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वाराणसी में महा-अभियान: खसरा-रूबेला की अब खैर नहीं! 16 फरवरी से बच्चों को लगेगा 'सुरक्षा कवच', प्रशासन ने कसी कमर!

by on | 2026-02-03 22:27:18

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वाराणसी में महा-अभियान: खसरा-रूबेला की अब खैर नहीं! 16 फरवरी से बच्चों को लगेगा 'सुरक्षा कवच', प्रशासन ने कसी कमर!

वाराणसी: धर्म की नगरी काशी अब बीमारियों के खिलाफ जंग का शंखनाद कर चुकी है। खसरा और रूबेला जैसी जानलेवा बीमारियों को जड़ से उखाड़ने के लिए योगी सरकार और जिला प्रशासन ने 'मास्टर प्लान' तैयार कर लिया है। विकास भवन में हुई हाई-लेवल मीटिंग में प्रखर कुमार सिंह ने साफ कर दिया है कि इस बार एक भी बच्चा छूटना नहीं चाहिए!

खबर की 'बेबाक' हेडलाइंस:

 * कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों पर फोकस: सरकारी स्कूल हों या मदरसा, हर जगह पहुंचेगी 'वैक्सीन वाली टीम'।

 * 5 से 10 साल वालों को 'एक्स्ट्रा डोज': पहले टीका लगा हो या न लगा हो, सुरक्षा की ये गारंटी सबको मिलेगी।

 * लापरवाही पर होगी नकेल: स्कूलों में तैनात होंगे नोडल अफसर, सीडीओ का कड़ा निर्देश।

तारीख नोट कर लीजिए: 16 से 27 फरवरी!

वाराणसी के स्कूलों में अगले कुछ दिन पढ़ाई के साथ-साथ 'दवाई' का भी जोर रहेगा। 16 फरवरी से शुरू हो रहे इस विशेष एम-आर (MR) टीकाकरण अभियान में उन बच्चों को निशाना बनाया जा रहा है जो भविष्य की नींव हैं। टास्क फोर्स ने स्पष्ट कर दिया है कि तहसील से लेकर ब्लॉक स्तर तक माइक्रो-प्लानिंग ऐसी हो कि कोई भी इलाका अछूता न रहे।

खसरा-रूबेला: मासूमों के दुश्मन!

स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।

 * खसरा: सिर्फ बुखार नहीं, ये निमोनिया, डायरिया और अंधापन तक ला सकता है।

 * रूबेला: ये और भी घातक है, खासकर गर्भवती महिलाओं के जरिए जन्मजात विकृतियों का खतरा बढ़ाता है।

 * समाधान: एकमात्र हथियार है एम-आर टीका, जो पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है।

प्रशासन का सख्त संदेश: 'नोडल' बनेगा जिम्मेदार

सीडीओ ने शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को दो-टूक कहा है कि कागजी घोड़े न दौड़ाएं। हर प्राइवेट और सरकारी स्कूल में एक नोडल अधिकारी होगा जो ये सुनिश्चित करेगा कि टीकाकरण शांतिपूर्ण और शत-प्रतिशत पूरा हो।

 बेबाक 24 की अपील:

अभिभावकों, ये टीका आपके बच्चे का हक है और उसकी सुरक्षा की गारंटी भी। अफवाहों पर ध्यान न दें और 16 फरवरी से शुरू हो रहे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।


मैदान में बड़ी टीमें

इस जंग में सिर्फ सरकारी महकमा ही नहीं, बल्कि WHO, यूनिसेफ, रोटरी क्लब और जेएसआई जैसी संस्थाएं भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। सीएमओ डॉ. राजेश प्रसाद ने साफ कहा है कि यह सिर्फ टीकाकरण नहीं, बल्कि समाज को रोगमुक्त करने का मिशन है।




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