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नदियों को प्रदूषण से बचाने की दिशा में बड़ी पहल: भदोही में 127.26 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे 3 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, गंगा और वरुणा में नहीं गिरेगा गंदा पानी

by on | 2026-09-24 16:55:52

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नदियों को प्रदूषण से बचाने की दिशा में बड़ी पहल: भदोही में 127.26 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे 3 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, गंगा और वरुणा में नहीं गिरेगा गंदा पानी

भदोही। मोरवा नदी और अन्य नालों के जरिए गंगा और वरुणा तक पहुंचने वाले गंदे पानी तथा दूषित जल को रोकने के लिए जिले में एक बड़ा कदम उठाया गया है। पिछले करीब छह महीनों से तकनीकी अड़चनों के कारण अटकी तीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की योजनाएं अब धरातल पर उतरने लगी हैं।

​राजस्व विभाग द्वारा चिह्नित जमीनों की पैमाइश और मेढ़बंदी का काम पूरा होते ही कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।

165 करोड़ के एस्टीमेट के सापेक्ष 127.26 करोड़ रुपये स्वीकृत

​शहर में तीन अलग-अलग स्थानों पर एसटीपी स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए शासन ने 165 करोड़ रुपये के अनुमानित एस्टीमेट के सापेक्ष 127.26 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

​इन तीनों संयंत्रों की कुल शोधन क्षमता 25 एमएलडी (MLD) होगी:

  • पिपरी एसटीपी: 6 बीघा जमीन पर 17 एमएलडी क्षमता का प्लांट बनेगा। इससे मामदेवपुर और नई बाजार के नालों को जोड़ा जाएगा।

  • धसकरी एसटीपी: 4 बीघा जमीन पर 5 एमएलडी क्षमता का संयंत्र स्थापित होगा। इससे चौरी रोड वाले नालों को जोड़ा जाएगा।

  • रामपुर सरोंई एसटीपी: 28 बिस्वा जमीन पर 3 एमएलडी क्षमता का प्लांट बनेगा। इससे रजपुरा के नाले को जोड़ा जाएगा।

​नालों के सीवेज का एसटीपी में पूरी तरह शोधन (ट्रीटमेंट) करने के बाद ही पानी को आगे प्रवाहित किया जाएगा।

प्रतिदिन मोरवा नदी में गिर रहा था 20 से 25 एमएलडी मलजल

​जनपद के उत्तरी हिस्से से गुजरने वाली मोरवा नदी में नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों का रोजाना लगभग 20 से 25 एमएलडी गंदा पानी और मलजल पहुंच रहा था। मोरवा नदी का यह दूषित पानी आगे जाकर वरुणा नदी में मिलता है और वरुणा के जरिए सीधे गंगा नदी तक पहुंचता है।

​एसटीपी परियोजना पूरी होने के बाद नदियों में सीधे गिरने वाले इस दूषित पानी पर पूरी तरह लगाम लगेगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ गंगा व वरुणा की स्वच्छता को बल मिलेगा।  



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