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मेसी का जादुई यू-टर्न! अटलांटा में थमा इंग्लैंड का सफर; 92वें मिनट के रोमांच में अर्जेंटीना वर्ल्ड कप फाइनल में

by admin@bebak24.com on | 2026-07-16 14:59:36

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मेसी का जादुई यू-टर्न! अटलांटा में थमा इंग्लैंड का सफर; 92वें मिनट के रोमांच में अर्जेंटीना वर्ल्ड कप फाइनल में

अटलांटा/यूएसए (बेबाक24): फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में बुधवार को वह ऐतिहासिक और अविश्वसनीय नजारा देखने को मिला, जिसे फुटबॉल इतिहास में सदियों तक याद रखा जाएगा। 39 साल की उम्र में अपना आखिरी वर्ल्ड कप खेल रहे 'ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम'  लियोनेल मेसी ने अपने जादुई खेल से इंग्लैंड के जबड़े से जीत छीन ली।

अटलांटा स्टेडियम में खेले गए इस सांस रोक देने वाले मुकाबले में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है।

85वें मिनट तक आगे था इंग्लैंड, फिर मेसी ने बदला विंग और पलट गया मैच

मैच का पहला हाफ बेहद कड़ा रहा, जिसमें लियोनेल मेसी को इंग्लैंड के डिफेंस ने बीच के हिस्से में बांध कर रखा। असली रोमांच तब शुरू हुआ जब 55वें मिनट में एंथनी गॉर्डन ने शानदार गोल दागकर इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी।

  • टशेल की रक्षात्मक रणनीति: बढ़त मिलते ही इंग्लैंड के कोच थॉमस टशेल ने डिफेंसिव खिलाड़ियों को मैदान पर उतारकर अपनी दीवार मजबूत कर ली। इसके बाद अगले 37 मिनट तक अर्जेंटीना का गेंद पर 88% नियंत्रण रहा, लेकिन गोल नहीं आ रहा था।

  • कोच स्कालोनी का मास्टरस्ट्रोक: मैच के आखिरी पलों में कोच स्कालोनी ने मेसी को राइट विंग (दाएं किनारे) पर भेज दिया। गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज़ ने मैच के बाद कहा, "मेसी को विंग पर ले जाना मैच का टर्निंग पॉइंट रहा।"

जादुई आखिरी 10 मिनट: मेसी के दो असिस्ट और लॉतारो का विजयी हेडर

जब लग रहा था कि इंग्लैंड फाइनल का टिकट पक्का कर चुका है, तब मेसी के पैरों ने जादू बिखेरना शुरू किया:

  • 85वां मिनट (बराबरी का गोल): मेसी ने एक सटीक कॉर्नर रणनीति के तहत बॉक्स के ठीक बाहर खड़े एंजो फर्नांदेज़ को जादुई पास दिया, जिन्होंने बिना कोई गलती किए गेंद को नेट में डाल स्कोर 1-1 कर दिया।

  • 92वां मिनट (इंजरी टाइम का खूनी पंच): पूरा स्टेडियम सांसें थामे एक्स्ट्रा टाइम की उम्मीद कर रहा था। तभी मेसी ने विंग से एक बेहद खूबसूरत और सटीक क्रॉस बॉक्स के अंदर भेजा, जिस पर लॉतारो मार्टिनेज़ ने उड़ते हुए हेडर के जरिए विजयी गोल (2-1) दागकर इंग्लैंड के सपनों को चकनाचूर कर दिया।

मेसी का ऐतिहासिक 'अल्ट्रा-लेजेंड' प्रदर्शन (डेटा शीट)

खेल मानक (Stats)लियोनेल मेसी का प्रदर्शन बनाम इंग्लैंडपूरी इंग्लैंड टीम का प्रदर्शन
असिस्ट (Assists)2 (दोनों गोल मेसी के पास से आए)0
सफल ड्रिब्लिंग9 (1966 के बाद नॉकआउट में नया रिकॉर्ड)कुल 7
पेनल्टी बॉक्स टच7 बारकुल 7 बार
क्रिएट किए मौके4 बारकुल 4 बार
क्रॉस (Crosses)9 (मैच में सबसे ज्यादा)-

फुटबॉल विशेषज्ञ मिका रिचर्ड्स के शब्द:

"मेसी पूरे मैच में मैदान पर आराम से टहलते नजर आते हैं, लेकिन जैसे ही गेंद उनके पैरों में आती है, वह अचानक जीवंत हो उठते हैं। इंग्लैंड को लगा था कि यह मैच बेलिंगहैम या हैरी केन तय करेंगे, पर मेसी ने साबित कर दिया कि बादशाह आज भी वही हैं।"

