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एलपीयू हिंसा में अफवाह से आगजनी तक पहुंचा मामला, भीड़ का नहीं था कोई तय नेतृत्व

by admin@bebak24.com on | 2026-09-28 14:32:04

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एलपीयू हिंसा में अफवाह से आगजनी तक पहुंचा मामला, भीड़ का नहीं था कोई तय नेतृत्व

जालंधर | बेबाक24 न्यूज़

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कथित घटना से जुड़ी सोशल मीडिया पर फैली अलग-अलग सूचनाओं के बाद शुरू हुआ छात्रों का विरोध 24 घंटे के भीतर तोड़फोड़ और आगजनी तक पहुंच गया। शनिवार रात से शुरू हुई बेचैनी के बाद छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया और बाद में परिसर में हिंसक घटनाएं सामने आईं।

सोशल मीडिया संदेशों से बढ़ा तनाव

शनिवार रात सोशल मीडिया पर एक छात्रा से जुड़ी घटना को लेकर अलग-अलग दावे प्रसारित हुए। इनमें दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म और आत्महत्या जैसे अलग-अलग दावे शामिल थे। इनकी तत्काल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन संदेश तेजी से फैलने के बाद छात्रावासों में तनाव बढ़ गया।

रात करीब 2 बजे बड़ी संख्या में छात्र बाहर आए और राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंच गए। पुलिस ने छात्रों को समझाने और रास्ता खुलवाने का प्रयास किया। बाद में पुलिस ने छात्रों के बयानों के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की और जांच के लिए विशेष जांच दल बनाया।

कोई एक नेता नहीं, पुलिस के सामने बनी चुनौती

इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती यह रही कि प्रदर्शन का कोई तय नेतृत्व नहीं था। न कोई एक छात्र संगठन सामने आया, न कोई बैनर या ऐसा प्रतिनिधि था, जिसके जरिए बड़ी संख्या में छात्रों से बातचीत की जा सके।

अलग-अलग छात्रावासों से विद्यार्थी अपने स्तर पर विरोध में शामिल होते गए। सोशल मीडिया पर लगातार सामने आ रहे संदेशों और वीडियो से स्थिति बदलती रही। इसी दौरान परिसर में तोड़फोड़, वाहनों को नुकसान और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।

भारी पुलिस बल तैनात

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई जिलों से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अतिरिक्त बल को बुलाया गया। डीआईजी नवीन सिंगला ने भी मौके पर स्थिति संभाली। पुलिस की ओर से छात्रों को समझाने के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की गई, लेकिन रविवार शाम तक परिसर में पूरी तरह सामान्य स्थिति नहीं लौट सकी।

विश्वविद्यालय ने सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों को भ्रामक बताते हुए छात्रों से आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की थी। वहीं, जांच के लिए छात्रों के प्रतिनिधियों को शामिल करने की बात भी कही गई।

बेबाक24 टेक

एलपीयू में विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट दावों से हुई और मामला बाद में विरोध, राजमार्ग जाम, तोड़फोड़ और आगजनी तक पहुंच गया। घटनाक्रम में किसी एक संगठन या नेता की स्पष्ट भूमिका सामने नहीं आई, जिससे पुलिस के लिए प्रदर्शनकारियों से संवाद और स्थिति नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण रहा। मामले से जुड़े दावों और घटनाओं की जांच जारी है।



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