ब्रेकिंग न्यूज़
यूपी को पहली शयनयान वंदे भारत की सौगात, बनारस से दिल्ली का सफर होगा आसान
ताजा खबर ताजा खबर

खेतों में पसीना किसान का, तो दाम भी हक का! काशी में 39 धान क्रय केंद्र तैयार, बिचौलियों और दलालों को प्रशासन की सख्त चेतावनी

by on | 2026-11-05 22:35:39

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3058


खेतों में पसीना किसान का, तो दाम भी हक का! काशी में 39 धान क्रय केंद्र तैयार, बिचौलियों और दलालों को प्रशासन की सख्त चेतावनी

​वाराणसी (बेबाक 24): 'खेतों में पसीना बहाए किसान, और मलाई काटे बिचौलिया'—सालों से चली आ रही इस परिपाटी पर नकेल कसने के लिए वाराणसी जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। खरीफ विपणन सत्र के तहत धान खरीद को पारदर्शी बनाने और अन्नदाता को उसकी उपज का पूरा हक दिलाने के लिए बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में केंद्र प्रभारियों की एक दिवसीय 'मास्टर क्लास' लगाई गई।

​अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति/जिला खरीद अधिकारी) अमित कुमार भारतीय और जिला खाद्य विपणन अधिकारी अविनाश कुमार झा ने साफ शब्दों में अल्टीमेटम जारी कर दिया है—अगर किसी भी क्रय केंद्र पर किसान को दौड़ाया गया या गड़बड़ी की बू आई, तो जिम्मेदार बख्शे नहीं जाएंगे!

​काशी में 39 केंद्रों का जाल, जानिए किस विभाग के पास कितने सेंटर

​जिले भर के किसानों की आसानी के लिए कुल 39 धान क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। महकमे का गणित कुछ इस तरह है:

  • ​खाद्य विभाग: 18 क्रय केंद्र
  • ​पीसीएफ (PCF): 13 क्रय केंद्र
  • ​पीसीयू (PCU): 05 क्रय केंद्र
  • ​मंडी समिति: 02 क्रय केंद्र
  • ​भारतीय खाद्य निगम (FCI): 01 क्रय केंद्र

​सरकार ने तय किया MSP: ₹2,461 तक मिलेगा भाव

​सरकार की ओर से इस बार धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित कर दिया गया है। यानी अब आढ़तियों के औने-पौने दाम पर धान बेचने की मजबूरी खत्म होगी:

  • ​सामान्य धान: ₹2,441 प्रति क्विंटल
  • ​ग्रेड-ए धान: ₹2,461 प्रति क्विंटल

​ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का झंझट खत्म, 'फार्मर आईडी' वालों को सीधी एंट्री!

​प्रशासन ने किसान भाइयों की सहूलियत के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया है। किसान fcs.up.gov.in पोर्टल, अपने मोबाइल, 'किसान मित्र ऐप' या किसी भी साइबर कैफे से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

​बड़ी राहत: जिन किसानों की फार्मर आईडी (Farmer ID) पहले से बनी हुई है, उन्हें विभागीय पोर्टल पर दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने का कोई झंझट नहीं पालना है। हालांकि, जिनकी आईडी नहीं है, उन्हें ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। अब तक जिले के 555 किसान अपना पंजीकरण करा चुके हैं।


​बिचौलियों का 'गेम ओवर': बैंक खाते में सीधा जाएगा पैसा

​धान तौलने के बाद भुगतान में होने वाले 'कट-कमीशन' के खेल को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। किसान का पैसा सीधा उसके आधार-लिंक्ड और NPCI मैप्ड बैंक खाते में भेजा जाएगा। यानी बीच में न कोई दलाल घुसेगा और न ही किसी बाबू को 'सुविधा शुल्क' देने की जरूरत पड़ेगी।

​नए नियम, सख्त पहरा और अफसरों को हिदायत

​कार्यशाला में एआर कोऑपरेटिव सुरेंद्र मौर्य ने पीसीएफ और पीसीयू के केंद्र प्रभारियों को स्पष्ट ताकीद की कि समय पर सेंटर खोलें और किसानों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें।

​साथ ही इस बार खरीद नीति में 'एनॉमली डिटेक्शन' (गड़बड़ी पकड़ने वाली तकनीक), नॉमिनी प्रोसेस, और ट्रांसपोर्टेशन के कड़े नियम लागू किए गए हैं ताकि फर्जीवाड़ा पूरी तरह रुक सके। बैठक में मंडी समिति, एफसीआई, कृषि विभाग के अफसरों से लेकर ई-पॉप (e-PoS) मशीन के इंजीनियर तक मुस्तैद रहे।

​बेबाक 24 का सीधा सवाल:

​कागजों पर 39 क्रय केंद्र तैयार हैं, नीतियां शानदार हैं और अफसरों की चेतावनी भी सख्त है। लेकिन क्या 39 केंद्रों पर बैठा अमला सच में अन्नदाता को सिर-आंखों पर बिठाएगा या फिर नमी (Moisture) और कटौती के नाम पर किसान को चक्कर कटवाए जाएंगे?



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment