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अंतरिक्ष में गूंजा भारत का नाम! भारतीय मूल के अनिल मेनन पहुंचे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन, महज 3 घंटे में सोयुज यान से पूरी की यात्रा

by admin@bebak24.com on | 2026-07-15 20:04:47

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अंतरिक्ष में गूंजा भारत का नाम! भारतीय मूल के अनिल मेनन पहुंचे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन, महज 3 घंटे में सोयुज यान से पूरी की यात्रा

वॉशिंगटन/बैकोनूर (बेबाक24): अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत और भारतीय प्रवासियों के लिए एक और ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण पल आया है। भारतीय मूल के अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन (Anil Menon) अपने दो रूसी सहयोगियों के साथ सफलतापूर्वक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पहुंच गए हैं।

बुधवार तड़के (15 जुलाई 2026) रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के सोयुज एमएस-29 (Soyuz MS-29) अंतरिक्ष यान के जरिए उन्होंने यह सफर बेहद कम समय में पूरा किया। अंतरिक्ष स्टेशन पर पहले से मौजूद वैज्ञानिकों ने अनिल मेनन और उनकी टीम का गर्मजोशी से गले मिलकर और हाथ हिलाकर स्वागत किया। 'बेबाक24' की यह विशेष अंतरिक्ष विज्ञान रिपोर्ट:

बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से भरी थी ऐतिहासिक उड़ान

अनिल मेनन और उनके क्रू मेंबर्स की यह यात्रा कजाकिस्तान के ऐतिहासिक बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से शुरू हुई थी:

  • सटीक टाइमिंग पर लॉन्च: रोस्कोस्मोस का सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान मंगलवार रात भारतीय समयानुसार 8:17 बजे बैकोनूर से रवाना हुआ। दिलचस्प बात यह रही कि जिस समय रॉकेट ने उड़ान भरी, ठीक उसी वक्त अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) कॉस्मोड्रोम के ठीक ऊपर से गुजर रहा था।

  • शुरुआती कक्षा में प्रवेश: लॉन्चिंग के महज 8 मिनट बाद ही रॉकेट ने अंतरिक्ष यान को पृथ्वी की शुरुआती कक्षा (Initial Orbit) में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया, जिसके बाद अंतरिक्ष स्टेशन की ओर बढ़ने का सफर शुरू हुआ।

तीन घंटे का 'एक्सप्रेस सफर' और प्रिचल मॉड्यूल से डॉकिंग

आधुनिक तकनीक और सटीक ऑर्बिटल कैलकुलेशन की बदौलत यह यात्रा अंतरिक्ष इतिहास की सबसे तेज यात्राओं में से एक रही:

  • महज 3 घंटे की यात्रा: अंतरिक्ष यान ने पृथ्वी की कक्षा से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक की दूरी को तीन घंटे से कुछ अधिक समय में तय कर लिया।

  • सफल डॉकिंग: भारतीय समयानुसार रात 11:52 बजे सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान पूरी सुरक्षा के साथ आईएसएस (ISS) के प्रिचल मॉड्यूल (Prichal Module) से जुड़ (Docking) गया। डॉकिंग प्रक्रिया पूरी होने और हैच खुलने के बाद अनिल मेनन ने स्टेशन में प्रवेश किया।

रूसी कॉस्मोनॉट्स के साथ साझा मिशन

इस महत्वपूर्ण नासा (NASA) मिशन में अनिल मेनन के साथ दो अनुभवी रूसी कॉस्मोनॉट (अंतरिक्ष यात्री) भी शामिल हैं:

  • क्रू मेंबर्स: इस मिशन पर मेनन के साथ रूस के प्योत्र दुब्रोव (Pyotr Dubrov) और महिला कॉस्मोनॉट अन्ना किकिना (Anna Kikina) अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे हैं।

  • मिशन का उद्देश्य: यह अंतरराष्ट्रीय टीम अगले कुछ महीनों तक स्पेस स्टेशन में रहकर विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों, माइक्रोग्रैविटी रिसर्च और भविष्य के मंगल व चंद्रमा मिशनों से जुड़े तकनीकी परीक्षणों को अंजाम देगी।

नासा-रोस्कोस्मोस ISS मिशन 2026: मुख्य विवरण

मुख्य पहलूमिशन स्टेट्स व टाइमिंग
मुख्य अंतरिक्ष यात्रीअनिल मेनन (भारतीय मूल), प्योत्र दुब्रोव, अन्ना किकिना
अंतरिक्ष यान / रॉकेटसोयुज एमएस-29 (रोस्कोस्मोस)
लॉंच का समय (IST)मंगलवार रात 08:17 बजे (बैकोनूर कॉस्मोड्रोम)
डॉकिंग का समय (IST)बुधवार तड़के 11:52 बजे (प्रिचल मॉड्यूल, ISS)
यात्रा की कुल अवधिलगभग 3 घंटे 35 मिनट

बेबाक24 टेक

अनिल मेनन का अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचना वैश्विक अंतरिक्ष विज्ञान में भारतीय प्रतिभाओं के बढ़ते दबदबे का एक और जीवंत प्रमाण है। कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के बाद अनिल मेनन का यह मिशन भारतीय युवाओं को एयरोस्पेस और विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा।

बेबाक24 का मानना है कि वर्तमान में अमेरिका-रूस के बीच चल रहे भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव के बावजूद, नासा और रोस्कोस्मोस का यह संयुक्त सोयुज मिशन यह दिखाता है कि विज्ञान और अंतरिक्ष अन्वेषण (Space Exploration) की राह में राजनीतिक दूरियां बाधा नहीं बन सकतीं। महज 3 घंटे में स्पेस स्टेशन तक डॉकिंग करना अंतरिक्ष यात्राओं की सुगमता और तकनीकी विकास की एक बड़ी छलांग है।



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