ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
खेल खेल

"मिडिल ओवर्स में विकेट गंवाना और नो-बॉल का महापाप भारत को ले डूबा"— इंग्लैंड से हार पर भड़के लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर

by admin@bebak24.com on | 2026-07-05 11:54:39

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3000


"मिडिल ओवर्स में विकेट गंवाना और नो-बॉल का महापाप भारत को ले डूबा"— इंग्लैंड से हार पर भड़के लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर

स्पोर्ट्स डेस्क (बेबाक24): इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 4 विकेट से करारी हार के बाद क्रिकेट जगत में आत्ममंथन का दौर शुरू हो गया है। महान बल्लेबाज और पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने टीम इंडिया की इस हार पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए भारतीय खिलाड़ियों को उनकी बुनियादी और बचकानी गलतियों के लिए आड़े हाथों लिया है।

सोनी स्पोर्ट्स (Sony Sports) के एक विशेष कार्यक्रम में बातचीत करते हुए गावस्कर ने उन मुख्य कमियों को उजागर किया, जिसने मैच को भारत की मुट्ठी से फिसलकर इंग्लैंड के पाले में डाल दिया।

1. "मिडिल ओवर्स में विकेट गंवाना पड़ रहा है भारी, वरना बनते 200+ रन"

सुनील गावस्कर के मुताबिक, भारतीय टीम की सबसे बड़ी कमजोरी बल्लेबाजी के दौरान बीच के ओवरों (Middle Overs) में देखने को मिल रही है, जहां सेट होने के बाद बल्लेबाज अपने विकेट थ्रो कर रहे हैं:

  • 200 रनों का आंकड़ा छूने से चूके: गावस्कर ने कहा, "मुझे लगता है कि भारतीय टीम को बीच के ओवरों में थोड़ा बेहतर और समझदारी से खेलना होगा। वे लगातार अपने विकेट बीच के ओवरों में गंवा रहे हैं। यही मुख्य वजह है जो भारत को बोर्ड पर 200 या 200 से ज्यादा रन टांगने से रोक रही है।"

  • चुनौतीपूर्ण स्कोर का गणित: उन्होंने आगे समझाया कि आज के दौर में 200 या 210 रनों का स्कोर हमेशा विपक्षी टीम के लिए एक कड़ा मानसिक दबाव और चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा करता है। भारत ने 190 रन बनाए, जो एक अच्छा स्कोर था, लेकिन मिडिल ओवर्स की सुस्ती के कारण वे 15-20 रन शॉर्ट रह गए।

2. "जो चीजें कंट्रोल में हैं, उनमें गलतियां करना बर्दाश्त के बाहर"

लिटिल मास्टर ने लेग स्पिनर रवि बिश्नोई के उस आत्मघाती 17वें ओवर का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने 2 नो-बॉल समेत 29 रन लुटा दिए। उन्होंने खिलाड़ियों के पोस्ट-मैच बयानों पर तंज कसते हुए कहा:

  • कंट्रोल वाली चीजों पर ध्यान दें: गावस्कर ने दोटूक लहजे में कहा, "190 रन भी एक चुनौतीपूर्ण स्कोर रहा है, लेकिन रवि बिश्नोई के उस एक ओवर में नो-बॉल आईं और 29 रन चले गए। भारतीय खिलाड़ियों को इन सामान्य और बुनियादी गलतियों से हर हाल में बचना होगा।"

  • इंटरव्यू के बयानों पर कसा तंज: उन्होंने खिलाड़ियों की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा, "ऐसा कई बार हुआ है जब आप मैच के बाद इंटरव्यू में आकर बड़े आराम से कह देते हैं कि 'मैं सिर्फ वही चीज कर सकता हूं जो मेरे कंट्रोल (नियंत्रण) में है'। तो भाई, आपको मैदान पर वो करना होगा जो आपके कंट्रोल में है! नो-बॉल न फेंकना आपके कंट्रोल में है। जब आप वो बुनियादी चीजें भी सही नहीं करते, तभी टीम मैच हारती है।"

विपक्षी टीम के खेल पर गावस्कर:

"स्पष्ट तौर पर चाहे वह बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी, भारत को हर पल गेम में पूरी तरह बने रहना होगा। अगर विपक्षी टीम का कोई खिलाड़ी (जैसे जैकब बेथेल) असाधारण खेल दिखाता है, तो आप कुछ नहीं कर सकते, उसकी तारीफ करनी होगी। लेकिन अपनी गलतियों को रोकना तो पूरी तरह आपके हाथ में है।"

बेबाक24 टेक

सुनील गावस्कर का यह गुस्सा और विश्लेषण शत-प्रतिशत व्यावहारिक है। अक्सर आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ी 'प्रोसेस' और 'नियंत्रण वाली चीजें' जैसे भारी-भरकम शब्दों का इस्तेमाल करके अपनी ऑन-फील्ड गलतियों को छुपाने की कोशिश करते हैं। गावस्कर ने इसी ढुलमुल रवैये पर सीधा और बेबाक प्रहार किया है। ईशान किशन के 49 और अभिषेक शर्मा के 43 रनों के बाद यदि भारतीय मिडिल ऑर्डर गैर-जिम्मेदाराना शॉट्स खेलकर ताश के पत्तों की तरह न बिखरता, तो भारत आसानी से 210 रनों के पार जा सकता था।

'बेबाक24' का मानना है कि टी-20 इंटरनेशनल जैसे उच्चतम स्तर पर एक स्पिनर द्वारा लगातार नो-बॉल फेंकना किसी भी बहाने से जायज नहीं ठहराया जा सकता। जब कप्तान श्रेयस अय्यर और कोच साल 2026 के इस सीजन में टीम को नए सिरे से तैयार कर रहे हैं, तो उन्हें सीनियर खिलाड़ियों की इन 'स्किल-बेस्ड' लापरवाहियों पर सख्त रुख अपनाना होगा, अन्यथा कागजों पर मजबूत दिखने वाली यह भारतीय टीम बड़े दौरों पर केवल इंटरव्यू में ही मैच जीतती नजर आएगी।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment