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‘न्यूज़’, ‘स्पेस रानी’ और ‘हे राम’ ने पास की पुलिस परीक्षा, अजीब नामों ने मचाई सोशल मीडिया पर हलचल

by admin@bebak24.com on | 2026-08-09 15:06:31

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‘न्यूज़’, ‘स्पेस रानी’ और ‘हे राम’ ने पास की पुलिस परीक्षा, अजीब नामों ने मचाई सोशल मीडिया पर हलचल

रायपुर | बेबाक24 न्यूज़

छत्तीसगढ़ में पुलिस भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी होते ही एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने हजारों अभ्यर्थियों की मेहनत और परीक्षा परिणाम की चर्चा को कुछ अलग ही दिशा दे दी।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की ओर से जारी सूबेदार, उप निरीक्षक और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा की प्रारंभिक चयन सूची में कुछ ऐसे नाम दिखाई दिए, जिन्हें देखकर सोशल मीडिया पर लोग हैरान रह गए।

इनमें ‘न्यूज़’, ‘स्पेस रानी’, ‘हे राम’ और ‘भक्त प्रह्लाद’ जैसे नाम शामिल हैं।

पहली नजर में कई लोगों को लगा कि परिणाम में किसी तरह की तकनीकी या टंकण संबंधी गलती हुई है। कुछ लोगों ने इसे आयोग की डेटा प्रविष्टि की त्रुटि बताया, जबकि कुछ ने भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए।

लेकिन जब मामले की पड़ताल हुई तो कहानी कुछ और निकली।

नाम देखकर सोशल मीडिया पर शुरू हुई चर्चा

परिणाम सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चयन सूची के स्क्रीनशॉट तेजी से साझा किए जाने लगे।

सबसे ज्यादा चर्चा ‘न्यूज़’ और ‘स्पेस रानी’ नामों की हुई। देखते ही देखते इन नामों को लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां और मजाकिया पोस्ट सामने आने लगे।

कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या ये वास्तव में अभ्यर्थियों के नाम हैं या परिणाम तैयार करते समय किसी तरह की गलती हुई है?

वहीं कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि परीक्षा परिणाम जारी करने से पहले नामों का सत्यापन क्यों नहीं किया गया।

मामला इतना बढ़ा कि राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस पर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी।

341 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा

दरअसल, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने पुलिस विभाग में 341 पदों पर भर्ती के लिए यह परीक्षा आयोजित की थी।

इसमें सूबेदार, उप निरीक्षक और प्लाटून कमांडर के पद शामिल थे।

प्रारंभिक परीक्षा 12 जुलाई 2026 को राज्य के सभी 33 जिलों में बनाए गए 183 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी।

आयोग के अनुसार, प्रारंभिक परीक्षा में सफल होने वाले 7,301 अभ्यर्थियों को अब मुख्य परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा।

मुख्य परीक्षा का आयोजन अक्टूबर में प्रस्तावित है। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेज सत्यापन, शारीरिक दक्षता परीक्षा और अन्य निर्धारित चरण शामिल होंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना

मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर इन नामों को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर कटाक्ष किया।

उन्होंने ‘न्यूज़’ और ‘स्पेस रानी’ के चयन को लेकर सरकार पर तंज कसते हुए इसे राजनीतिक व्यंग्य का मुद्दा बना दिया।

वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पार्टी प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

उनका कहना था कि चयन सूची में सामने आए असामान्य नामों के कारण लोगों के मन में सवाल उठे हैं। ऐसे में आयोग को पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करना चाहिए।

दिलचस्प बात यह रही कि सत्तारूढ़ भाजपा के प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने भी आयोग से इन नामों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा।

उन्होंने आयोग से पूछा कि यदि यह किसी तरह की टंकण संबंधी गलती है तो इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

आयोग ने दी सफाई

सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बाद छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने आधिकारिक बयान जारी किया।

आयोग ने स्पष्ट किया कि परिणाम में प्रकाशित नाम किसी तकनीकी गड़बड़ी या आयोग की ओर से की गई गलत प्रविष्टि का परिणाम नहीं हैं।

आयोग के मुताबिक, अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन भरते समय जो नाम स्वयं दर्ज किए थे, वही नाम परीक्षा परिणाम में प्रकाशित किए गए हैं।

आयोग ने यह भी बताया कि इन्हीं नामों के आधार पर संबंधित अभ्यर्थी आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा और प्रवेश-पत्र में शामिल हुए थे।

