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वियतनाम नाव दुर्घटना में 15 भारतीयों की मौत; लाइफ जैकेट पहनने के बाद भी क्यों नहीं बची जान? चश्मदीद ने बयां किया 3 मिनट का खौफनाक सच

by on | 2026-07-12 20:27:49

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वियतनाम नाव दुर्घटना में 15 भारतीयों की मौत; लाइफ जैकेट पहनने के बाद भी क्यों नहीं बची जान? चश्मदीद ने बयां किया 3 मिनट का खौफनाक सच

चेन्नई (बेबाक24): वियतनाम के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल फु क्वोक द्वीप (Phu Quoc Island) के पास शनिवार को एक बेहद दर्दनाक नाव हादसा हो गया। इस भीषण दुर्घटना में तमिलनाडु के 10 लोगों समेत कुल 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई है। वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि मृतकों में तमिलनाडु के 10, आंध्र प्रदेश के 3 और केरल के 2 नागरिक शामिल हैं। यह सभी लोग अपनी कंपनी की ओर से मिले 'रिवॉर्ड टूर' पर वियतनाम गए थे।

इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब सभी पर्यटकों ने लाइफ जैकेट (Life Jacket) पहन रखी थी, तो फिर 15 लोगों की जान कैसे चली गई? इस हादसे में बाल-बाल बचे चश्मदीद निर्मल कुमार ने ग्राउंड जीरो से तबाही की जो कहानी बयां की है, वह बेहद झकझोरने वाली है।

चश्मदीद की आपबीती: बंद नाव और 3 मिनट में सब खत्म

दुर्घटना में सुरक्षित बचे तमिलनाडु के पलानी निवासी निर्मल कुमार ने समाचार एजेंसी पीटीआई  काे  बताया कि आखिर उन चंद सेकेंड्स में क्या हुआ था:

  • पूरी तरह बंद थी नाव (Enclosed Boat): निर्मल कुमार के मुताबिक, "हम सभी लोग दोपहर का खाना खाने के लिए एक 'बंद नाव' (केबिन वाली नाव) में सवार होकर निकले थे। नाव में कुल 39 लोग सवार थे, जो क्षमता से अधिक थे।"

  • ऊंची लहरें और जलसमाधि: अचानक समुद्र में तेज हवाएं चलने लगीं और एक बहुत ऊंची लहर नाव से टकराई। बंद नाव होने और क्षमता से ज्यादा वजन होने के कारण नाव असंतुलित होकर डगमगा गई और महज 3 मिनट (कुछ ही सेकेंड्स) के भीतर पूरी तरह पलट गई।

  • लाइफ जैकेट क्यों हुई बेअसर: निर्मल कुमार ने बताया कि लाइफ जैकेट सबने पहन रखी थी, लेकिन नाव के केबिन (ऊपरी हिस्सा) बंद होने के कारण पानी भरते ही पीछे बैठे लोग अंदर ही ट्रैप हो गए। जो लोग आगे बैठे थे, वे सामने के रास्ते और खिड़कियों से किसी तरह बाहर निकल आए (लगभग 20 लोग बच गए), लेकिन पीछे बैठे 15 लोग बंद नाव के ढांचे के भीतर फंस गए। लाइफ जैकेट पहनने के बावजूद बंद केबिन में पानी भर जाने के कारण वे तैरकर बाहर नहीं आ सके और दम घुटने से उनकी मौत हो गई।

प्रशासनिक एक्शन: शव बरामद, वियतनाम सरकार ने दिए जांच के आदेश

हादसे की खबर मिलते ही वियतनाम के कोस्ट गार्ड (तटरक्षक बल) ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी 15 शवों को बरामद कर लिया है।

  • वियतनाम सरकार का रुख: वियतनाम के उप प्रधानमंत्री फाम जिया डुक ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पीड़ितों के लिए तत्काल राहत उपायों और दुर्घटना के कारणों की उच्च स्तरीय जांच के सख्त निर्देश दिए हैं। वियतनाम का विदेश मंत्रालय भारतीय दूतावास के साथ मिलकर काम कर रहा है।

  • तमिलनाडु सरकार की मुस्तैदी: मुख्यमंत्री विजय ने प्रवासी तमिल कल्याण और पुनर्वास आयोग के अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की मदद करने और शवों को जल्द से जल्द भारत लाने के निर्देश दिए हैं।

मदद के लिए जारी किए गए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर

हादसे से प्रभावित परिवारों और जानकारी जुटाने के लिए भारत और वियतनाम में 24 घंटे चालू रहने वाले कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर स्थापित किए गए हैं:

तमिलनाडु सरकार (प्रवासी विभाग)

  • भारत के भीतर: 1800 309 3793 (टोल-फ्री)

  • विदेश से (मिस्ड कॉल): +91 80 6900 9900

  • सीधा संपर्क नंबर: +91 80 6900 9901

वियतनाम स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास (हो ची मिन्ह सिटी व हनोई)

  • कंट्रोल रूम नंबर: +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14, +84 33 452 0414

  • हनोई संपर्क नंबर: +84 91 308 9165

वियतनाम नाव हादसा 2026: मुख्य बिंदु

मुख्य विवरणघटनाक्रम की स्थिति
दुर्घटना का स्थानफु क्वोक द्वीप के पास (वियतनाम)
कुल मृतक (15 भारतीय)तमिलनाडु: 10, आंध्र प्रदेश: 3, केरल: 2
हादसे की मुख्य वजहक्षमता से अधिक लोग, अचानक आई तेज लहर और बंद केबिन वाली नाव का पलटना
वर्तमान स्थितिसभी शव बरामद व शिनाख्त पूरी; भारतीय दूतावास शवों को भारत भेजने की प्रक्रिया में जुटा।

बेबाक24 टेक

यह दुर्घटना इस बात का एक और कड़वा और सबक सिखाने वाला उदाहरण है कि केवल सुरक्षा उपकरण (जैसे लाइफ जैकेट) होना ही काफी नहीं है, बल्कि जिस वाहन में आप सफर कर रहे हैं, उसकी बनावट और सुरक्षा मानक भी उतने ही मायने रखते हैं। जब कोई नाव चारों तरफ से लॉक या बंद केबिन वाली होती है, तो उसके पलटने की स्थिति में लाइफ जैकेट इंसान को ऊपर तो उठाती है, लेकिन वह नाव की छत से जाकर टकरा जाता है और बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिलता।

बेबाक24 का मानना है कि पर्यटन कंपनियों को विदेशी दौरों पर पर्यटकों को ऐसी बंद नौकाओं में ले जाने से बचना चाहिए जहाँ आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की पर्याप्त व्यवस्था न हो। साथ ही, क्षमता से अधिक पर्यटकों को नाव पर बिठाना वियतनाम के स्थानीय क्रू की एक आपराधिक लापरवाही है। भारत के विदेश मंत्रालय को वियतनाम सरकार पर दबाव बनाकर इस हादसे के जिम्मेदार बोट ऑपरेटरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और भारतीय पर्यटक को अपनी जान न गंवानी पड़े।



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