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"जिन्होंने रामभक्तों पर गोली चलवाई, वे अयोध्या की चिंता न करें": अखिलेश के संकल्प पर सीएम योगी का तीखा पलटवार

by admin@bebak24.com on | 2026-06-28 19:44:41

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"जिन्होंने रामभक्तों पर गोली चलवाई, वे अयोध्या की चिंता न करें": अखिलेश के संकल्प पर सीएम योगी का तीखा पलटवार

हाथरस/लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में 'अयोध्या' एक बार फिर सबसे बड़ा सियासी अखाड़ा बन गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा आगामी सरकार में अयोध्या को 'अनुपम धार्मिक नगरी' बनाने के संकल्प पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद तीखा और आक्रामक पलटवार किया है।

रविवार को हाथरस में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने सपा के इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, उन्हें अयोध्या की चिंता करने के बजाय अपने कर्मों का पश्चाताप करना चाहिए।

1. अखिलेश यादव ने क्या लिया था संकल्प?

इस पूरे सियासी विवाद की शुरुआत शनिवार को हुई, जब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (Twitter) पर एक पोस्ट के जरिए बड़ा चुनावी और धार्मिक दांव खेला।

अखिलेश यादव ने लिखा था:

"हम धर्मनिष्ठता और सत्यनिष्ठता के साथ ये संकल्प लेते हैं कि नई सरकार बनाकर ‘अयोध्या’ को एक ऐसी अनुपम-अनुकरणीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करेंगे, जहाँ दुनिया भर से आए श्रद्धालु सच्ची आध्यात्मिकता का अद्वितीय अनुभव करेंगे।"

2. "पहले पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल के लिए जाता था" — सीएम योगी

अखिलेश यादव के इस 'धार्मिक हृदय परिवर्तन' पर चुटकी लेते हुए सीएम योगी ने हाथरस की धरती से सपा के पुराने कार्यकाल पर करारा हमला बोला। योगी आदित्यनाथ ने कहा:

  • गोलीकांड का इतिहास: "अखिलेश जी, आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे? आप जरा अपना इतिहास देखिए। अयोध्या में रामभक्तों पर गोली आपके लोगों ने ही चलाई थी, आपकी सरकार ने ही चलवाई थी।"

  • बजट का डायवर्जन: सीएम योगी ने विकास कार्यों की तुलना करते हुए कहा, "हाथरस में हमारी सरकार ने 22 से ज्यादा मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया है। क्या यह समाजवादी पार्टी के समय संभव था? उस समय संभव नहीं था क्योंकि तब सरकारी पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल के लिए जाता था, जिसे हमने अब मंदिरों के विकास की ओर डायवर्ट कर दिया है।"

3. सीएम योगी की सलाह: "अयोध्या सज चुकी है, आप सिर्फ दर्शन कर लें"

मुख्यमंत्री ने सपा प्रमुख को नसीहत देते हुए कहा कि अयोध्या को सजाने और संवारने का काम रामभक्तों और वर्तमान सरकार ने बहुत पहले ही पूरा कर दिया है, इसलिए उन्हें अब इसकी फिक्र करने की जरूरत नहीं है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा:

"अखिलेश जी, अयोध्या की चिंता मत करिए, बल्कि इतिहास में जो हुआ उसके लिए पश्चाताप कीजिए। और हां, एक बार समय निकालकर रामलला के दर्शन कर लीजिए, इससे आपको भगवान एक बार फिर सद्बुद्धि देंगे।"

बेबाक24 टेक

उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह बयानबाजी साफ संकेत दे रही है कि आने वाले चुनावों में भी 'अयोध्या' और 'हिंदुत्व' का मुद्दा सबसे ऊपर रहने वाला है। अखिलेश यादव का अयोध्या को लेकर किया गया ट्वीट यह दिखाता है कि समाजवादी पार्टी अब अपनी पुरानी 'मुस्लिम-यादव' (MY) छवि से बाहर निकलकर बहुसंख्यक हिंदू मतदाताओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है। वे सॉफ्ट हिंदुत्व (Soft Hindutva) के रास्ते पर चलकर बीजेपी के सबसे मजबूत गढ़ में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

लेकिन, बीजेपी और सीएम योगी आदित्यनाथ इस पिच पर बैकफुट पर जाने वाले नहीं हैं। योगी ने तुरंत 1990 के मुलायम सिंह यादव सरकार के समय हुए 'कारसेवक गोलीकांड' की याद दिलाकर अखिलेश के इस 'धर्मनिष्ठता' वाले दांव को निष्प्रभावी करने की कोशिश की है। 'कब्रिस्तान बनाम मंदिर' का नैरेटिव सेट करके योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर अपने कोर वोट बैंक को एकजुट करने का संदेश दिया है। अखिलेश के लिए चुनौती यह होगी कि वे अतीत के इन आरोपों का सामना करते हुए खुद को एक 'रामभक्त' और विकासोन्मुखी नेता के रूप में कैसे स्थापित कर पाते हैं।



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