यानी ‘न्यूज़’ या ‘स्पेस रानी’ जैसे नाम आयोग ने अपनी ओर से नहीं रखे थे।

‘न्यूज़’ ने कहा- यही मेरा असली नाम है

सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा में आए ‘न्यूज़’ नाम के अभ्यर्थी ने भी सामने आकर स्थिति स्पष्ट की।

रायगढ़ के रहने वाले 28 वर्षीय न्यूज़ के अनुसार, उनके स्कूल, कॉलेज और सरकारी दस्तावेजों में भी यही नाम दर्ज है।

उन्होंने कहा कि वह सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं में नहीं उलझना चाहते और उनका पूरा ध्यान अब मुख्य परीक्षा की तैयारी पर है।

उनका कहना है कि यदि वह आगे चयनित होते हैं तो उनकी सफलता ही इन सभी सवालों का जवाब होगी।

‘स्पेस रानी’ ने भेजे दस्तावेज

बिलासपुर की 27 वर्षीय स्पेस रानी भी अचानक सोशल मीडिया चर्चा का हिस्सा बन गईं।

उन्होंने बताया कि उन्हें बाद में पता चला कि उनके नाम को लेकर इंटरनेट पर चर्चा चल रही है।

आयोग की ओर से सत्यापन के लिए उनसे शैक्षणिक प्रमाण-पत्र और पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे गए, जिन्हें उन्होंने आयोग को उपलब्ध करा दिया।

इससे यह स्पष्ट होता है कि मामला केवल किसी सूची में छपे असामान्य नाम तक सीमित नहीं था, बल्कि संबंधित अभ्यर्थियों की वास्तविक पहचान और दस्तावेजों से भी जुड़ा हुआ था।

‘हे राम’ को वीडियो जारी कर देनी पड़ी सफाई

मुंगेली जिले के रहने वाले 27 वर्षीय हे राम का नाम भी चयन सूची में सामने आया।

सोशल मीडिया पर उनके नाम को लेकर सवाल उठने के बाद उन्हें अपनी पहचान स्पष्ट करने के लिए वीडियो जारी करना पड़ा।

उन्होंने बताया कि वह वास्तव में इसी नाम से जाने जाते हैं और उन्होंने अपनी पहचान से जुड़े दस्तावेज आयोग को उपलब्ध करा दिए हैं।

क्या नाम असामान्य होना ही सवाल की वजह है?

इस पूरे मामले ने एक अलग सामाजिक सवाल भी खड़ा किया है—क्या किसी व्यक्ति के नाम के अलग या असामान्य होने मात्र से उसकी पहचान पर संदेह करना उचित है?

सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् ब्रजेंद्र शुक्ला ने इस तरह की चर्चाओं पर आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी व्यक्ति का नाम उसके परिवार और व्यक्तिगत पसंद से जुड़ा विषय है।

उनके मुताबिक, किसी नाम का सामान्य या असामान्य होना यह तय करने का आधार नहीं हो सकता कि व्यक्ति वास्तविक है या नहीं।

असल महत्व उसकी पहचान, योग्यता और कार्य का होना चाहिए।

अब मामला कहां पहुंचा?

आयोग की सफाई और संबंधित अभ्यर्थियों की ओर से दस्तावेज उपलब्ध कराए जाने के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि ‘न्यूज़’, ‘स्पेस रानी’ और ‘हे राम’ जैसे नाम केवल किसी तकनीकी गलती की वजह से चयन सूची में नहीं आए हैं।

ये वास्तविक अभ्यर्थियों के नाम हैं, जिन्हें उन्होंने अपने आवेदन पत्र में दर्ज किया था।

अब इन अभ्यर्थियों के सामने सोशल मीडिया की चर्चा से ज्यादा बड़ी चुनौती मुख्य परीक्षा है।

341 पदों के लिए शुरू हुई यह भर्ती प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच चुकी है और 7,301 सफल अभ्यर्थियों की नजर अक्टूबर में होने वाली मुख्य परीक्षा पर है।

नाम ने चौंकाया, लेकिन असली परीक्षा अभी बाकी है

इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प बात यह है कि सोशल मीडिया पर कुछ नामों ने परीक्षा परिणाम की पूरी चर्चा को अपने आसपास केंद्रित कर दिया।

लेकिन नाम चाहे ‘न्यूज़’ हो, ‘स्पेस रानी’ हो या ‘हे राम’—पुलिस अधिकारी बनने की असली कसौटी अब नाम नहीं, बल्कि मुख्य परीक्षा, शारीरिक दक्षता और पूरी भर्ती प्रक्रिया में प्रदर्शन होगा।

बेबाक24 न्यूज़ की नजर अब इस भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण पर रहेगी।



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