजनीति का यह पुराना नियम है कि जब आप पर आरोप लगें, तो आप आरोप लगाने वाले से ही सबूत मांगकर गेंद उसके पाले में डाल दें।

'बेबाक24' का मानना है कि सौरभ भारद्वाज का यह पलटवार भी राजनीतिक रूप से धारदार है। ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों का नाता संघ और वीएचपी से रहा है, इसलिए विपक्ष इस मामले में सीधे उनके बैकग्राउंड पर निशाना साध रहा है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के तहत अगर किसी राजनेता ने सार्वजनिक रूप से चोरी की रकम के विशिष्ट आंकड़े (जैसे इतने करोड़ या उतने करोड़) का दावा किया है, तो पुलिस अधिकारी जांच के दायरे को मुकम्मल करने के लिए उनसे जानकारी मांग ही सकते हैं। अब देखना यह होगा कि क्या अयोध्या पुलिस इन चारों बड़े नेताओं को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाती है, या यह मामला महज एक राजनीतिक बयानबाजी का जरिया बनकर रह जाता है।



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