2016 के संन्यास से 2026 के फाइनल का सफर

यह विश्वास करना कठिन है कि जो मेसी 2016 में लगातार फाइनल हारने के बाद 29 साल की उम्र में संन्यास ले चुके थे, वह आज 39 साल की उम्र में 8 गोल और 4 असिस्ट के साथ इस वर्ल्ड कप के टॉप स्कोरर बने हुए हैं।

  • इतिहास रचने की दहलीज पर: रविवार को न्यू जर्सी में होने वाले फाइनल में अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा।

  • अगर मेसी फाइनल में गोल या असिस्ट करते हैं, तो वे लगातार 14 मैचों में गोल/असिस्ट करने के अपने 2011 के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे।

  • साथ ही वे ब्राजील के काफू के बाद दुनिया के तीन वर्ल्ड कप फाइनल खेलने वाले इतिहास के दूसरे खिलाड़ी बन जाएंगे।

फीफा वर्ल्ड कप 2026: अर्जेंटीना के 'थ्रिलर' सफर की 4 यादगार रातें

इस विश्व कप में अर्जेंटीना का सफर किसी बॉलीवुड सस्पेंस फिल्म जैसा रहा है, जहां वे हर बार मौत के मुंह से निकलकर वापस आए हैं:

1.केप वर्डे बनाम अर्जेंटीना (रोमांचक जीत):प्री-क्वार्टर फाइनल.

निर्धारित समय तक मुकाबला 1-1 से बराबर रहने के बाद, एक्स्ट्रा टाइम में केप वर्डे के आत्मघाती गोल के दम पर अर्जेंटीना ने अगले दौर में प्रवेश किया।


2.मिस्र के खिलाफ अविश्वसनीय वापसी:क्वार्टर फाइनल से पहले.

79वें मिनट तक मिस्र 2-0 से आगे था। पहले रोमेरो ने गोल किया, फिर 83वें मिनट में मेसी ने बराबरी की और 93वें मिनट में एंजो फर्नांदेज़ ने विजयी गोल दागकर चमत्कार कर दिया।


3.स्विट्जरलैंड पर एक्स्ट्रा टाइम में फतह:क्वार्टर फाइनल.

67वें मिनट में स्कोर 1-1 की बराबरी पर था। 112वें मिनट में जूलियन अल्वारेज़ और फिर लाउतारो मार्टिनेज़ ने गोल कर मुकाबला अर्जेंटीना की झोली में डाल दिया।


4.इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम मिनटों का जादू:सेमीफाइनल.

85वें मिनट तक 0-1 से पिछड़ने के बाद एंजो फर्नांदेज़ और 92वें मिनट में लाउतारो मार्टिनेज़ के गोल (दोनों में मेसी का असिस्ट) से फाइनल का टिकट कटाया।

बेबाक24 टेक

लियोनेल मेसी केवल एक फुटबॉल खिलाड़ी नहीं हैं, वे इस खेल की आत्मा बन चुके हैं। 2022 में कतर में वर्ल्ड कप जीतने के बाद दुनिया मान चुकी थी कि मेसी की कहानी पूरी हो गई। वे यूरोप छोड़कर एमएलएस लीग में चले गए, लेकिन 39 साल की उम्र में उनका यह समर्पण दिखाता है कि महानता उम्र की मोहताज नहीं होती।

बेबाक24 का मानना है कि इंग्लैंड की सबसे बड़ी गलती वही रही जो उन्होंने अतीत में भी की है— एक गोल की बढ़त लेकर पूरी तरह डिफेंसिव हो जाना। मेसी जैसे शातिर खिलाड़ी के सामने डिफेंसिव बस खड़ी करना आत्महत्या करने जैसा है। मेसी ने इंग्लैंड की इस कमजोरी को भांप लिया और विंग पर जाकर मैच का हुलिया बदल दिया। अब रविवार को न्यू जर्सी में स्पेन के खिलाफ फाइनल मुकाबला केवल एक मैच नहीं, बल्कि मेसी के करियर के उस सफर का समापन होगा जो बार्सिलोना की गलियों से शुरू होकर वैश्विक फुटबॉल के शिखर पर खत्म हो रहा है। पूरा अर्जेंटीना अब अपने 'मसीहा' को लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनते देखने के लिए प्रार्थना कर रहा है।



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