ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
राष्ट्रीय राष्ट्रीय

CJP प्रमुख का शिक्षा मंत्री को 7 दिनों का अल्टीमेटम, देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

by admin@bebak24.com on | 2026-06-07 21:48:05

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3272


CJP प्रमुख का शिक्षा मंत्री को 7 दिनों का अल्टीमेटम, देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

नई दिल्ली | नीट (NEET) और अन्य मुख्य परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर शुरू हुआ 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का आंदोलन अब और आक्रामक रूप अख्तियार करता जा रहा है। जंतर-मंतर पर हुए ऐतिहासिक प्रदर्शन के अगले दिन, रविवार (7 जून) को CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए 7 दिनों का नया अल्टीमेटम जारी कर दिया है।

दीपके ने साफ कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ भी दिखा, वह तो महज एक 'ट्रेलर' था। यदि तय समयसीमा के भीतर शिक्षा मंत्री को पद से नहीं हटाया गया, तो यह छात्र आंदोलन दिल्ली से निकलकर पूरे देश में फैल जाएगा।

'यह तो सिर्फ ट्रेलर था': सोशल मीडिया पर दीपके का बड़ा दावा

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर शनिवार के आंदोलन को बेहद सफल और ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने लिखा:

"कल हजारों लोगों ने मिलकर एक नया इतिहास रचा। जंतर-मंतर पर हमारे शांतिपूर्ण प्रदर्शन ने सरकार को यह दिखा दिया कि जब आम जनता और युवा एकजुट होते हैं, तो उसमें कितनी ताकत होती है। यह भारी भीड़ देश की लचर शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ छात्रों के संचित गुस्से का प्रतीक है।"

भीषण गर्मी में पहली बार सड़कों पर उतरा युवा

इस आंदोलन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें पारंपरिक प्रदर्शनकारियों के बजाय आम छात्र और युवा नजर आए:

  • पहली बार भागीदारी: प्रदर्शन में शामिल होने वाले अधिकांश छात्र, नौजवान और यहां तक कि बच्चे भी पहली बार किसी राजनीतिक या सामाजिक आंदोलन का हिस्सा बने थे।

  • मौसम की चुनौती: दिल्ली की भीषण गर्मी और तपती धूप के बावजूद युवाओं का हौसला कम नहीं हुआ। दीपके के मुताबिक, इस सामूहिक उपस्थिति ने डरे हुए छात्रों को एक नई हिम्मत दी है, जिससे वे व्यवस्था के खिलाफ खुलकर बोल पा रहे हैं।

आर-पार की जंग: पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा आंदोलन

सीजेपी प्रमुख ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर देश की पूरी एक पीढ़ी का भविष्य दांव पर लगाने और उसे बर्बाद करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने आगे की रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा:

  • जमीन पर उतरेगा आंदोलन: अगर अगले 7 दिनों में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं आता है, तो संगठन देश के हर राज्य और हिस्से में जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा।

  • अहिंसा ही हथियार: दीपके ने अपने समर्थकों से साफ कहा है कि आगामी पूरा अभियान पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अहिंसक रहेगा। उनका मानना है कि एक अनुशासित और शांतिपूर्ण आंदोलन को कोई भी सरकार दबा नहीं सकती।

सोनम वांगचुक सहित दिग्गजों का मिला साथ

जंतर-मंतर पर आयोजित इस सभा में केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों से भी छात्र, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता पहुंचे थे। इस आंदोलन को प्रख्यात पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी पुरजोर समर्थन मिला। मंच से सरकार को घेरते हुए वांगचुक ने कहा कि युवाओं और छात्रों की ये चिंताएं बेहद गंभीर और जायज हैं। सरकार को बिना किसी अहंकार के तुरंत इन नौजवानों की बात सुननी चाहिए और पारदर्शी कदम उठाने चाहिए।

Bebak24 टेक

अभिजीत दीपके द्वारा '7 दिनों का अल्टीमेटम' दिया जाना यह दिखाता है कि CJP अब इस आंदोलन की तपिश को ठंडा नहीं होने देना चाहती। शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद भले ही प्रदर्शन जल्दी खत्म हो गया हो और आलोचकों ने इसे 'डिजिटल चमक का फीका पड़ना' कहा हो, लेकिन रविवार को 'देशव्यापी आंदोलन' का बिगुल फूंककर दीपके ने अपनी आक्रामक रणनीति साफ कर दी है।

पहली बार सड़कों पर उतरने वाले गैर-राजनीतिक छात्रों की यह भीड़ सरकार के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय होनी चाहिए, क्योंकि इन्हें किसी स्थापित राजनीतिक एजेंडे से जोड़कर खारिज करना आसान नहीं होगा। सोनम वांगचुक जैसे बेदाग चेहरे का साथ मिलना इस आंदोलन की विश्वसनीयता को और मजबूत करता है। अब देखना यह है कि क्या सरकार इस 7 दिनों की समयसीमा में कोई ठोस प्रशासनिक कदम उठाती है या फिर 13 जून को जंतर-मंतर पर युवाओं का एक और बड़ा रेला देखने को मिलेगा।



Search
Recent News
Popular News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment