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ग्रेनो बस अग्निकांड: यात्रियों ने दी थी आग की चेतावनी, फिर भी नहीं रोकी बस; 9 की मौत

by on | 2026-09-24 14:19:27

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ग्रेनो बस अग्निकांड: यात्रियों ने दी थी आग की चेतावनी, फिर भी नहीं रोकी बस; 9 की मौत

ग्रेटर नोएडा | बेबाक24 न्यूज़

यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती स्लीपर बस में लगी भीषण आग ने 9 यात्रियों की जान ले ली। हादसे से पहले यात्रियों ने बस के केबिन से जलने की बदबू आने की जानकारी चालक और परिचालक को दी थी। एफआईआर में आरोप है कि इसके बावजूद बस नहीं रोकी गई और कुछ देर बाद चालक की सीट के पास से आग की लपटें उठने लगीं।

यात्रियों ने दी थी चेतावनी

दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही राज कल्पना ट्रैवल्स की बस बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात यमुना एक्सप्रेसवे पर करीब 33वें किलोमीटर के पास पहुंची थी। यात्री सुनील कुमार के अनुसार, करीब 23:30 बजे बस के केबिन से जलने की बदबू आने लगी।

सुनील ने एफआईआर में बताया कि यात्रियों ने चालक और परिचालक को इसकी जानकारी दी और बस रोकने को कहा। आरोप है कि चालक ने बस नहीं रोकी। कुछ ही देर बाद चालक की सीट के पास से आग की तेज लपटें निकलने लगीं।

'मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे'

एफआईआर के मुताबिक, आग बढ़ने पर यात्रियों ने शोर मचाकर बस रोकने की मांग की। आरोप है कि चालक और परिचालक ने यात्रियों की बात नहीं मानी और कहा, “मरना है तो मरो, बस नहीं रोकेंगे।”

इसके बाद आग तेजी से फैल गई और बस के अंदर धुआं भरने लगा। कई यात्रियों ने बस से कूदकर अपनी जान बचाई, जबकि कुछ लोग अंदर ही फंस गए।

9 यात्रियों की मौत, 20 से ज्यादा सुरक्षित

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। बचाव अभियान के दौरान 20 से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों को जेवर के कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां 9 यात्रियों को मृत घोषित कर दिया गया।

अब तक मृतकों में देवेंद्र भारद्वाज (60) निवासी हिसार और हरिशरण गुप्ता (55) निवासी उरई की पहचान हुई है। देवेंद्र की पत्नी रेखा भारद्वाज का उपचार अस्पताल में चल रहा है।

आग लगने की वजह की जांच

मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार के मुताबिक, शुरुआती जांच में बस के वातानुकूलन तंत्र में चिंगारी या धमाके के बाद इंजन के तेल में आग लगने की आशंका सामने आई है। आग तेजी से फैलने के कारण यात्रियों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।

पुलिस ने चालक और परिचालक को हिरासत में लिया है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर हादसे की परिस्थितियों और लापरवाही के आरोपों की जांच की जा रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। घायलों के उपचार और पीड़ित परिवारों की मदद के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।

यात्रियों ने सुनाई भयावह रात की कहानी

हादसे में बची एक महिला यात्री ने बताया कि वह सो रही थी, तभी किसी ने दरवाजा खटखटाकर जगाया। बाहर निकलने के दौरान इतना धुआं था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। उसने बताया कि वह सामान और जूते तक नहीं ले सकी और केवल फोन लेकर बाहर निकली।

एक अन्य यात्री के मुताबिक, आग की सूचना मिलते ही लोग घबराकर बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। बस में धुआं भरने से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था और यात्रियों को एक-दूसरे को धक्का देकर रास्ता बनाना पड़ा।

बेबाक24 की राय

इस हादसे में 9 लोगों की मौत के साथ चालक और परिचालक पर यात्रियों की चेतावनी को नजरअंदाज करने के आरोप गंभीर सवाल खड़े करते हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। हादसे की अंतिम वजह और जिम्मेदारी जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।



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