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वाराणसी में खतरे के निशान की ओर बढ़ीं मां गंगा: खतरे के बिंदु से महज 92 सेमी दूर पहुंचा जलस्तर, वरुणा के तटीय इलाकों में घुसा पानी, 13 राहत शिविरों में 935 लोगों ने ली शरण

by on | 2026-09-02 20:42:29

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वाराणसी में खतरे के निशान की ओर बढ़ीं मां गंगा: खतरे के बिंदु से महज 92 सेमी दूर पहुंचा जलस्तर, वरुणा के तटीय इलाकों में घुसा पानी, 13 राहत शिविरों में 935 लोगों ने ली शरण

वाराणसी। धर्मनगरी काशी में मोक्षदायिनी गंगा का रौद्र रूप अब तटीय इलाकों के निवासियों और नाविकों की धड़कनें बढ़ाने लगा है। लगातार हो रहे जलस्तर में बढ़ाव के बाद मां गंगा अब खतरे के लाल निशान की ओर तेजी से अग्रसर हैं। वर्तमान में जलस्तर खतरे के बिंदु से महज 92 सेंटीमीटर नीचे रह गया है, जिसके चलते तटवर्ती इलाकों और निचले मोहल्लों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।

रात में मामूली गिरावट के बाद सुबह से फिर चढ़ाव, दोपहर तक 70.34 मीटर पहुंचा जलस्तर

केंद्रीय जल आयोग (CWC) के राजघाट स्थित गेज के अनुसार:

1 सितंबर (शाम 4 बजे): जलस्तर 70.29 मीटर पर स्थिर था।


1 सितंबर (रात 10 बजे): जलस्तर घटकर 70.26 मीटर पर पहुंचा (रात भर 1.5 सेमी/घंटे की दर से गिरावट दर्ज की गई)।


2 सितंबर (सुबह 8 बजे से): जलस्तर में दोबारा बढ़ाव शुरू हुआ। सुबह 8 बजे 70.28 मीटर, 10 बजे 70.32 मीटर और दोपहर 12 बजे तक यह 70.34 मीटर दर्ज किया गया।


बढ़ाव की रफ्तार: वर्तमान में गंगा का जलस्तर 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।


​उल्लेखनीय है कि गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है, जिसे गंगा पहले ही पार कर चुकी हैं। अब यह खतरे के निशान 71.262 मीटर से केवल 92 सेमी दूर है (गंगा का उच्चतम बाढ़ स्तर 73.901 मीटर रहा है)।

वरुणा का कहर: तटीय घरों में घुसा पानी, स्कूल बने राहत शिविर

गंगा के उफान के साथ-साथ वरुणा नदी ने भी विकराल रूप धारण कर लिया है। वरुणा का पानी रिहाइशी इलाकों की गलियों और घरों में घुस चुका है:

राहत शिविरों की स्थिति: हुकुलगंज स्थित दुर्गा मंदिर के पीछे डिप्‍टी कॉन्वेंट स्कूल को राहत शिविर बनाया गया है, जहाँ करीब 125 प्रभावित लोग शरण लिए हुए हैं (इनमें 30 से 40 बच्चे शामिल हैं)।


प्रशासनिक पहल: पीड़ितों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल, प्रकाश, स्वच्छ बिस्तर और स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नि:शुल्क दवाइयों व चिकित्सा जांच की व्यवस्था की गई है।


आंकड़ों में काशी में बाढ़ का असर:

प्रभावित क्षेत्र: 11 मोहल्ले/वार्ड वरुणा की बाढ़ से सीधे प्रभावित।


प्रभावित आबादी: 328 परिवारों के करीब 1,388 लोग प्रभावित।


राहत शिविर: जिला प्रशासन द्वारा 13 राहत शिविर सक्रिय किए गए हैं, जहाँ 219 परिवारों के 935 लोग रह रहे हैं।


राहत सामग्री व परिवहन: प्रभावितों को राशन किट, भोजन, नाश्ता और दूध-फल वितरित किए जा रहे हैं। आवागमन के लिए 32 नावों की व्यवस्था की गई है।


अलर्ट मोड पर प्रशासन

पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, जल पुलिस और NDRF की टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर निगरानी रख रही हैं। बाढ़ चौकियों को 24 घंटे सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।



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