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"गंभीर के रहते टीम मैच और दिशा दोनों खो रही है"— भारत की हार के बाद कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी का मुख्य कोच और हर्षित राणा पर तीखा हमला

by admin@bebak24.com on | 2026-07-05 21:24:13

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"गंभीर के रहते टीम मैच और दिशा दोनों खो रही है"— भारत की हार के बाद कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी का मुख्य कोच और हर्षित राणा पर तीखा हमला

स्पोर्ट्स डेस्क (बेबाक24): इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 4 विकेट से करारी शिकस्त के बाद अब क्रिकेट के मैदान का तनाव राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने वकील अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Manu Singhvi) ने भारतीय टीम के हालिया प्रदर्शन को लेकर मुख्य कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) की रणनीति और भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सिंघवी ने न सिर्फ कोच के रवैये की आलोचना की, बल्कि प्लेइंग इलेवन में तेज गेंदबाज हर्षित राणा को लगातार मिल रहे मौकों को लेकर भी टीम मैनेजमेंट को कटघरे में खड़ा किया है।

1. "सिर्फ प्रतिष्ठा के दम पर टीम को कोच नहीं किया जा सकता"— सिंघवी का गंभीर पर वार

शनिवार को इंग्लैंड से मिली हार और उससे पहले आयरलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में 2-0 से मिली करारी शिकस्त के बाद रविवार (5 जुलाई 2026) को अभिषेक मनु सिंघवी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर टीम इंडिया के 'गंभीर युग' पर तीखा प्रहार किया:

अभिषेक मनु सिंघवी का आधिकारिक बयान:

"गौतम गंभीर के कोच रहते हुए भारतीय क्रिकेट टीम मैच के साथ-साथ अपनी दिशा भी खोती हुई नज़र आ रही है. इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मिली हार एक बार फिर याद दिलाती है कि सिर्फ़ प्रतिष्ठा के दम पर किसी टीम को कोच नहीं किया जा सकता."

2. हर्षित राणा के चयन पर उठाए सवाल— "जवाबदेही को वैकल्पिक नहीं बना सकते"

अभिषेक मनु सिंघवी का गुस्सा सिर्फ कोच गंभीर तक ही सीमित नहीं रहा, उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के समय से ही गंभीर के पसंदीदा खिलाड़ियों में शुमार रहे तेज गेंदबाज हर्षित राणा के बार-बार टीम में चयन किए जाने के फैसले को 'पक्षपात' से जोड़ते हुए सवाल दागा।

सिंघवी ने अपने पोस्ट में आगे लिखा:

"एक सवाल लगातार बना हुआ है. आखिर हर्षित राणा टीम को ऐसा क्या दे रहे हैं कि उन्हें बार-बार मौक़ा दिया जा रहा है? जवाबदेही को वैकल्पिक नहीं बनाया जा सकता."

3. लगातार हार से बैकफुट पर भारतीय टीम

भारतीय टीम के लिए साल 2026 का यह सीजन अब तक काफी उतार-चढ़ाव भरा और चिंताजनक रहा है:

  • आयरलैंड सीरीज की शर्मनाक हार: भारत इस दौरे से ठीक पहले आयरलैंड जैसी कमजोर मानी जाने वाली टीम के खिलाफ टी-20 सीरीज 2-0 से हार चुका है।

  • इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का समीकरण: इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का पहला मैच बारिश के कारण बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो गया था, और अब दूसरे मैच में हार के बाद भारतीय टीम सीरीज में 1-0 से पिछड़ चुकी है।

बेबाक24 टेक

क्रिकेट और राजनीति का नाता भारत में बेहद पुराना है, और जब मुख्य कोच खुद गौतम गंभीर जैसा पूर्व बीजेपी सांसद और बेबाक व्यक्तित्व हो, तो हार के बाद राजनीतिक छींटाकशी होना लाजिमी है। अभिषेक मनु सिंघवी का यह बयान भले ही एक राजनीतिज्ञ की तरफ से आया हो, लेकिन क्रिकेट के तकनीकी चश्मे से देखें तो उनके सवालों में कुछ हद तक दम जरूर नजर आता है। आयरलैंड के खिलाफ 2-0 की ऐतिहासिक हार और अब इंग्लैंड के सामने 190 रन बनाने के बावजूद गेंदबाजों के लचर प्रदर्शन (विशेषकर रवि बिश्नोई के 29 रन वाले ओवर और हर्षित राणा के महंगे स्पेल) ने गंभीर के 'मेंटरशिप और कोचिंग मॉडल' पर सवाल तो खड़े कर दिए हैं।

'बेबाक24' का मानना है कि आईपीएल की कप्तानी या मेंटरशिप में सफलता पाना एक अलग बात है, लेकिन नेशनल टीम का मुख्य कोच बनने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रयोग करना और पसंदीदा खिलाड़ियों (जैसे हर्षित राणा) को बार-बार बैक करना भारी पड़ सकता है, खासकर तब जब बेंच पर अन्य प्रतिभावान गेंदबाज अपनी बारी का इंतजार कर रहे हों। सिंघवी का यह कहना बिल्कुल सही है कि 'जवाबदेही को वैकल्पिक नहीं बनाया जा सकता।' गंभीर को अपनी प्रतिष्ठा से इतर अब ऑन-फील्ड रणनीतियों और टीम के बॉलिंग कॉम्बिनेशन में तुरंत सुधार करना होगा, नहीं तो साल 2026 का यह सीजन उनके कोचिंग करियर के लिए एक बड़ा दाग साबित हो सकता है।



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