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पुलिस को कुचलने चले थे 'यमराज के सौदागर', चंदौली पुलिस ने डिवाइडर से लड़ाकर स्कॉर्पियो के उड़ाए परखच्चे! 4 गोवंश बरामद, दो तस्कर दबोचे

by on | 2026-06-24 12:15:07

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पुलिस को कुचलने चले थे 'यमराज के सौदागर', चंदौली पुलिस ने डिवाइडर से लड़ाकर स्कॉर्पियो के उड़ाए परखच्चे! 4 गोवंश बरामद, दो तस्कर दबोचे

चंदौली:

चंदौली में कानून को अपनी जेब में समझने वाले और बेजुबानों के खून से अपनी तिजोरी भरने वाले दो शातिर गौ-तस्करों का घमंड चंदौली पुलिस ने चकनाचूर कर दिया है। यूपी-बिहार बॉर्डर के पास सैयदराजा पुलिस को देखते ही इन तस्करों ने फिल्मी स्टाइल में सीधे पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाकर उन्हें कुचलने की कोशिश की। लेकिन कहते हैं न कि 'बकरे की अम्मा कब तक खैर मनाएगी', तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सीधे डिवाइडर और रेलिंग से जा टकराई। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए घेराबंदी की और दोनों तस्करों को दबोचकर हवालात की हवा खिला दी।

​ हाईवे पर हाई-वोल्टेज ड्रामा: पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने का दुस्साहस

​मामला एनएच-2 हाईवे स्थित नौबतपुर तिराहे का है। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के कड़े निर्देश पर थानाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्रा अपनी टीम के साथ मुस्तैदी से संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो आती दिखी। पुलिस ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो उसमें बैठे अपराधियों के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं। पकड़े जाने के डर से ड्राइवर ने गाड़ी रोकने के बजाय उसकी रफ्तार और बढ़ा दी और सीधे चेकिंग कर रहे पुलिसकर्मियों की तरफ गाड़ी मोड़ दी।

​गनीमत रही कि पुलिसकर्मियों ने सूझबूझ दिखाई और किनारे हट गए। रफ्तार इतनी बेकाबू थी कि स्कॉर्पियो सीधे डिवाइडर और लोहे की रेलिंग को तोड़ते हुए क्रैश हो गई। इसके बाद पुलिस टीम ने तस्करों को हिलने तक का मौका नहीं दिया।

​ जौनपुर से बिहार का 'नेटवर्क': 7 हजार रुपये के लिए बेजुबानों पर क्रूरता

​जब पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो की तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया। लग्जरी गाड़ी के भीतर क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए एक गाय और तीन बैलों (कुल 4 गोवंश) को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। इसके अलावा गाड़ी से एक धारदार चापड़, दो मोबाइल फोन और नकदी बरामद हुई है।

गिरफ्तार तस्करों का बहीखाता:

किशन यादव (निवासी: कैमूर, बिहार) – यह गैंग का मुख्य मोहरा है, जिस पर पहले से ही गोवंश तस्करी, जालसाजी और गैंगस्टर एक्ट जैसे कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं।


दिनेश यादव (निवासी: गाजीपुर, यूपी)

​पूछताछ में इन अपराधियों ने कबूला कि ये गोवंशों को जौनपुर से समेटकर बिहार ले जा रहे थे। वहां इन्हें किसी बड़े सिंडिकेट को यह खेप सौंपनी थी। इस घिनौने काम के बदले इन्हें प्रति चक्कर 7-7 हजार रुपये मिलते थे। पैसों की हवस में ये बेजुबानों की जान दांव पर लगा रहे थे।

कब थमेगा लग्जरी गाड़ियों में तस्करी का ये गंदा खेल?

​यह कोई पहला मामला नहीं है जब गो-तस्करों ने पुलिस को कुचलने की हिमाकत की हो। लेकिन चंदौली पुलिस की मुस्तैदी ने साफ कर दिया है कि खाकी पर हाथ डालने वालों का अंजाम क्या होता है। फिलहाल सैयदराजा पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, बीएनएस (BNS) और आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।

​अब देखना यह है कि पुलिस इन प्यादों के जरिए जौनपुर और बिहार में बैठे उन 'बड़े मगरमच्छों' तक कब पहुंचती है, जो इस पूरे काले कारोबार को ऑपरेट कर रहे हैं।



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