ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
ताजा खबर ताजा खबर

"कला और संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति"— पंडवानी क्वीन डॉ. तीजन बाई के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया गहरा शोक

by admin@bebak24.com on | 2026-07-05 11:55:33

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3000


"कला और संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति"— पंडवानी क्वीन डॉ. तीजन बाई के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया गहरा शोक

नेशनल डेस्क (बेबाक24): छत्तीसगढ़ की प्रख्यात लोक कलाकार और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई के रविवार तड़के हुए दुखद निधन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने तीजन बाई के कलात्मक सफर की सराहना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान बताया है।

प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

पीएम मोदी ने 'एक्स' पर क्या लिखा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीजन बाई की अनूठी पंडवानी गायिकी और उनके द्वारा लोक कला को वैश्विक ऊंचाइयों पर ले जाने के प्रयासों को याद किया:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आधिकारिक शोक संदेश:

"सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस लोक कला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका जाना कला एवं संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति!"

वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ का गौरव थीं तीजन बाई

पंडवानी कला को गांव की चौपालों से निकालकर पेरिस, लंदन और न्यूयॉर्क जैसे वैश्विक मंचों तक पहुंचाने वाली तीजन बाई पिछले काफी समय से बीमार थीं। 70 वर्ष की आयु में उन्होंने रायपुर के एम्स (AIIMS) में अपनी अंतिम सांस ली।

छत्तीसगढ़ के भिलाई के गनियारी गांव में जन्मीं तीजन बाई ने महज 13 साल की उम्र में समाज की रूढ़ियों को तोड़ते हुए तंबूरा हाथ में थामा था। कला के क्षेत्र में उनके इसी अप्रतिम, साहसी और ऐतिहासिक योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से विभूषित किया था।

बेबाक24 टेक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह शोक संदेश केवल एक औपचारिक श्रद्धांजलि नहीं है, बल्कि यह तीजन बाई द्वारा भारतीय लोक संस्कृति को दिए गए उस अद्वितीय गौरव की स्वीकारोक्ति है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। 'बेबाक24' का मानना है कि तीजन बाई छत्तीसगढ़ की माटी की वो बेबाक और बुलंद आवाज थीं, जिन्होंने अपनी कापालिक शैली के जरिए महाभारत के प्रसंगों को पूरी दुनिया के सामने जीवंत कर दिया। प्रधानमंत्री का यह कहना बिल्कुल सटीक है कि उनका जाना 'अपूरणीय क्षति' है, क्योंकि लोक कलाओं के इस आधुनिक और डिजिटल युग में तीजन बाई जैसा अद्वितीय समर्पण, ऊर्जा और कड़कड़ाती आवाज का मिल पाना अब नामुमकिन है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment