ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
आस्था सुरक्षा

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फेरबदल: रिटायर्ड एयरफोर्स वाइस चीफ जीतेंद्र मिश्र बने नए CEO, 3 नए ट्रस्टी नियुक्त

by on | 2026-09-02 22:31:47

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3063


राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फेरबदल: रिटायर्ड एयरफोर्स वाइस चीफ जीतेंद्र मिश्र बने नए CEO, 3 नए ट्रस्टी नियुक्त

अयोध्या

​श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की बुधवार को अयोध्या में हुई बैठक में प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव करते हुए सेवानिवृत्त वायुसेना उपाध्यक्ष जीतेंद्र मिश्र को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही न्यासी मंडल में तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है।

​बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक लेखों को मंजूरी देने के अलावा, विशेष जांच दल (SIT) की जांच की प्रगति और मंदिर के नगद चढ़ावे की गिनती में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर गहन चर्चा हुई।

अनुभवी नेतृत्व

​चयन समिति द्वारा करीब 5,500 आवेदनों की स्क्रूटनी और सैकड़ों उम्मीदवारों के साक्षात्कार के बाद एयर मार्शल (रि.) जीतेंद्र मिश्र के नाम की सिफारिश की गई थी।

​भारतीय वायुसेना में 39 वर्षों का सेवाकाल पूरा कर चुके मिश्र सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित हैं। ट्रस्ट के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2025 में संचालित 'ऑपरेशन सिंदूर' का सफल मार्गदर्शन और नेतृत्व किया था। वे शीघ्र ही अपना कार्यभार संभालेंगे।

नए ट्रस्टी और दायित्वों का पुनर्गठन

​रिक्त पदों को भरने के लिए न्यास ने तीन प्रमुख हस्तियों को नए ट्रस्टी के रूप में मनोनीत किया है:

  • महेश भागचंदका (68): व्यवसायी, समाजसेवी एवं ‘हिन्दुत्व के पुरोधा’ पुस्तक के लेखक। इन्हें ट्रस्ट के नए कोषाध्यक्ष का प्रभार भी सौंपा गया है।
  • मदनमोहन पांडे (74): वरिष्ठ अधिवक्ता, जिन्होंने 1990 से 2019 तक उच्च एवं उच्चतम न्यायालय में श्रीराम लला विराजमान तथा महंत रामचंद्र परमहंस दास का पक्ष रखा। वे उत्तर प्रदेश के अपर महाधिवक्ता भी रह चुके हैं।
  • डॉ. निर्मला यादव (66): शिक्षाविद, जिन्होंने 19 वर्षों तक कॉलेज प्राचार्या और 15 वर्षों तक विश्वविद्यालय कार्य परिषद की सदस्य के रूप में सेवाएं दी हैं।

​अन्य सांगठनिक बदलावों के तहत स्वामी गोविंददेव गिरि अब महामंत्री की जिम्मेदारी संभालेंगे। न्यास ने पिछले दो महीनों के कठिन संक्रमण काल में महामंत्री पद का दायित्व निभाने के लिए कृष्ण मोहन के योगदान की सराहना की।

वित्तीय स्थिति एवं SIT जांच

​वित्त वर्ष 2025-26 के अनुमोदित वार्षिक आंकड़ों के अनुसार:

  • आय-व्यय: कुल आय ₹237 करोड़ और परिचालन व्यय ₹91 करोड़ रहा।
  • पूंजीगत खर्च: मंदिर निर्माण कार्यों पर मुख्य रूप से ₹425 करोड़ का पूंजीगत व्यय किया गया।
  • उपलब्ध कोष: 31 मार्च 2026 तक न्यास के पास कुल उपलब्ध राशि ₹1,882 करोड़ दर्ज की गई।

​बैठक में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जारी SIT जांच पर भी विचार-विमर्श हुआ। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जांच का दायरा विस्तृत करने के आदेश का स्वागत करते हुए न्यास ने विश्वास जताया कि इससे सभी भ्रम दूर होंगे और पूर्ण पारदर्शिता स्थापित होगी।

​वहीं, दैनिक चढ़ावे की गिनती में मानवीय हस्तक्षेप कम करने के लिए दो प्रमुख बैंकों और एक आईआईटी (IIT) द्वारा प्रस्तुत स्वचालित तकनीकी प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जा रहा है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment