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पराग्वे में बड़ा सियासी संकट: महाभियोग के बाद राष्ट्रपति पेना गिरफ्तार

by admin@bebak24.com on | 2026-11-07 14:24:12

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पराग्वे में बड़ा सियासी संकट: महाभियोग के बाद राष्ट्रपति पेना गिरफ्तार

असुनसियोन | बेबाक24 न्यूज़

पराग्वे में राजनीतिक और आर्थिक संकट के बीच राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को महाभियोग के जरिए पद से हटा दिया गया है। संसद में प्रस्ताव पारित होने के कुछ मिनट बाद उन्हें गिरफ्तार कर घर में नजरबंद कर दिया गया। इस घटनाक्रम के पीछे डिजिटल बैंक यूएनो के बंद होने से पैदा हुआ आर्थिक संकट प्रमुख वजह बताया जा रहा है।

अपनी ही पार्टी के सांसदों ने भी नहीं दिया साथ

शुक्रवार को संसद में पेना को पद से हटाने के प्रस्ताव पर मतदान हुआ। इसमें उनकी अपनी पार्टी के कुछ सांसदों सहित कई सदस्यों ने महाभियोग के पक्ष में मतदान किया।

पेना ने इससे एक दिन पहले गुरुवार को इस्तीफा देने की पेशकश की थी। लेकिन सांसदों ने उनका इस्तीफा स्वीकार करने के बजाय महाभियोग की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाने का फैसला किया।

पद से हटाए जाने के बाद पेना को सीनेट की आजीवन सदस्यता और पूर्व राष्ट्रपतियों को मिलने वाली कानूनी छूट भी गंवानी पड़ी।

डिजिटल बैंक बंद होने से बढ़ा जनता का गुस्सा

पराग्वे में इस सप्ताह की शुरुआत में यूएनो डिजिटल बैंक बंद हो गया था। इसके बाद केंद्रीय बैंक ने इसे अपने नियंत्रण में ले लिया। इस घटनाक्रम के कारण देश की आधी से अधिक आबादी अपने बैंक खातों में जमा पैसे नहीं निकाल पा रही है।

बैंक संकट ने आम लोगों की नाराजगी बढ़ा दी और सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े होने लगे। इसी आर्थिक संकट के बीच राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई तेज हुई।

पेना पर हितों के टकराव और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप

महाभियोग प्रस्ताव में पेना पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें हितों के टकराव, नियामक निगरानी में हस्तक्षेप और पेंशन कोष की राशि का दूसरे कामों में इस्तेमाल शामिल है।

उन पर केंद्रीय बैंक से जुड़े मामले में संस्थागत स्तर पर सच्चाई छिपाने की कोशिश में शामिल होने का आरोप भी लगाया गया है।

बताया गया है कि पिछले साल तक पेना के पास उस कंपनी के शेयर थे, जिसके स्वामित्व में यूएनो बैंक था। हालांकि, पेना ने किसी भी तरह की गलत गतिविधि में शामिल होने से इनकार किया है।

राष्ट्रपति पद के साथ कानूनी सुविधाएं भी गईं

महाभियोग के बाद पेना को न केवल राष्ट्रपति पद छोड़ना पड़ा, बल्कि पूर्व राष्ट्रपतियों को मिलने वाली कानूनी छूट और सीनेट की आजीवन सदस्यता भी समाप्त हो गई। उन्हें घर में नजरबंद किए जाने की खबर भी सामने आई है।

बेबाक24 टेक

पराग्वे का यह घटनाक्रम केवल सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं है। डिजिटल बैंक के बंद होने से आम नागरिकों की जमा राशि तक पहुंच प्रभावित हुई है, जबकि राष्ट्रपति पर वित्तीय और संस्थागत अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। अब इस संकट का केंद्र बैंकिंग व्यवस्था में भरोसे की बहाली और पेना के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होगा।



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