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बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी को मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा, टूरिस्ट वीज़ा भी किया बहाल

by admin@bebak24.com on | 2026-06-25 19:53:47

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बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी को मिला कैबिनेट मंत्री का दर्जा, टूरिस्ट वीज़ा भी किया बहाल

ढाका/नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच बीते दो वर्षों से जारी कूटनीतिक उतार-चढ़ाव के बीच एक बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। बांग्लादेश में भारत के नवनियुक्त उच्चायुक्त (हाई कमिश्नर) दिनेश त्रिवेदी ने गुरुवार (25 जून) को ढाका में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालते ही उन्होंने दोनों देशों के नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा करते हुए दो साल बाद फिर से टूरिस्ट वीज़ा (पर्यटन वीज़ा) शुरू करने का एलान किया है।

इसके साथ ही, भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) ने एक विशेष आदेश जारी करते हुए नवनियुक्त उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी को केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष (कैबिनेट रैंक) का दर्जा प्रदान किया है।

कैबिनेट समकक्ष दर्जे पर गृह मंत्रालय का स्पष्टीकरण

दिनेश त्रिवेदी की वरिष्ठता और उनके राजनीतिक कद को देखते हुए सरकार ने उन्हें यह विशेष सम्मान दिया है। हालांकि, गृह मंत्रालय ने इस दर्जे को लेकर कुछ तकनीकी और प्रशासनिक सीमाएं भी तय की हैं:

  • केवल प्रोटोकॉल तक सीमित: गृह मंत्रालय के अनुसार, दिनेश त्रिवेदी को मिला यह कैबिनेट मंत्री का दर्जा केवल विशिष्ट प्रोटोकॉल संबंधी समारोहों और आधिकारिक आयोजनों तक ही सीमित रहेगा।

  • अधिकारों में कोई बदलाव नहीं: मंत्रालय ने साफ किया है कि इस फैसले से उनके किसी भी संवैधानिक या प्रशासनिक अधिकारों में कोई बदलाव नहीं होगा और न ही इससे उच्चायुक्त पद की स्थायी वैधानिक स्थिति पर कोई असर पड़ेगा।

  • व्यक्तिगत सम्मान: यह दर्जा त्रिवेदी को उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और व्यक्तिगत आधार पर दिया गया है, जो भविष्य के अन्य उच्चायुक्तों के लिए कोई स्थायी नियम या मिसाल नहीं होगा।

त्रिवेदी का राजनीतिक सफर: रेल मंत्री से उच्चायुक्त तक

76 वर्षीय दिनेश त्रिवेदी भारत के उन चुनिंदा राजनेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्हें विदेश में उच्चायुक्त या राजदूत जैसी महत्वपूर्ण राजनयिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। आम तौर पर इन पदों पर आईएफएस (IFS) अधिकारियों की नियुक्ति होती है।

  • संसदीय अनुभव: दिनेश त्रिवेदी भारतीय संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्य रह चुके हैं।

  • केंद्रीय मंत्री का अनुभव: वे यूपीए (UPA) सरकार के दौरान डॉ. मनमोहन सिंह की कैबिनेट में केंद्रीय रेल मंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री जैसी बड़ी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

  • राजनीतिक बदलाव: साल 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, उन्होंने ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया था।

बेबाक24 टेक

दिनेश त्रिवेदी की ढाका में बतौर उच्चायुक्त नियुक्ति और उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जाना नई दिल्ली की 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) नीति के तहत एक बेहद सोची-समझी राजनीतिक और कूटनीतिक चाल है। बांग्लादेश के साथ पिछले दो सालों में संबंधों में जो ठहराव या खटास आई थी, उसे दूर करने के लिए सरकार को किसी ब्यूरोक्रेट (अधिकारी) के बजाय एक ऐसे मंझे हुए राजनेता की जरूरत थी, जिसके पास सीधा राजनीतिक संवाद करने का अनुभव हो। पश्चिम बंगाल से ताल्लुक रखने के कारण त्रिवेदी बांग्लादेश की संस्कृति, भाषा और वहां के मिजाज को बेहतर समझते हैं, जिसका फायदा द्विपक्षीय वार्ता में मिलेगा।

कार्यभार संभालते ही टूरिस्ट वीज़ा बहाल करने का उनका फैसला ढाका की जनता और वहां के व्यापारिक वर्ग के बीच भारत की छवि को मजबूत करने का एक बेहतरीन 'मास्टरस्ट्रोक' है। वहीं, उन्हें कैबिनेट मंत्री के समकक्ष दर्जा देना बांग्लादेश सरकार को यह कूटनीतिक संदेश देना है कि भारत इस समय बांग्लादेश के साथ अपने रिश्तों को कितनी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। प्रोटोकॉल की यह मजबूती दिनेश त्रिवेदी को ढाका के शीर्ष नेतृत्व के साथ सीधे और प्रभावी ढंग से बातचीत करने का एक बड़ा मंच प्रदान करेगी।



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