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इतिहास रचने वाले वैभव सूर्यवंशी का निर्भीक आगाज: संजू सैमसन की जगह मिला मौका; सचिन और शेफाली का रिकॉर्ड तोड़ बने भारत के सबसे युवा टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेटर

by admin@bebak24.com on | 2026-07-05 11:39:27

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इतिहास रचने वाले वैभव सूर्यवंशी का निर्भीक आगाज: संजू सैमसन की जगह मिला मौका; सचिन और शेफाली का रिकॉर्ड तोड़ बने भारत के सबसे युवा टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेटर

स्पोर्ट्स डेस्क (बेबाक24): भारतीय क्रिकेट में शनिवार (4 जुलाई 2026) का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया, जब मैनचेस्टर के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मुकाबले में एक 15 वर्षीय लड़के ने नीली जर्सी पहनकर इतिहास रच दिया। बिहार से ताल्लुक रखने वाले युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखते ही 'क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर और महिला टीम की विस्फोटक ओपनर शेफाली वर्मा, दोनों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया।

हालांकि, इस ऐतिहासिक मुकाबले में भारत को 4 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा। कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 190 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसे इंग्लैंड ने जैकब बेथेल की 46 गेंदों में 76 रनों की नाबाद तूफानी पारी के दम पर 19वें ओवर में ही हासिल कर लिया।

1. सचिन से लेकर शेफाली तक... उम्र के मामले में सबको पीछे छोड़ा

वैभव सूर्यवंशी अब मेन्स और विमेंस दोनों क्रिकेट को मिलाकर भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं।

  • सचिन का रिकॉर्ड टूटा: सचिन तेंदुलकर ने साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ जब अपना ऐतिहासिक टेस्ट डेब्यू किया था, तब उनकी उम्र 16 साल 205 दिन थी। वैभव ने महज 15 साल 99 दिन की उम्र में यह कारनामा कर दिखाया।

  • शेफाली वर्मा को पछाड़ा: इससे पहले भारत के लिए सबसे कम उम्र में डेब्यू का रिकॉर्ड महिला क्रिकेटर शेफाली वर्मा के नाम था, जिन्होंने 2019 में 15 साल 289 दिन की उम्र में पहला मैच खेला था। वैभव अब उनसे भी आगे निकल गए हैं।

2. 10 गेंदें, 14 रन और 2 गगनचुंबी छक्के: दबाव को किया हवा

अभिषेक शर्मा (43 रन) के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे वैभव की पहली अंतरराष्ट्रीय पारी भले ही लंबी नहीं खिंच सकी, लेकिन उन्होंने अपने तेवरों से दुनिया को ट्रेलर दिखा दिया:

  • निडर बल्लेबाजी: वैभव ने 10 गेंदों का सामना करते हुए 14 रन बनाए। इस छोटी सी पारी के दौरान उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के दो शानदार छक्के जड़े।

  • स्टंप आउट हुए: उनकी आक्रामक पारी का अंत तब हुआ जब इंग्लैंड के स्पिनर विल जैक्स की गेंद पर विकेटकीपर जोस बटलर ने उन्हें चालाकी से स्टंप आउट कर दिया।

  • ईशान-अभिषेक की पारियां: भारत के लिए सबसे ज्यादा 49 रन विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने बनाए, जिनकी बदौलत भारत 190 के स्कोर तक पहुंच सका। भारत की ओर से गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने सबसे ज्यादा 3 विकेट चटकाए।

3. संजू सैमसन की लगातार नाकामी ने खोला वैभव के लिए रास्ता

टॉस से ठीक पहले उप-कप्तान तिलक वर्मा ने वैभव को उनकी ऐतिहासिक 'डेबू कैप' सौंपी। दरअसल, पिछले मैच तक टीम मैनेजमेंट और बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले सीनियर खिलाड़ियों (संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा) को बैक करने की बात कह रहे थे। लेकिन संजू सैमसन की पिछली तीन पारियों में लगातार नाकामी (5, 0 और 1 रन) के चलते सेलेक्टर्स और कप्तान को यह कड़ा फैसला लेना पड़ा।

कप्तान श्रेयस अय्यर का भरोसा:

"वैभव बिल्कुल भी दबाव नहीं लेता। वह बिना घबराए खेलता है और उसका स्वभाव बेहद शांत है। नेट्स में उसकी बल्लेबाजी देखकर ही उसके गजब के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व का अंदाजा लगाया जा सकता है। उसने यह जगह अपने दम पर हासिल की है।"

4. आईपीएल 2026 के 'रॉकस्टार': जब सोबर्स और लारा से होने लगी तुलना

वैभव को टीम इंडिया में शामिल करने के पीछे उनका घरेलू और आईपीएल 2026 (IPL 2026) का वो तूफानी प्रदर्शन है, जिसने सिलेक्टर्स को मजबूर कर दिया:

  • आईपीएल में तबाही: वैभव ने आईपीएल 2026 के 16 मैचों में 237.30 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन कूटे, जिसके लिए उन्हें ऑरेंज कैप, मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP) और इमर्जिंग प्लेयर के अवॉर्ड से नवाजा गया।

  • दिग्गजों की झलक: क्रिकइन्फो और अनुभवी क्रिकेट जानकारों के मुताबिक, इतनी कम उम्र में ऐसा बल्ला चलाते हुए केवल ब्रायन लारा को देखा गया था। कइयों को उनके शॉट्स में महान गैरी सोबर्स और ग्रीम पोलॉक की झलक दिखाई देती है।

  • कपिल देव का बड़ा बयान: पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने खेल पत्रकार विक्रांत गुप्ता के पॉडकास्ट में कहा, "वैभव सूर्यवंशी एक असाधारण खिलाड़ी हैं। उनमें उतनी ही प्रतिभा है, जितनी विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर में है। जब खिलाड़ी तैयार हो, तो उसकी उम्र मत देखो, उसकी क्षमता देखो।"

बेबाक24 टेक

भले ही भारत यह मैच हार गया हो, लेकिन 'बेबाक24' वैभव सूर्यवंशी के इस निर्भीक और बेबाक डेब्यू को भारतीय क्रिकेट के एक नए स्वर्णिम युग की शुरुआत मानता है। सुनील गावस्कर, रवि शास्त्री और माइकल वॉन जैसे दिग्गज लगातार सवाल उठा रहे थे कि वैभव को बेंच पर बैठाकर उन पर मानसिक दबाव क्यों बनाया जा रहा है। मोर्ने मोर्कल की 'सीनियरिटी और वर्ल्ड कप विनर' वाली थ्योरी को दरकिनार कर संजू सैमसन की जगह वैभव को उतारना बिल्कुल सही और समय की मांग के अनुरूप फैसला था।

15 साल के एक बच्चे के लिए इंग्लैंड की धरती पर जोफ्रा आर्चर और आदिल रशीद जैसे अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों का सामना करना किसी बुरे सपने जैसा हो सकता था, लेकिन पहली ही पारी में 10 गेंदों के भीतर 2 छक्के ठोककर वैभव ने यह साफ कर दिया कि वह यहां सिर्फ रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज कराने नहीं, बल्कि गेंदबाजों पर राज करने आए हैं। कपिल देव की यह बात बिल्कुल सच है कि प्रतिभा के सामने उम्र महज एक नंबर है। यदि भारत को टी-20 क्रिकेट के इस तेजी से बदलते प्रारूप में साल 2026 में विश्व क्रिकेट पर राज करना है, तो वैभव जैसे निडर 'इमर्जिंग स्टार्स' को लंबी रेस का घोड़ा बनाना ही होगा।



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