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जय जगन्नाथ' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंजी काशी, डोली यात्रा के साथ रथयात्रा महोत्सव का भव्य शुभारंभ

by on | 2026-07-16 14:35:51

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जय जगन्नाथ' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंजी काशी, डोली यात्रा के साथ रथयात्रा महोत्सव का भव्य शुभारंभ

'वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में बुधवार को भगवान जगन्नाथ के स्वस्थ होने के उपलक्ष्य में पारंपरिक डोली यात्रा पूरी भव्यता, श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। अस्सी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से शुरू हुई इस पावन यात्रा में भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ विशेष डोली में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। यात्रा के दौरान पूरा मार्ग "जय जगन्नाथ" और "हर-हर महादेव" के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान रहा।

​डमरू की थाप, गूंजते धर्मध्वजों और भक्तिमय भजन-कीर्तन के बीच आगे बढ़ती इस यात्रा में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर प्रभु का आत्मीय स्वागत किया गया, वहीं द्वारकाधीश मंदिर सहित कई प्रमुख स्थलों पर भगवान की भव्य आरती उतारी गई।

​स्थानीय भक्त गोविंद शर्मा ने बताया कि काशी में भगवान जगन्नाथ की डोली यात्रा की यह गौरवशाली परंपरा लगभग 224 वर्ष पुरानी है। वर्षभर श्रद्धालु इस पावन घड़ी की प्रतीक्षा करते हैं और भगवान की डोली को कंधा देना अपने जीवन का परम सौभाग्य मानते हैं।

आज से सजेगा तीन दिवसीय ऐतिहासिक रथयात्रा मेला

​डोली यात्रा के समापन के साथ ही गुरुवार से काशी के ऐतिहासिक रथयात्रा मेले का विधिवत आगाज़ होने जा रहा है। आगामी तीन दिनों तक भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा और भइया बलभद्र भव्य रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। यह वर्ष का वह दुर्लभ और विशेष अवसर होता है, जब गर्भगृह से बाहर आकर साक्षात महाप्रभु अपने भक्तों के बीच उपस्थित होते हैं।

लक्खा मेले में उमड़ेगी भीड़, इस बार 'खाजा' का विशेष भोग

​काशी का यह रथयात्रा मेला शहर के प्रसिद्ध 'लक्खा मेलों' में शुमार है, जिसमें देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार, श्रद्धालु भगवान को तुलसी दल और विशेष रूप से 'नानखटाई' का भोग अर्पित करते हैं।

इस बार क्या है खास?

मेले में इस वर्ष एक नई परंपरा जुड़ने जा रही है। जगन्नाथ पुरी की मूल परंपरा के अनुरूप, इस बार काशी में भी भगवान जगन्नाथ को 'खाजा' का विशेष महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा। प्रशासन और मंदिर समिति ने मेले की भव्यता और सुरक्षा को लेकर पुख्ता तैयारियां पूरी कर ली हैं।



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