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"दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने भीतर झांके": कराची हमले में भारत पर लगे आरोपों को विदेश मंत्रालय ने किया सिरे से खारिज

by admin@bebak24.com on | 2026-06-28 19:47:44

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"दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने भीतर झांके": कराची हमले में भारत पर लगे आरोपों को विदेश मंत्रालय ने किया सिरे से खारिज

नई दिल्ली: कराची में शनिवार रात रेंजर्स कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से भारत पर मढ़े गए आरोपों का भारत सरकार ने बेहद कड़ा और मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने पाकिस्तानी सेना के दावों को पूरी तरह 'निराधार' और मनगढ़ंत बताते हुए साफ लफ्जों में खारिज कर दिया है।

भारत ने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा है कि वह अपनी नाकामियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने के बजाय अपने देश में फल-फूल रहे आतंकी ढांचे के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई करे।

1. पाकिस्तानी सेना (ISPR) ने बयान में क्या कहा था?

दरअसल, शनिवार रात कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में 'पाकिस्तान रेंजर्स सिंध' के कैंप पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 3 सुरक्षाकर्मी मारे गए और जवाबी कार्रवाई में 3 आतंकी ढेर हुए थे। इस घटना के बाद पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक बेहद आपत्तिजनक पोस्ट साझा किया।

ISPR ने अपने आधिकारिक बयान में बिना किसी सबूत के भारत का नाम घसीटते हुए लिखा:

"क्षेत्र में किसी दूसरे 'भारतीय प्रायोजित आतंकवाद' (Indian-Sponsored Terrorism) को समाप्त करने के लिए बड़े पैमाने पर सैनिटाइजेशन ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।"

2. विदेश मंत्रालय का करारा पलटवार: "आतंकवाद को राज्य नीति बनाना बंद करे पाक"

पाकिस्तानी सेना के इस झूठे प्रोपेगैंडा पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 'एक्स' पर भारत सरकार का आधिकारिक रुख साझा करते हुए इस्लामाबाद को उसकी असलियत दिखाई।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अपने कड़े बयान में कहा:

  • आरोप स्पष्ट रूप से खारिज: "हमने कराची में हाल ही में हुई घटना के संबंध में भारत पर लगाए गए पाकिस्तानी रिपोर्टों के निराधार आरोपों को देखा है। हम उन्हें स्पष्ट रूप से और पूरी तरह खारिज करते हैं।"

  • आत्मनिरीक्षण की सलाह: "दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय, पाकिस्तान को अपने भीतर झांकना चाहिए और अपनी सरजमीं पर मौजूद आतंकवादी ढांचे के खिलाफ ठोस व विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए।"

  • स्टेट पॉलिसी पर प्रहार: भारत ने पाकिस्तान की सबसे बड़ी कमजोरी पर चोट करते हुए कहा कि उसे "आतंकवाद को राज्य नीति (State Policy) के एक साधन के रूप में अपनाने की अपनी पुरानी प्रवृत्ति से खुद को मुक्त करना चाहिए।"

3. अपनी ही थ्योरी में फंसा पाकिस्तान: हमलावर निकला अफगान नागरिक

दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ पाकिस्तानी सेना इस हमले के पीछे 'भारतीय हाथ' होने का राग अलाप रही है, वहीं दूसरी तरफ खुद ISPR ने ही सुबह बयान जारी कर बताया था कि मुठभेड़ के दौरान जिस एक आतंकी को घायल अवस्था में जिंदा गिरफ्तार किया गया है, वह एक अफगान नागरिक है। इस हमले की जिम्मेदारी भी पाकिस्तान के भीतर ही सक्रिय प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन जमात-उल-अहरार ने ली है। ऐसे में खुद पाकिस्तानी एजेंसियों के विरोधाभासी बयान उसके अंतरराष्ट्रीय प्रोपेगैंडा की पोल खोल रहे हैं।

बेबाक24 टेक

पाकिस्तान की यह पुरानी फितरत रही है कि जब भी उसकी धरती पर कोई बड़ा आतंकी हमला होता है या उसकी सुरक्षा एजेंसियां विफल साबित होती हैं, तो वह अपनी जनता का ध्यान भटकाने के लिए तुरंत 'भारत कार्ड' खेल देता है। कराची के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले रेंजर्स कैंप पर हमला होना पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र की बहुत बड़ी नाकामी है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का यह जवाब कूटनीतिक रूप से बेहद नपा-तुला और आक्रामक है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर पाकिस्तान को आतंकवाद के 'जनक' के रूप में बेनकाब किया है। जब खुद पाकिस्तान यह मान रहा है कि पकड़ा गया आतंकी अफगान नागरिक है और हमला उनके अपने पालतू संगठन जमात-उल-अहरार ने किया है, तो उसमें भारत का नाम घसीटना हास्यास्पद और तर्कहीन है। भारत ने साफ कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति (State Policy) का हिस्सा बनाना बंद नहीं करेगा, तब तक वह खुद अपनी ही बोई हुई कटीली फसल काटता रहेगा और ऐसे हमलों से दहलता रहेगा।



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