by on | 2026-08-21 15:32:06
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नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़
अगर आपके नाम पर पहले से कई मोबाइल नंबर चल रहे हैं तो अब नया सिम कार्ड लेना आसान नहीं होगा। सरकार ने मोबाइल कनेक्शनों की संख्या पर लागू पुराने नियम को सख्ती से लागू करने की तैयारी कर ली है। 24 अगस्त 2026 से दूरसंचार कंपनियों को ऐसे व्यक्ति को नया सिम कार्ड जारी करने से रोकना होगा, जिसके नाम पर पहले से निर्धारित सीमा तक मोबाइल कनेक्शन पंजीकृत हैं।
देश के अधिकांश हिस्सों में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रखने की अनुमति है। जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में यह सीमा 6 कनेक्शन है।
नहीं। एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रखने की सीमा करीब एक दशक पहले ही तय की जा चुकी है। अब बदलाव इस सीमा में नहीं, बल्कि इसे लागू करने की व्यवस्था में किया जा रहा है।
24 अगस्त से नया सिम कार्ड जारी करने से पहले दूरसंचार कंपनियों को यह जांचना होगा कि संबंधित व्यक्ति के नाम पर देशभर में पहले से कितने मोबाइल नंबर दर्ज हैं।
इसका मतलब यह है कि अलग-अलग कंपनियों के नंबर भी कुल संख्या में गिने जाएंगे।
मान लीजिए आपके नाम पर पहले से 9 मोबाइल कनेक्शन चल रहे हैं और आप 10वां सिम कार्ड लेने के लिए आवेदन करते हैं। ऐसी स्थिति में नई व्यवस्था अतिरिक्त कनेक्शन जारी करने की अनुमति नहीं देगी।
यानी केवल उसी कंपनी के मोबाइल नंबरों की गणना नहीं होगी, जिससे आप नया सिम कार्ड ले रहे हैं। अन्य दूरसंचार कंपनियों और अलग-अलग क्षेत्रों में आपके नाम पर दर्ज नंबर भी कुल संख्या में शामिल होंगे।
नए मोबाइल कनेक्शन के लिए आवेदन करते समय ग्राहक को अपने नाम पर पहले से चल रहे मोबाइल नंबरों की जानकारी देनी होगी।
इसके लिए ग्राहक आवेदन पत्र में उन सभी मोबाइल नंबरों का विवरण देना होगा, जो उसके नाम पर किसी दूसरी दूरसंचार कंपनी या किसी दूसरे दूरसंचार क्षेत्र में पंजीकृत हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी व्यक्ति की पहचान पर जरूरत से अधिक मोबाइल कनेक्शन जारी होने की संभावना को रोकना है।
इसके लिए दूरसंचार कंपनियां सरकार के डिजिटल सूचना मंच का इस्तेमाल करेंगी। इस मंच पर अलग-अलग दूरसंचार कंपनियों से प्राप्त ग्राहक जानकारी को एक साथ मिलाकर यह पता लगाया जा सकेगा कि किसी व्यक्ति के नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हैं।
सरकार इस व्यवस्था में छायाचित्र आधारित पहचान की सुविधा भी जोड़ रही है। 23 अगस्त से ऐसे ग्राहकों की जानकारी उपलब्ध होने की बात कही गई है, जिनके नाम पर निर्धारित सीमा से अधिक सिम कार्ड पंजीकृत पाए जाएंगे।
इसके आधार पर नया मोबाइल कनेक्शन देने से पहले व्यक्ति के नाम पर मौजूद कुल नंबरों की जांच की जा सकेगी।
दूरसंचार विभाग ने ऐसी स्थिति के लिए अंतरिम व्यवस्था भी तय की है। यदि तकनीकी व्यवस्था पूरी तरह लागू होने से पहले गलती से निर्धारित सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन सक्रिय हो जाता है, तो अतिरिक्त कनेक्शन को 1 दिन के लिए निलंबित किया जा सकता है।
इसके बाद संबंधित नियमों और ग्राहक आवेदन पत्र में दी गई जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दूरसंचार विभाग ने कंपनियों को नई व्यवस्था के अनुरूप अपने तकनीकी और प्रशासनिक ढांचे में बदलाव करने के लिए 30 नवंबर 2026 तक का समय दिया है।
यानी नियमों का पालन 24 अगस्त से शुरू होगा, जबकि पूरी तकनीकी व्यवस्था को निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए कंपनियों को अतिरिक्त समय भी दिया गया है।
देश के अधिकांश हिस्सों में सीमा 9 मोबाइल कनेक्शन की है। लेकिन जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह सीमा अलग रखी गई है।
इन क्षेत्रों में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 6 मोबाइल कनेक्शन रखने की अनुमति है।
सरकार का उद्देश्य एक ही व्यक्ति की पहचान पर बड़ी संख्या में मोबाइल कनेक्शन जारी होने की स्थिति को रोकना है। ऐसे मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल धोखाधड़ी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में किए जाने की आशंका रहती है।
नई व्यवस्था से दूरसंचार कंपनियों के लिए नया सिम जारी करने से पहले ग्राहक की कुल मोबाइल कनेक्शन संख्या की जांच करना अनिवार्य होगा।
सिम कार्ड की संख्या पर सीमा पहले से मौजूद है, लेकिन अब उसके सख्त और तकनीक आधारित पालन की व्यवस्था की जा रही है। इससे किसी व्यक्ति की पहचान पर बड़ी संख्या में मोबाइल नंबर जारी करने की गुंजाइश कम हो सकती है।
बेबाक24 का मानना है कि फर्जी मोबाइल कनेक्शन और दूरसंचार आधारित धोखाधड़ी रोकने के लिए यह कदम उपयोगी हो सकता है। हालांकि, व्यवस्था लागू करते समय यह भी सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि परिवार के सदस्यों, पुराने बंद नंबरों और पहचान संबंधी त्रुटियों के कारण किसी वास्तविक उपभोक्ता को अनावश्यक परेशानी न हो।
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