ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
राष्ट्रीय राष्ट्रीय

बालाघाट में अभिजीत दीपके का विरोध, बच्चों की मौत पर सवाल; व्यंग्य में सीएम को घेरा

by admin@bebak24.com on | 2026-09-13 12:51:59

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3076


बालाघाट में अभिजीत दीपके का विरोध, बच्चों की मौत पर सवाल; व्यंग्य में सीएम को घेरा

बालाघाट | बेबाक24 न्यूज़

मध्य प्रदेश के बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को विरोध का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ लोग उनसे सवाल-जवाब करते दिखाई दे रहे हैं। विवाद बढ़ने पर दीपके के साथ मौजूद कार्यकर्ता उन्हें दूसरी कार से वहां से ले गए।

दीपके शनिवार को अदोरी, कोरका और बोंदारी गांव पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य प्रभावित परिवारों से मिलना और इलाके में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी लेना था।

महिला ने रास्ते में रोककर पूछे सवाल

वायरल वीडियो में एक महिला दीपके की कार के पास माइक लेकर उनसे सवाल करती दिखाई दे रही है। महिला ने पूछा कि क्या वह बच्चों की मौत के मुद्दे पर राजनीति करने आए हैं और इतने समय बाद क्षेत्र का दौरा क्यों कर रहे हैं।

वीडियो में दीपके अपनी देरी के लिए माफी मांगते सुनाई देते हैं। महिला ने क्षेत्र में बनी सड़क का उल्लेख करते हुए उनसे विकास कार्यों को लेकर भी सवाल किया।

विवाद बढ़ने पर दीपके के साथ मौजूद कार्यकर्ताओं ने उन्हें दूसरी कार में बैठाकर वहां से रवाना कर दिया। इसके बाद महिला ने उनके चले जाने पर टिप्पणी की। हालांकि, वीडियो में नजर आ रहे लोगों के बारे में यह स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं है कि वे किसी संगठन या दल से जुड़े थे।

बच्चों की मौत का मामला अदालत तक पहुंचा

बालाघाट में बच्चों की मौत को लेकर मामला पहले से ही न्यायिक जांच के दायरे में है। हाल में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा था।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि कई बच्चों को पर्याप्त उपचार नहीं मिल रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से इलाके में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और गंदगी के कारण संक्रमण फैलने का भी दावा किया गया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

व्यंग्य के जरिए सरकार पर निशाना

विरोध के बाद दीपके ने सामाजिक माध्यम पर व्यंग्यात्मक संदेश जारी किया। उन्होंने खुद को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बताते हुए तत्काल पद से त्यागपत्र देने की बात लिखी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया।

अपने संदेश में उन्होंने कहा कि उन्हें प्रदेश की जनता की सेवा का अवसर मिला, लेकिन वह स्वास्थ्य, पेयजल और शिक्षा जैसी व्यवस्थाओं में सफल नहीं रहे। स्पष्ट है कि यह वास्तविक त्यागपत्र नहीं, बल्कि सरकार पर कटाक्ष के तौर पर लिखा गया व्यंग्यात्मक संदेश था।

बेबाक24 दृष्टिकोण: बालाघाट में बच्चों की मौत का मामला राजनीतिक बयानबाजी से आगे गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य का विषय है। विरोध, आरोप और व्यंग्य अपनी जगह हैं, लेकिन असली जवाब प्रभावित परिवारों को बेहतर इलाज, साफ पेयजल और प्रभावी स्वास्थ्य व्यवस्था देकर ही मिलेगा।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment