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गाजीपुर पुलिस का बड़ा धमाका, 50 हजारी विशाल यादव अपने गुर्गों संग दबोचा गया!

by on | 2026-02-10 20:20:53

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गाजीपुर पुलिस का बड़ा धमाका, 50 हजारी विशाल यादव अपने गुर्गों संग दबोचा गया!

गाजीपुर | कानून के हाथ लंबे होते हैं, यह कहावत आज गाजीपुर में सच साबित हुई है। कासिमाबाद के चर्चित दीपक राजभर हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने न केवल मुख्य आरोपी और 50 हजार के इनामी विशाल यादव को धर दबोचा है, बल्कि उसके दो जिगरी साथियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

टोडार ग्राम में घेराबंदी: भागने की कोशिश हुई नाकाम

बेबाक 24 को मिली जानकारी के मुताबिक, प्रभारी निरीक्षक राजनरायन अपनी टीम के साथ टोडार ग्राम में चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाया। हत्यारा विशाल यादव उर्फ छोटक और उसका साथी सौरभ यादव पुलिस के हत्थे चढ़ गए। इतना ही नहीं, पुलिस ने दबिश देकर तीसरे आरोपी धनन्जय राजभर को उसके घर बेलसड़ी से उठा लिया।

आला कत्ल बरामद: अब होगी 'हत्यारों' की मुकम्मल खातिरदारी

पुलिस की सख्ती के आगे इन आरोपियों ने घुटने टेक दिए। आरोपियों की निशादेही पर पुलिस ने दीपक राजभर की हत्या में इस्तेमाल किया गया 'आला कत्ल' भी बरामद कर लिया है। अब इन पर कानूनी शिकंजा कसना तय है।

बेबाक 24 की डायरी से: कौन हैं ये अपराधी?

 * विशाल यादव (इनामिया): शंकरपुर निवासी, जो पुलिस की नाक में दम किए हुए था।

 * सौरभ यादव: कौवाभारी बीकापुर का रहने वाला, जो विशाल का साथ दे रहा था।

 * धनन्जय राजभर: बेलसड़ी निवासी, जिसकी गिरफ्तारी १० फरवरी २०२६ को हुई।

बेबाक राय: दीपक राजभर की हत्या कर ये आरोपी समझ रहे थे कि वे कानून से बच निकलेंगे, लेकिन ५० हजार का इनाम घोषित होते ही इनकी उल्टी गिनती शुरू हो गई थी। गाजीपुर पुलिस ने साफ कर दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, उसे जेल की रोटियां तोड़नी ही पड़ेंगी।

क्या इन अपराधियों के खिलाफ और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे? 




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