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"अकाल तख्त की सर्वोच्चता सर्वोपरि": 29 जून को पेश होंगे AAP के विधायक और मंत्री, सीएम भगवंत मान बोले- नियम के मुताबिक रखेंगे पक्ष

by admin@bebak24.com on | 2026-06-28 19:43:11

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"अकाल तख्त की सर्वोच्चता सर्वोपरि": 29 जून को पेश होंगे AAP के विधायक और मंत्री, सीएम भगवंत मान बोले- नियम के मुताबिक रखेंगे पक्ष

अमृतसर: पंजाब की सियासत और सिख धार्मिक मामलों को लेकर एक बहुत बड़ा घटनाक्रम सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को अमृतसर में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान सीएम मान ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी के सभी सिख विधायक और मंत्री सोमवार (29 जून) को सिख धर्म की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश होंगे और अपना पक्ष रखेंगे।

अकाल तख्त साहिब द्वारा पंजाब कैबिनेट और राज्य के सभी राजनीतिक दलों के सिख विधायकों को तलब किए जाने के बाद सरकार की तरफ से यह आधिकारिक बयान आया है।

1. क्या है पूरा मामला और क्यों किया गया है तलब?

यह पूरा विवाद पंजाब विधानसभा द्वारा हाल ही में पास किए गए एक धार्मिक कानून से जुड़ा हुआ है।

  • विवादित कानून: पंजाब विधानसभा ने 13 अप्रैल 2026 को 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026' पास किया था, जिसे कुछ ही दिनों बाद राज्यपाल (गवर्नर) की मंजूरी भी मिल गई थी।

  • अकाल तख्त की आपत्ति: श्री अकाल तख्त साहिब ने इस बात पर कड़ा ऐतराज जताया है कि सिखों के धार्मिक मामलों और मर्यादा से जुड़ा इतना बड़ा कानून सिख धार्मिक संस्थाओं या अकाल तख्त से बिना कोई सलाह-मशविरा किए कैसे पारित कर दिया गया। इसी का जवाब मांगने के लिए सभी सिख विधायकों और मंत्रियों को 29 जून को पेश होने का निर्देश दिया गया है।

2. "राष्ट्रपति का कार्यक्रम छोड़ मैं खुद गया था" — सीएम भगवंत मान

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार धार्मिक मर्यादा का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने कहा:

"हमारे विधायकों और मंत्रियों को कल श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होकर सर्वोच्च धार्मिक प्राधिकरण के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। जिन-जिन को तलब किया गया है, वे सभी वहां उपस्थित होंगे। हम श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को सर्वोपरि मानते हैं।"

अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए सीएम मान ने एक पुराना वाकया याद दिलाया कि जब उन्हें पहले बुलाया गया था, तब वे देश के राष्ट्रपति के कार्यक्रम को छोड़कर अकाल तख्त साहिब में उपस्थित हुए थे।

3. लिखित स्पष्टीकरण भी सौंपेंगे मंत्री

भगवंत मान ने आगामी रणनीति को लेकर बताया कि जिन मंत्रियों और विधायकों से व्यक्तिगत रूप से बात करने को कहा गया है, वे अकाल तख्त के जत्थेदार के सामने अपनी बात रखेंगे। इसके अलावा, कुछ मंत्रियों से केवल लिखित स्पष्टीकरण (Written Explanation) मांगा गया है, जो नियमानुसार कल वहां सौंप दिया जाएगा। मान ने कहा कि वहां से बाहर निकलने के बाद हमारे मंत्री मीडिया को आगे के घटनाक्रम की पूरी जानकारी देंगे।

बेबाक24 टेक

पंजाब की सियासत में अकाली दल हो या कांग्रेस या फिर अब आम आदमी पार्टी, अकाल तख्त साहिब की धार्मिक और सामाजिक ताकत को कोई भी चुनौती नहीं दे सकता। 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन बिल 2026' को विधानसभा से पास कराना भगवंत मान सरकार का एक बड़ा विधाई कदम था, लेकिन सिखों की सर्वोच्च संस्था को विश्वास में न लेना अब उनके लिए गले की हड्डी बन गया है।

भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का रविवार को अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करना और यह साफ करना कि उनके विधायक अकाल तख्त के सामने 'सेंडर' मोड में पेश होंगे, यह दिखाता है कि आम आदमी पार्टी पंजाब में किसी भी तरह के धार्मिक असंतोष का जोखिम नहीं लेना चाहती। पंजाब में 'पंथिक' राजनीति का मिजाज बहुत संवेदनशील है। ऐसे में अकाल तख्त के सामने झुकना सरकार की मजबूरी भी है और रणनीति भी। देखना होगा कि 29 जून की इस धार्मिक पेशी के बाद जत्थेदार का क्या रुख रहता है, क्योंकि यह फैसला पंजाब सरकार के इस नए कानून के भविष्य को तय करेगा।



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