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"सुपरस्टार कल्चर नहीं चलेगा!" सूर्यवंशी को ड्रॉप करने पर बोले आर अश्विन

by admin@bebak24.com on | 2026-06-27 14:24:33

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"सुपरस्टार कल्चर नहीं चलेगा!" सूर्यवंशी को ड्रॉप करने पर बोले आर अश्विन

चेन्नई/बेलफास्ट: आयरलैंड के खिलाफ शुक्रवार (26 जून 2026) को बेलफास्ट में खेले गए पहले टी20 मैच में भारतीय क्रिकेट के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। उनके डेब्यू का बेसब्री से इंतजार कर रहे क्रिकेट फैंस इस फैसले से थोड़े निराश जरूर थे, लेकिन पूर्व दिग्गज भारतीय स्पिनर आर. अश्विन ने टीम मैनेजमेंट और कोच गौतम गंभीर के इस फैसले का पुरजोर समर्थन किया है।

अपने यूट्यूब चैनल 'ऐश की बात' पर बात करते हुए अश्विन ने दो टूक शब्दों में कहा कि क्रिकेट एक टीम गेम है और यहां किसी एक व्यक्ति विशेष या सुपरस्टार कल्चर के लिए जगह नहीं होनी चाहिए।

1. "अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने क्या गलती की है?"

अश्विन ने टीम के मौजूदा ओपनिंग कॉम्बिनेशन का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि जो खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उनके साथ अन्याय नहीं किया जा सकता:

  • ओपनर्स का मजबूत प्रदर्शन: अश्विन ने कहा, "संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने एक साथ ओपनिंग बैटिंग की है। संजू ने वर्ल्ड कप में भी बहुत बढ़िया किया। अगर इन दोनों में से किसी को बाहर बिठाकर वैभव सूर्यवंशी को खिलाया जाता है, तो टीम गेम कहने का मतलब क्या है?"

  • सुपरस्टार कल्चर पर गंभीर का रुख: मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीति का जिक्र करते हुए अश्विन ने कहा कि टीम को हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने माना कि 'सुपरस्टार' खेल की ब्रांड वैल्यू बढ़ाने और इसे बेचने के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि परफॉर्म कर रहे अन्य खिलाड़ियों को नजरअंदाज कर दिया जाए।

2. "टीम की सेवा करने दो, पानी पिलाने दो—इसमें शर्म कैसी?"

अश्विन ने वैभव के फैंस को सलाह देते हुए कहा कि एक महान खिलाड़ी बनने की प्रक्रिया में ड्रेसिंग रूम और बेंच पर समय बिताना भी उतना ही महत्वपूर्ण है:

"मैं जानता हूं कि आप सब वैभव सूर्यवंशी के फैंस हैं, वह बहुत बड़ा एंटरटेनर है। लेकिन किसी भी कीमत पर (खिलाड़ियों को ड्रॉप करके) नहीं। बहुत बार बाहर बैठकर मैच देखने की भी अपनी वैल्यू होती है। उसे बाहर बैठने दो, टीम की सेवा करने दो, पानी पिलाने दो। इसमें सीखने को बहुत सारी चीजें मिलेंगी।"

3. सचिन तेंदुलकर जैसा इतिहास दोहरा सकते हैं वैभव

अश्विन ने यह भी साफ किया कि बाहर बैठना कोई शर्म की बात नहीं है, बल्कि यह खिलाड़ी को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है:

  • रातों-रात कोई महान नहीं बनता: अश्विन के मुताबिक, कोई भी खिलाड़ी रातों-रात लीजेंड नहीं बनता। वैभव अभी बेहद युवा हैं और उनका भविष्य उज्जवल है।

  • सचिन का उदाहरण: उन्होंने उम्मीद जताई कि, "हो सकता है कि वैभव सूर्यवंशी को जब आगे एक बार मौका मिले, तो वह फिर कभी भी टीम से ड्रॉप न हों—बिल्कुल वैसा ही जैसा महान सचिन तेंदुलकर के साथ हुआ था। अभी टीम में जगह नहीं है, लेकिन जब जगह बनेगी वह जरूर खेलेगा।"

बेबाक24 टेक

आर. अश्विन का यह बयान भारतीय क्रिकेट की जमीनी हकीकत और ड्रेसिंग रूम के कड़े अनुशासन को दर्शाता है। ठीक यही बात मैच से पहले बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने भी कही थी कि किसी को मौका देने के लिए परफॉर्म कर रहे खिलाड़ी के साथ अन्याय नहीं किया जा सकता। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसे इन-फॉर्म बल्लेबाजों को ड्रॉप करके महज 15 साल के वैभव को सीधे प्लेइंग इलेवन में डालना एक गलत मिसाल कायम करता, जो गौतम गंभीर के 'टीम फर्स्ट' (Team First) वाले कड़े सिद्धांतों के खिलाफ है।

अश्विन की यह बात बिल्कुल व्यावहारिक है कि बेंच पर बैठकर सीनियर खिलाड़ियों को देखना, ड्रिंक्स ले जाना और अंतरराष्ट्रीय स्तर के दबाव को भांपना भी सीखने की प्रक्रिया का एक बड़ा हिस्सा है। सचिन तेंदुलकर बनने के लिए केवल बल्ले की रफ्तार काफी नहीं होती, बल्कि धैर्य भी उतना ही जरूरी है। फैंस को समझना होगा कि वैभव का समय आएगा, और जब आएगा तो वह लंबे समय तक टीम इंडिया पर राज करेंगे।



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