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सऊदी अरब में भीषण हादसा: अरामको तेल कंपनी का हेलीकॉप्टर क्रैश, कम से कम 14 लोगों की दर्दनाक मौत

by admin@bebak24.com on | 2026-06-28 19:53:33

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सऊदी अरब में भीषण हादसा: अरामको तेल कंपनी का हेलीकॉप्टर क्रैश, कम से कम 14 लोगों की दर्दनाक मौत

रियाद/रास तानूरा: फ्रांस में हुए विमान हादसे के बाद अब मिडिल ईस्ट से भी एक बड़ी और दर्दनाक विमानन दुर्घटना की खबर आ रही है। सऊदी अरब के पूर्वी तट पर स्थित प्रमुख तेल हब रास तानूरा (Ras Tanura) में रविवार को दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी 'सऊदी अरामको' (Saudi Aramco) का एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, इस भीषण हादसे में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है

सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय के सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले सभी लोग सऊदी अरब के ही नागरिक थे, जिनमें कंपनी के कर्मचारी और क्रू मेंबर्स शामिल हैं।

1. युद्ध के बाद अभी शुक्रवार को ही शुरू हुआ था काम

इस हादसे की टाइमिंग और इसकी जगह को लेकर खाड़ी देशों में चिंता की लहर है। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में चल रहे ईरान युद्ध के कारण सुरक्षा कारणों से अरामको कंपनी ने पिछले चार महीनों से रास तानूरा में अपने काम को पूरी तरह से बंद कर रखा था।

हाल ही में स्थिति थोड़ी नियंत्रित होने के बाद, बीते शुक्रवार को ही रास तानूरा टर्मिनल पर कच्चे तेल (Crude Oil) की लोडिंग का काम दोबारा बहाल किया गया था। लेकिन काम शुरू होने के महज दो दिन भीतर ही कंपनी को इस बड़े हादसे का सामना करना पड़ा है।

2. दुर्घटना का कारण स्पष्ट नहीं; जांच के आदेश

सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) और अरामको के सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि हेलीकॉप्टर ने रास तानूरा ऑयल टर्मिनल के पास से नियमित उड़ान भरी थी, जिसके बाद वह अचानक नियंत्रण खोकर क्रैश हो गया।

  • जांच शुरू: हालांकि दुर्घटना का वास्तविक कारण अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन सऊदी सरकार ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

  • क्या कोई साजिश है? ईरान के साथ चल रहे मौजूदा तनाव और एक दिन पहले ही होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी हमलों और बहरीन में ड्रोन हमलों की पृष्ठभूमि को देखते हुए, जांच एजेंसियां तकनीकी खराबी के साथ-साथ किसी भी तरह की बाहरी या संदेहास्पद गतिविधि (साजिश) के एंगल से भी मामले की जांच कर रही हैं।

बेबाक24 टेक

रास तानूरा में हुआ यह हेलीकॉप्टर क्रैश सऊदी अरब के लिए केवल एक मानवीय क्षति नहीं है, बल्कि कूटनीतिक और आर्थिक मोर्चे पर भी इसके गहरे मायने हैं। रास तानूरा दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल के लोडिंग टर्मिनल्स में से एक है। चार महीने के युद्ध जनित प्रतिबंधों और सन्नाटे के बाद शुक्रवार को ही यहां काम शुरू हुआ था, ताकि वैश्विक तेल सप्लाई चेन को दोबारा सुधारा जा सके। ऐसे संवेदनशील समय पर अरामको के हेलीकॉप्टर का क्रैश होना वैश्विक तेल बाजारों में भी घबराहट पैदा कर सकता है।

चूंकि यह क्षेत्र ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव का मुख्य केंद्र रहा है, इसलिए इस क्रैश को लेकर अफवाहों का बाजार भी गर्म है। यदि जांच में यह महज एक तकनीकी खराबी साबित होती है, तो भी अरामको को अपने वीआईपी और स्टाफ ट्रांसपोर्टेशन की सुरक्षा पर दोबारा विचार करना होगा। लेकिन यदि इसमें किसी भी प्रकार की बाहरी संलिप्तता या 'युद्ध की आंच' का कोई सुराग मिलता है, तो खाड़ी देशों में कच्चे तेल की राजनीति और सैन्य तनाव एक बेहद खतरनाक मोड़ ले सकता है।



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