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स्वर्णमयी माँ अन्नपूर्णा के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब; लंबी कतारों में घंटों खड़े होकर भक्तों ने टेका मत्था, माँ की एक झलक से खिले चेहरे!

by on | 2026-11-07 22:13:56

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स्वर्णमयी माँ अन्नपूर्णा के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब; लंबी कतारों में घंटों खड़े होकर भक्तों ने टेका मत्था, माँ की एक झलक से खिले चेहरे!

​वाराणसी: काशी नगरी में इन दिनों आस्था का ऐसा अद्भुत और अलौकिक नजारा देखने को मिल रहा है, जिसे देख हर कोई भक्ति-भाव से सराबोर हो जाए। अवसर है अन्नपूर्णा मंदिर में चल रहे पाँच दिवसीय स्वर्णमयी माँ अन्नपूर्णा के दुर्लभ दर्शन का। आयोजन के दूसरे दिन शनिवार को मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भक्तों का ऐसा रेला उमड़ा कि हर तरफ केवल हर-हर महादेव और जय माँ अन्नपूर्णा के जयकारे ही गूँजते नजर आए।

​पैरों में थकान, पर चेहरे पर अटूट मुस्कान

​भक्तों की अगाध आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कड़ाके की ठंड और घंटों लंबी कतारों की थकान भी माता के दीवानों के कदम नहीं रोक पाई। 'बस एक बार माँ के दर्शन हो जाएं,' इसी एक आस के साथ देर रात से ही हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु कतारों में डटे रहे।

​जैसे ही भोर में मंदिर के महंत शंकरपुरी ने सविधि पूजन-अर्चन के बाद ठीक सुबह 5 बजे आम भक्तों के लिए कपाट खोले, पूरा मंदिर परिसर जयकारों से थर्रा उठा। प्रथम तल पर विराजमान माँ अन्नपूर्णा के स्वर्ण रूप (स्वर्णमयी प्रतिमा) के जैसे ही पट खुले, भक्तों की आँखें नम हो गईं और हाथों स्वतः ही प्रणाम के लिए जुड़ गए। हर कोई बस माँ की एक झलक पाकर खुद को धन्य महसूस कर रहा था। भक्तों ने माता के दरबार में शीश नवाकर अपने परिवार के लिए सुख, शांति, अच्छे स्वास्थ्य और धन-धान्य की झोली भरकर आशीर्वाद माँगा।


​"माँ के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता" - महंत शंकरपुरी

​इस पावन अवसर पर मंदिर के महंत शंकरपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि "काशी ही नहीं, सम्पूर्ण जगत का पालन-पोषण माता रानी करती हैं। माँ के दरबार से आज तक कोई खाली हाथ नहीं गया है।" उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के जीवन में सुख-समृद्धि और माता रानी का आशीर्वाद मिलने की मंगलकामना की।

​प्रशासन और मंदिर प्रबंधन मुस्तैद: पहले दिन उमड़े दो लाख भक्त

​लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क नजर आया। भक्तों की सुविधा के लिए विशेष रूप से 'सुगम दर्शन' की व्यवस्था की गई है, जहाँ सेवादार दिन-रात श्रद्धालुओं की मदद में मुस्तैदी से जुटे हैं।

​मंदिर प्रबंधक काशी मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रद्धालुओं का सुगम और सुरक्षित दर्शन कराना ही हमारी पहली और मुख्य प्राथमिकता है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाए गए मेडिकल कैंप में जरूरतमंदों को दवा व स्वास्थ्य सहायता दी जा रही है। आपको बता दें कि दर्शन के पहले ही दिन रिकॉर्ड लगभग दो लाख भक्तों ने माता के दरबार में हाजिरी लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया था। इस दौरान हरिद्वार से आए शिवानंद गिरी समेत प्रदीप श्रीवास्तव, धीरेंद्र सिंह, राकेश तोमर और अन्य मंदिर समिति के सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।



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