ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
अंतरराष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय

'भारत-पाक विवाद सुलझाने में वैश्विक तंत्र नाकाम'; संयुक्त राष्ट्र पर बरसे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो

by admin@bebak24.com on | 2026-09-24 14:06:26

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3078


'भारत-पाक विवाद सुलझाने में वैश्विक तंत्र नाकाम'; संयुक्त राष्ट्र पर बरसे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित संघर्ष का जिक्र करते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर दुनिया में ऐसी प्रभावी व्यवस्था होती, जो देशों के बीच संभावित संघर्षों को रोकने या सुलझाने में सक्षम होती, तो यह बेहतर स्थिति होती।

संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर टिप्पणी

रुबियो ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में संयुक्त राष्ट्र का जिक्र करते हुए कहा कि इस संस्था में काफी संभावनाएं हैं, लेकिन वह अपनी क्षमता के मुताबिक काम नहीं कर पा रही है।

उन्होंने कहा कि कई नेता मानते हैं कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था कमजोर हो चुकी है। उनके मुताबिक इसकी एक वजह यह भी है कि यह अपने मूल अधिकार क्षेत्र से आगे बढ़कर कई ऐसे मामलों में शामिल हो गई, जिनमें उसे नहीं होना चाहिए था।

भारत-पाकिस्तान का उदाहरण

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था दुनिया के कई बड़े संघर्षों का समाधान निकालने में सक्षम नहीं दिख रही है। उन्होंने थाईलैंड-कंबोडिया के बीच संघर्ष और भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित संघर्ष का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रभावी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की जरूरत है।

रुबियो के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र महासभा में भी इस बात को लेकर व्यापक सहमति है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि इसे उसकी उचित भूमिका और प्राथमिकताओं पर वापस लाने की जरूरत है।

राष्ट्रीय हित के आधार पर फैसले

रुबियो ने कहा कि जब प्रभावी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था मौजूद नहीं होगी, तब देश अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लेते रहेंगे। उनका बयान ऐसे समय आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है।

बेबाक24 की राय: रुबियो की टिप्पणी का मुख्य केंद्र भारत-पाकिस्तान से ज्यादा मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका है। उन्होंने किसी संभावित संघर्ष के परिणाम को लेकर कोई पूर्वानुमान नहीं दिया, बल्कि संघर्षों से निपटने के लिए प्रभावी अंतरराष्ट्रीय तंत्र की जरूरत पर जोर दिया।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment