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बहू को बेल, पर ढह गया रसूख का महल! इलाहाबाद हाईकोर्ट से विजय मिश्रा की बहू रूपा को मिली जमानत

by on | 2026-06-24 01:25:22

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बहू को बेल, पर ढह गया रसूख का महल! इलाहाबाद हाईकोर्ट से विजय मिश्रा की बहू रूपा को मिली जमानत


​भदोही ।जमानत तो मिल गई, पर रसूख का किला ढह चुका है! बाहुबल और रसूख के दम पर कभी पूर्वांचल की सियासत और जमीनों पर कब्जा जमाने वाले पूर्व विधायक और चिन्हित माफिया विजय मिश्रा के परिवार को एक और बड़ा झटका लगा है। हालांकि, इस बार राहत की खबर बहू के लिए आई है, लेकिन पूरे कुनबे की मुश्किलें रत्ती भर भी कम नहीं हुई हैं।

​रिश्तेदार की जमीन और फर्म हड़पने के मामले में चार साल की सजा काट रही विजय मिश्रा की बहू रूपा मिश्रा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस समीर जैन की अदालत ने 22 जून को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद रूपा मिश्रा की जमानत अर्जी को मंजूर कर लिया।

​ क्या था पूरा मामला?

​यह पूरा सिंडिकेट साल 2020 में तब बेनकाब होना शुरू हुआ, जब गोपीगंज थाने में कौलापुर के रहने वाले कृष्णमोहन तिवारी ने एक शिकायत दर्ज कराई। आरोप था कि बाहुबली विजय मिश्रा और उसके कुनबे ने मिलकर उनकी पैतृक संपत्ति और व्यावसायिक फर्म पर जबरन कब्जा कर लिया।

शुरुआती नामजदगी: एफआईआर में सिर्फ बाहुबली विजय मिश्रा और उसके बेटे विष्णु मिश्रा का नाम था।


जांच में खुले राज: जब पुलिस ने विवेचना की परतें खोलीं, तो इस खेल में विजय मिश्रा की पत्नी रामलली मिश्रा और बहू रूपा मिश्रा के नाम भी सामने आए।


​पूरा परिवार जेल में, 'बाहुबल' की उलटी गिनती

​भदोही की एमपी-एमएलए कोर्ट ने इसी मामले में पूर्व विधायक विजय मिश्रा, उसकी पत्नी रामलली मिश्रा और बेटे विष्णु मिश्रा को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, बहू रूपा मिश्रा को 4 साल की सजा मिली थी, जिसे अब हाईकोर्ट से बेल मिली है।

बेबाक टिप्पणी: कभी पूर्वांचल की सत्ता के गलियारों में जिसके नाम का सिक्का चलता था, आज उस माफिया का पूरा परिवार जेल की सलाखों के पीछे है। रसूख ऐसा था कि विजय मिश्रा ज्ञानपुर से 4 बार विधायक रहा, जिला पंचायत अध्यक्ष बना। पत्नी रामलली एमएलसी और जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं। लेकिन जब कानून का चाबुक चला, तो सिंडिकेट ताश के पत्तों की तरह ढह गया।

​1 अरब की संपत्ति कुर्क, 80 से ज्यादा मुकदमे

​विजय मिश्रा पिछले लगभग 6 साल से आगरा की सेंट्रल जेल में बंद है। रंगदारी, सिंगर से रेप, हत्या और जमीनों पर कब्जे जैसे 80 से अधिक गंभीर मुकदमे उसके खिलाफ दर्ज हैं। उत्तर प्रदेश शासन and भदोही पुलिस की चौतरफा कार्रवाई के तहत अब तक इस माफिया की 1 अरब रुपये से अधिक की बेनामी और अवैध संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।

​बहू रूपा मिश्रा को कोर्ट से जमानत भले मिल गई हो, लेकिन भदोही और पूर्वांचल में विजय मिश्रा के उस 'खौफ और साम्राज्य' का अंत हो चुका है, जिसकी कहानी कभी रंगदारी और बाहुबल से लिखी जाती थी।



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