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आईआईटी बॉम्बे छात्र मौत: 18 मांगों पर आज बोर्ड की सुनवाई, स्वतंत्र जांच की मांग

by on | 2026-09-21 14:03:03

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आईआईटी बॉम्बे छात्र मौत: 18 मांगों पर आज बोर्ड की सुनवाई, स्वतंत्र जांच की मांग

मुंबई | बेबाक24 न्यूज़

आईआईटी बॉम्बे में छात्र की मौत के बाद जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच संस्थान प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत का दौर आगे बढ़ा है। छात्रों की ओर से सौंपे गए 18 सूत्री मांगपत्र पर सोमवार को संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की विशेष बैठक होगी। निदेशक प्रोफेसर शिरीष केदारे ने छात्रों के मांगपत्र पर हस्ताक्षर करते हुए इन मुद्दों पर विचार का भरोसा दिया है।

आज नहीं होंगे व्याख्यान

छात्रों और प्रशासन के बीच रविवार को हुई लंबी बैठक के बाद सोमवार के सभी व्याख्यान रद्द कर दिए गए हैं। बोर्ड की बैठक के बाद निदेशक छात्रों के साथ टाउन हॉल बैठक भी करेंगे।

छात्रों का प्रदर्शन परिसर के मुख्य द्वार के पास तीन दिन से जारी है। उनका मांगपत्र छात्र की मौत से जुड़ी परिस्थितियों, प्रशासन की जवाबदेही, मानसिक स्वास्थ्य और अनुशासनात्मक प्रक्रिया में सुधार से संबंधित है।

स्वतंत्र जांच और जवाबदेही की मांग

18 सूत्री मांगपत्र में छात्रों ने मामले की स्वतंत्र जांच के लिए समिति बनाने की मांग की है। प्रस्तावित समिति में शिक्षक, छात्र प्रतिनिधि और बाहरी सदस्य शामिल किए जाने की मांग है। समिति से छात्र की मौत की परिस्थितियों, आपातकालीन प्रतिक्रिया और अस्पताल में मिली सहायता समेत विभिन्न पहलुओं की जांच कराने को कहा गया है।

छात्रों ने 30 सितंबर तक अंतरिम और 15 अक्तूबर तक अंतिम जांच रिपोर्ट जारी करने की मांग की है। इसके अलावा जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई और मांगों के क्रियान्वयन की नियमित जानकारी देने की भी मांग की गई है।

मांगपत्र में छात्र के बारे में सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी को लेकर संस्थान से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग भी शामिल है। छात्रों ने निदेशक, संबंधित डीन और विभागाध्यक्ष के साथ खुले संवाद की बैठक कराने की मांग की है।

आर्थिक सहायता और छात्र कल्याण पर जोर

छात्रों ने हाल के महीनों में अपने परिजनों को खोने वाले 4 परिवारों को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग भी रखी है। इसके साथ ही छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सहायता व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की गई है।

छात्रों ने यह भी कहा है कि तय समय में मांगों को लागू नहीं किए जाने की स्थिति में जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

क्राइम ब्रांच कर रही मामले की जांच

मुंबई क्राइम ब्रांच ने 22 वर्षीय छात्र की मौत की जांच अपने हाथ में ले ली है। छात्र के माता-पिता की शिकायत के आधार पर पवई पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में प्रोफेसर सूर्यानारायण दूल्ला को आरोपी बनाया गया है।

छात्र 18 सितंबर की शाम छात्रावास के कमरे में मृत मिला था। इससे कुछ घंटे पहले उसे मध्यावधि परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन और चैटजीपीटी के इस्तेमाल के मामले में पकड़े जाने की बात सामने आई थी। आईआईटी बॉम्बे के अनुसार, छात्र के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं हुई थी और शिक्षक तथा विभागाध्यक्ष ने उससे बातचीत कर शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ने का भरोसा दिया था।

फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर का समर्थन किया

आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर दूल्ला का समर्थन किया है। फोरम के अनुसार, परीक्षा के दौरान कथित अकादमिक अनियमितता की जानकारी संस्थान की निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिकारियों को दी गई थी। फोरम ने छात्र के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए प्रोफेसर की प्रतिष्ठा प्रभावित होने पर भी चिंता व्यक्त की है।

छात्रों के विरोध में प्रशासन से जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग प्रमुख रही है। संस्थान में 7 महीनों के भीतर छात्र की मौत का यह तीसरा मामला बताया गया है।

बेबाक24 की राय

आईआईटी बॉम्बे में छात्रों की 18 सूत्री मांगों पर आज होने वाली बैठक मामले में आगे की दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। एक ओर छात्र स्वतंत्र जांच और प्रशासनिक जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, वहीं फैकल्टी फोरम ने संबंधित प्रोफेसर की भूमिका का समर्थन किया है। ऐसे में जांच और आधिकारिक रिपोर्ट से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही जिम्मेदारी तय होना महत्वपूर्ण होगा।



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