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टेक जगत में महाभूकंप! IBM को एक ही दिन में 70 अरब डॉलर की भारी चपत; 58 साल की सबसे बड़ी गिरावट

by admin@bebak24.com on | 2026-07-15 20:06:34

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टेक जगत में महाभूकंप! IBM को एक ही दिन में 70 अरब डॉलर की भारी चपत; 58 साल की सबसे बड़ी गिरावट

न्यूयॉर्क (बेबाक24): वैश्विक तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज अमेरिकी कंपनी IBM (इंटरनेशनल बिजनेस मशीन्स) के लिए मंगलवार का दिन किसी बुरे सपने की तरह साबित हुआ। अपने शेयरों में आई ऐतिहासिक और अप्रत्याशित गिरावट के कारण कंपनी को एक ही दिन में करीब 70 अरब डॉलर (लगभग 5.8 लाख करोड़ रुपये) का भारी-भरकम नुकसान उठाना पड़ा है।

ब्लूमबर्ग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 58 वर्षों (1968 के बाद) में IBM के शेयरों में यह सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट है। मंगलवार को बाजार खुलते ही कंपनी के शेयर 25 फीसदी तक धड़ाम हो गए। 

क्यों डूबे 70 अरब डॉलर? उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजे बने वजह

1911 में स्थापित हुई और कंप्यूटर क्रांति की जनक मानी जाने वाली कंपनी IBM को यह झटका उसकी दूसरी तिमाही (Q2) के शुरुआती वित्तीय नतीजों के सामने आने के बाद लगा है:

  • नाममात्र की ग्रोथ: जून में समाप्त हुई तीन महीने की अवधि में कंपनी का कुल रेवेन्यू (राजस्व) बाजार की उम्मीदों के विपरीत सिर्फ 1 फीसदी बढ़कर 17.2 अरब डॉलर रहा। वैश्विक मंदी और एआई (AI) के दौर में निवेशक इससे कहीं बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे थे।

  • मेनफ्रेम कारोबार को तगड़ा झटका: आईबीएम के पारंपरिक और सबसे मजबूत स्तंभ माने जाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार के राजस्व में 7 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसमें कंपनी का मुख्य मेनफ्रेम कंप्यूटर बिजनेस भी शामिल है, जो कभी आईबीएम की पहचान हुआ करता था।

  • सॉफ्टवेयर भी रहा सुस्त: सॉफ्टवेयर डिवीजन से होने वाले राजस्व में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी जरूर हुई, लेकिन यह भी बाजार विश्लेषकों के अनुमानों से काफी कम रही।

सीईओ अरविंद कृष्णा की दो-टूक: "हमसे चूक हुई, हम खुद को बदल नहीं पाए"

इस ऐतिहासिक गिरावट और निवेशकों के टूटते भरोसे के बीच आईबीएम के भारतीय मूल के सीईओ (CEO) अरविंद कृष्णा ने स्थिति को संभालने के बजाय पूरी ईमानदारी से अपनी नाकामी को स्वीकार किया। उन्होंने निवेशकों और शेयरधारकों को लिखे एक बेहद संवेदनशील पत्र में कहा:

"इस तिमाही में हमसे बड़ी चूक हुई है। तकनीक की इस तेज रफ्तार दुनिया में हम खुद को समय के अनुसार बदलने और उतनी तेजी से आगे बढ़ने में पूरी तरह नाकाम रहे। हम अपनी रणनीतियों की समीक्षा कर रहे हैं।"

क्या टेक इंडस्ट्री में आ रहा है कोई बड़ा बदलाव?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आईबीएम की यह गिरावट केवल एक कंपनी का संकट नहीं है, बल्कि यह पारंपरिक टेक कंपनियों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। वर्तमान में जहां टेक जगत का पूरा ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग पर केंद्रित है, वहीं आईबीएम जैसी पुरानी कंपनियां अपने पारंपरिक हार्डवेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस के धीमे होने के कारण पिछड़ रही हैं।

IBM का वित्तीय संकट: एक नजर में (2026)

मापदंड / विषयवर्तमान वित्तीय स्थिति और प्रभाव
एक दिन का नुकसान~70 अरब डॉलर (मार्केट कैप में गिरावट)।
शेयरों में गिरावट25% की ऐतिहासिक गिरावट (58 साल का रिकॉर्ड)।
दूसरी तिमाही का रेवेन्यू17.2 अरब डॉलर (केवल 1% की बढ़ोतरी)।
इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस7% की भारी गिरावट (मेनफ्रेम कारोबार सुस्त)।
मुख्य कारणवक्त के साथ खुद को न बदल पाना और एआई (AI) रेस में पिछड़ना।

बेबाक24 टेक

आईबीएम का एक ही दिन में 25% टूट जाना यह साबित करता है कि शेयर बाजार में 'नाम और इतिहास' की कोई कीमत नहीं होती, वहां केवल 'रफ़्तार और इनोवेशन' मायने रखते हैं। अरविंद कृष्णा का यह कबूलनामा कि कंपनी खुद को बदलने में नाकाम रही, उनकी ईमानदारी को तो दिखाता है, लेकिन यह निवेशकों के घाव पर नमक छिड़कने जैसा है।

बेबाक24 का मानना है कि जो कंपनियां आज के 'एआई-फर्स्ट' (AI-First) युग में अपनी पुरानी लीक पर चलती रहेंगी, उनका हश्र आईबीएम जैसा ही होगा। आईबीएम को अगर टेक इंडस्ट्री के शीर्ष पर बने रहना है, तो उसे अपने मेनफ्रेम के मोह को छोड़कर क्लाउड और जेनरेटिव एआई के क्षेत्र में आक्रामक रूप से बड़े कदम उठाने होंगे, अन्यथा 115 साल पुरानी यह दिग्गज कंपनी इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएगी।



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