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अपने ही मंत्रालय से केंद्रीय मंत्री को मिली 99 लाख की सब्सिडी; भागीरथ चौधरी बोले- 'मैं किसान हूँ'

by admin@bebak24.com on | 2026-06-27 20:43:45

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अपने ही मंत्रालय से केंद्रीय मंत्री को मिली 99 लाख की सब्सिडी; भागीरथ चौधरी बोले- 'मैं किसान हूँ'

नई दिल्ली/अजमेर: केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को अपने ही मंत्रालय की एक योजना के तहत अपने निजी खेत के लिए 99 लाख रुपये की सब्सिडी मिलने का एक बेहद दिलचस्प और राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामला सामने आया है। विपक्ष और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर सवाल उठने के बाद, केंद्रीय मंत्री ने खुद सामने आकर इस पर अपनी सफाई दी है और कहा है कि उन्होंने कुछ भी गलत या छिपाकर नहीं किया है।

भागीरथ चौधरी राजस्थान की अजमेर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद हैं और वर्तमान में केंद्र सरकार में कृषि राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

1. क्यों मिली 99 लाख रुपये की सब्सिडी?

केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि यह सब्सिडी उन्हें एक किसान होने के नाते नियमों के तहत मिली है, न कि मंत्री पद के प्रभाव के कारण:

  • पॉलीहाउस का निर्माण: उन्होंने अपने गांव के खेत में उन्नत किस्म की खेती के लिए एक 'पॉलीहाउस' (Polyhouse) लगाया है।

  • पानी की भारी कमी: भागीरथ चौधरी के अनुसार, उनके क्षेत्र में जमीन के नीचे पानी का स्तर बिल्कुल खत्म हो चुका है। पॉलीहाउस लगाने की सबसे बड़ी वजह यह है कि इसकी छत पर बारिश का पानी (Rainwater Harvesting) इकट्ठा हो जाता है, जिससे वे पूरे साल अपनी फसलों की सिंचाई करते हैं।

  • क्या उगाते हैं मंत्री जी: वे इस पॉलीहाउस में आधुनिक और उन्नत कृषि तकनीकों के जरिए खीरे, टमाटर और शिमला मिर्च जैसी नकदी फसलों की खेती करते हैं।

2. "2018 में किया था आवेदन, खेत पर लगा है लोन-सब्सिडी का बोर्ड"

अपने ऊपर लग रहे आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री ने पारदर्शिता का हवाला दिया:

"मैंने कुछ भी नहीं छिपाया है। देश के हजारों किसान पॉलीहाउस लगा रहे हैं और सरकार से नियमानुसार सब्सिडी ले रहे हैं, उसी योजना के तहत मैंने भी ली थी। इसके लिए मैंने साल 2018 में (मंत्री बनने से बहुत पहले) अप्लाई किया था। मैंने अपने खेत पर एक बड़ा बोर्ड भी लगाया है, जिसमें मेरे द्वारा लिए गए सभी लोन और सब्सिडी का साफ-साफ जिक्र है।"

उन्होंने आगे कहा कि वे बचपन से ही खेती-बाड़ी से जुड़े रहे हैं और आज भी वे अपने खेत पर अन्य किसानों को नई कृषि तकनीकों, आधुनिक तौर-तरीकों और प्राकृतिक खेती (Natural Farming) की बाकायदा ट्रेनिंग भी देते हैं।

बेबाक24 टेक

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री को अपने ही मंत्रालय की योजना से 99 लाख रुपये की भारी-भरकम सब्सिडी मिलना नैतिक रूप से भले ही सुर्खियां बटोर रहा हो, लेकिन कानूनी और तकनीकी रूप से मंत्री की सफाई में दम नजर आता है। भागीरथ चौधरी ने साफ किया कि उन्होंने इसके लिए साल 2018 में आवेदन किया था, जब वे केंद्र में मंत्री नहीं थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देश के किसानों से पारंपरिक खेती छोड़कर पॉलीहाउस, ड्रिप इरिगेशन और रेनवाटर हार्वेस्टिंग जैसी आधुनिक तकनीकें अपनाने की अपील करते रहे हैं; ऐसे में एक जनप्रतिनिधि का खुद इसे अपने खेत पर लागू करना और उसका विवरण सार्वजनिक बोर्ड पर लिखना पारदर्शिता को दर्शाता है।

हालांकि, इस मामले ने इस बहस को जरूर हवा दे दी है कि क्या संवैधानिक पदों पर बैठे संपन्न राजनेताओं को उन सरकारी सब्सिडियों का लाभ लेना चाहिए जो मूल रूप से गरीब या मध्यम वर्ग के किसानों को संबल देने के लिए बनाई गई हैं। कूटनीतिक और राजनीतिक रूप से विपक्ष इस मुद्दे को 'हितों के टकराव' (Conflict of Interest) के रूप में भुनाने की कोशिश जरूर करेगा, लेकिन ऑन-रिकॉर्ड और पारदर्शी प्रक्रिया होने के कारण मंत्री को कानूनी रूप से घेरना मुश्किल होगा।



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