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'सीएम मान पर दर्ज हो बेअदबी की पहली FIR': राघव चड्ढा की बड़ी मांग

by admin@bebak24.com on | 2026-06-25 20:13:28

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'सीएम मान पर दर्ज हो बेअदबी की पहली FIR': राघव चड्ढा की बड़ी मांग

चंडीगढ़/अमृतसर: पंजाब की सियासत में 'बेअदबी कानून' और मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े एक कथित वायरल वीडियो को लेकर राजनीतिक घमासान चरम पर पहुंच गया है। हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक बड़ा हमला बोला है। उन्होंने मांग की है कि पंजाब में लागू नए बेअदबी कानून के तहत पहली एफआईआर (FIR) खुद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ दर्ज की जानी चाहिए।

राघव चड्ढा ने राज्य सरकार द्वारा जारी की गई फॉरेंसिक रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से तुरंत इस्तीफे की मांग की है।

क्या है पूरा विवाद? अकाल तख्त की बैठक और वायरल वीडियो

इस पूरे राजनीतिक विवाद की जड़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान से कथित रूप से जुड़ा एक वायरल वीडियो है, जिसको लेकर पंजाब के धार्मिक और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी:

  • अकाल तख्त का कड़ा रुख: बीते 15 जून को इस वीडियो के मामले को लेकर सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था 'अकाल तख्त साहिब' में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक के बाद जत्थेदार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को सख्त शब्दों में 'गुरु दोखी' (गुरु का दोषी) और 'पंथ विरोधी' घोषित किया था।

  • AAP और सीएम का पलटवार: आम आदमी पार्टी और खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए वीडियो को पूरी तरह 'फर्जी' (फेक) और उन्हें बदनाम करने की एक राजनीतिक साजिश करार दिया था।

फॉरेंसिक रिपोर्ट पर घमासान: गुरुग्राम में दो हिरासत में

मामले को शांत करने के लिए पंजाब सरकार ने दो अलग-अलग फॉरेंसिक रिपोर्ट सार्वजनिक की थीं, जिसमें दावा किया गया था कि वायरल वीडियो पूरी तरह एडिटेड है और इसका मुख्यमंत्री मान से कोई संबंध नहीं है। लेकिन अब यह रिपोर्ट खुद विवादों के घेरे में आ गई है:

  • गुरुग्राम पुलिस का एक्शन: बीजेपी शासित हरियाणा के गुरुग्राम की पुलिस ने इस मामले में एक बड़ा कदम उठाते हुए दो युवकों को हिरासत में लिया है।

  • फर्जी रिपोर्ट का दावा: पुलिस का दावा है कि पंजाब सरकार द्वारा पेश की गई फॉरेंसिक रिपोर्ट असल में फर्जी है और इन दोनों युवकों से दबाव या मिलीभगत के जरिए इसे तैयार करवाया गया था।

फर्जी रिपोर्ट के सहारे असली वीडियो छिपा रही सरकार: राघव चड्ढा

गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई के बाद भाजपा नेता राघव चड्ढा ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री भगवंत मान को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:

“भगवंत मान और आम आदमी पार्टी को असली वीडियो के सच को जनता से छिपाने के लिए एक फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट का सहारा लेना पड़ा। यह बेहद गंभीर मामला है। इस पूरी जालसाजी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मुख्यमंत्री को अपने पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। पंजाब के नए बेअदबी कानून की पहली एफ़आईआर खुद सीएम के ख़िलाफ़ होनी चाहिए।”

बेबाक24 टेक

पंजाब की राजनीति में बेअदबी एक बेहद संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दा रहा है, जिसने पहले भी सूबे की कई सरकारें बदली हैं। ऐसे में नए बेअदबी कानून के तहत खुद मुख्यमंत्री को घेरना विपक्ष की एक बेहद आक्रामक और सोची-समझी रणनीति है। आम आदमी पार्टी के कभी सबसे प्रमुख रणनीतिकार रहे राघव चड्ढा का ठीक दो महीने पहले पाला बदलकर भाजपा में शामिल होना और अब सीधे मुख्यमंत्री पर हमलावर होना यह दिखाता है कि वे पंजाब में भाजपा की जमीन मजबूत करने के लिए 'आप' के हर लूपहोल (कमजोरी) का बखूबी इस्तेमाल कर रहे हैं।

तकनीकी रूप से देखें तो यह मामला अब पंजाब बनाम हरियाणा पुलिस की कूटनीतिक लड़ाई में बदल चुका है। एक तरफ पंजाब सरकार फॉरेंसिक रिपोर्ट दिखाकर मुख्यमंत्री को क्लीन चिट दे रही है, तो दूसरी तरफ हरियाणा (गुरुग्राम) पुलिस उस रिपोर्ट को ही फर्जी बताकर आरोपियों को दबोच रही है। अकाल तख्त साहिब द्वारा मुख्यमंत्री को 'पंथ विरोधी' घोषित किए जाने के बाद भगवंत मान पहले ही धार्मिक मोर्चे पर बैकफुट पर थे, और अब गुरुग्राम पुलिस के इस नए खुलासे ने आम आदमी पार्टी की 'इमानदार और पारदर्शी' छवि पर एक बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है।



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