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जंतर-मंतर पर अनशन का 18वां दिन! ममता बनर्जी ने सोनम वांगचुक को फोन कर दी 'हिम्मत', नीट-सीयूईटी गड़बड़ी पर खोला मोर्चा

by admin@bebak24.com on | 2026-07-15 20:12:03

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जंतर-मंतर पर अनशन का 18वां दिन! ममता बनर्जी ने सोनम वांगचुक को फोन कर दी 'हिम्मत', नीट-सीयूईटी गड़बड़ी पर खोला मोर्चा

नई दिल्ली/कोलकाता (बेबाक24): दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 18 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे मशहूर पर्यावरणविद और सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के आंदोलन को अब विपक्ष का बड़ा साथ मिल गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के इस आंदोलन को अपना खुला समर्थन दे दिया है।

ममता बनर्जी ने खुद सोनम वांगचुक से फोन पर बात कर उनकी बिगड़ती सेहत का हाल जाना और इस लड़ाई में उन्हें हिम्मत बनाए रखने को कहा। 'बेबाक24' की यह विशेष राजनीतिक और ग्राउंड रिपोर्ट:

ममता बनर्जी ने फोन पर क्या कहा?

सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस कदम का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया पर उनका आभार व्यक्त किया है। दीपके के मुताबिक:

  • सेहत पर चिंता: ममता बनर्जी ने फोन कॉल के दौरान सोनम वांगचुक से उनकी नाजुक होती सेहत के बारे में पूछा और कहा कि देश इस संघर्ष में उनके साथ है, वे अपनी हिम्मत बनाए रखें।

  • छात्रों के न्याय का समर्थन: ममता बनर्जी ने न केवल वांगचुक के आंदोलन बल्कि नीट-यूजी (NEET-UG) और सीयूईटी (CUET) परीक्षाओं में हुई कथित धांधली को लेकर छात्रों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शनों का भी पुरजोर समर्थन किया। टीएमसी प्रमुख ने साफ किया कि परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

18 दिनों में 8.5 किलो वजन घटा, वांगचुक झुकने को तैयार नहीं

सोनम वांगचुक का यह अनशन पिछले महीने 28 जून 2026 से लगातार जारी है और आज इसे 18 दिन पूरे हो चुके हैं:

  • बिगड़ती सेहत: इतने दिनों से अन्न का एक दाना न लेने के कारण वांगचुक का वजन अब तक करीब साढ़े आठ किलो (8.5 kg) कम हो चुका है, जिससे डॉक्टरों और उनके समर्थकों की चिंताएं चरम पर हैं।

  • विपक्ष की अपील बेअसर: हालांकि विपक्षी खेमे के कई बड़े नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर या संदेश भेजकर उनसे अपना अनशन खत्म करने की भावुक अपील की है, लेकिन वांगचुक ने साफ कर दिया है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे।

सोनम वांगचुक अनशन और राजनीतिक समर्थन: मुख्य बिंदु

मुख्य पहलूआंदोलन की वर्तमान स्थिति (15 जुलाई 2026)
अनशन का स्थान / दिनजंतर-मंतर, नई दिल्ली (18वां दिन)।
अनशन की शुरुआत28 जून 2026 से लगातार।
शारीरिक प्रभाववजन में 8.5 किलोग्राम की भारी गिरावट, डॉक्टरों की चिंता बढ़ी।
मुख्य मांगेंनीट-यूजी और सीयूईटी परीक्षाओं में धांधली की जांच; शिक्षा मंत्री का इस्तीफा।
नया राजनीतिक समर्थनममता बनर्जी (TMC प्रमुख) द्वारा फोन पर समर्थन और एकजुटता का एलान।

बेबाक24 टेक

सोनम वांगचुक जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित एक्टिविस्ट का छात्रों के भविष्य के लिए दिल्ली की तपती धूप में 18 दिनों तक भूखे बैठे रहना, हमारे देश के एजुकेशन सिस्टम और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर एक गंभीर सवालिया निशान है। नीट और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं की साख पहले ही मटियामेट हो चुकी है, और अब यह लड़ाई एक बड़ा राजनीतिक रूप अख्तियार कर चुकी है।

बेबाक24 का मानना है कि ममता बनर्जी का इस आंदोलन के पक्ष में उतरना और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराना यह दिखाता है कि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को संसद से लेकर सड़क तक घेरने की पूरी रणनीति बना चुका है। सरकार को वांगचुक की गिरती सेहत को देखते हुए तुरंत जिद छोड़नी चाहिए और कूटनीतिक व प्रशासनिक स्तर पर बातचीत की पहल करनी चाहिए, क्योंकि अगर वांगचुक की सेहत को कुछ भी होता है, तो उसका आक्रोश संभालना सत्ता के लिए नामुमकिन हो जाएगा।



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