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ब्रिक्स में दिखी नेताओं की अलग तस्वीर: जिनपिंग भी हुए सहज, मोदी ने प्रबोवो को लगाया गले; पुतिन के साथ कदमताल

by admin@bebak24.com on | 2026-09-13 13:19:01

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ब्रिक्स में दिखी नेताओं की अलग तस्वीर: जिनपिंग भी हुए सहज, मोदी ने प्रबोवो को लगाया गले; पुतिन के साथ कदमताल

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक कूटनीति के साथ नेताओं की मुलाकातों और उनकी बॉडी लैंग्वेज ने भी लोगों का ध्यान खींचा। भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ हंसते और बातचीत करते नजर आए। वहीं, स्वागत के दौरान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो को प्रधानमंत्री मोदी ने गले लगाकर अभिवादन किया।

एक फ्रेम में मोदी, पुतिन और जिनपिंग

ब्रिक्स सम्मेलन की सबसे चर्चित तस्वीरों में प्रधानमंत्री मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग की वह तस्वीर रही, जिसमें तीनों नेता बातचीत के दौरान मुस्कुराते हुए नजर आए। एक मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों नेताओं के हाथ थामे। औपचारिक कूटनीतिक माहौल के बीच सामने आई यह तस्वीर तीनों देशों के बीच संवाद की गर्माहट का प्रतीक मानी गई।

जेएनयू के प्रोफेसर डॉ. संजय पांडेय के मुताबिक, सम्मेलन के दौरान अधिकांश नेताओं की बॉडी लैंग्वेज सहज और सकारात्मक नजर आई। हालांकि, किसी नेता के हाव-भाव से उसके वास्तविक कूटनीतिक रुख का निश्चित आकलन नहीं किया जा सकता।

प्रबोवो को गले लगाकर किया स्वागत

सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग सभी विदेशी नेताओं का अभिवादन हाथ मिलाकर किया। हालांकि, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के स्वागत के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात अलग नजर आई। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें गले लगाकर अभिवादन किया।

भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों के बीच यह तस्वीर दोनों नेताओं की व्यक्तिगत सहजता को भी दर्शाती दिखाई दी।

पुतिन के साथ कदम से कदम मिलाकर चले मोदी

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत मंडपम पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाने के बाद साथ-साथ चलते हुए कार्यक्रम स्थल तक प्रवेश किया। इस दौरान दोनों के बीच मुस्कुराते हुए बातचीत भी दिखाई दी।

भारत-रूस संबंधों की पुरानी रणनीतिक साझेदारी के बीच दोनों नेताओं की यह सहज तस्वीर भी सम्मेलन की प्रमुख झलकियों में रही।

जिनपिंग के अंदाज में भी दिखी सहजता

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आम तौर पर सार्वजनिक मंचों पर अपेक्षाकृत संयत और औपचारिक अंदाज में नजर आते हैं। लेकिन भारत मंडपम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत के दौरान उनके चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी।

डॉ. संजय पांडेय ने इसे जिनपिंग के अपेक्षाकृत सहज सार्वजनिक व्यवहार के तौर पर देखा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल तस्वीरों या हाव-भाव के आधार पर किसी नेता की नीति या रणनीतिक सोच का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

रामनाथस्वामी मंदिर की पृष्ठभूमि बनी चर्चा का केंद्र

स्वागत समारोह के दौरान मंच की पृष्ठभूमि में तमिलनाडु के रामनाथस्वामी मंदिर को प्रदर्शित किया गया था। तस्वीरों में प्रधानमंत्री मोदी शी जिनपिंग को मंदिर की पृष्ठभूमि के बारे में बताते हुए नजर आए।

यह प्रस्तुति भारत की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने रखने के व्यापक प्रयास का हिस्सा थी। सम्मेलन के दौरान भारत की सभ्यतागत और सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता दी गई।

ईरान और यूएई के नेताओं की मुलाकात भी अहम

ब्रिक्स सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अबूधाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की एक ही मंच पर मौजूदगी भी महत्वपूर्ण रही। दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय तनाव की पृष्ठभूमि में यह मुलाकात खास कूटनीतिक महत्व रखती है।

भारत ने सम्मेलन के मंच पर अलग-अलग हितों और मतभेदों वाले देशों को एक साथ संवाद का अवसर दिया। इसे ब्रिक्स के व्यापक कूटनीतिक चरित्र के उदाहरण के तौर पर देखा गया।

मोदी की शैली ने भी खींचा ध्यान

विशेषज्ञ के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी की शैली में विदेशी नेताओं के साथ व्यक्तिगत संपर्क और आत्मीयता बनाने की कोशिश दिखाई देती है। सम्मेलन के दौरान पुतिन, जिनपिंग और प्रबोवो समेत कई नेताओं के साथ उनकी सहज बातचीत कैमरों में दर्ज हुई।

बेबाक24 टेक: ब्रिक्स की इन तस्वीरों को केवल दोस्ती या व्यक्तिगत गर्मजोशी के चश्मे से देखना सही नहीं होगा। कूटनीति में तस्वीरें प्रतीक जरूर बनती हैं, लेकिन असली महत्व बैठकों के एजेंडे, समझौतों और देशों के व्यवहार में आने वाले बदलाव का होता है। मोदी-पुतिन-जिनपिंग का एक फ्रेम जरूर आकर्षक है, मगर इसका वास्तविक असर आने वाले समय में भारत-चीन-रूस संबंधों और ब्रिक्स के फैसलों से तय होगा।



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