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होर्मुज़ जलसंधि में ईरान का कमर्शियल जहाज पर हमला; 10 भारतीय क्रू बचाए गए, 1 लापता; अमेरिका की भीषण एयरस्ट्राइक के बाद ईरान ने अमेरिकी सैन्य बेस को उड़ाया, युद्धविराम खत्म

by on | 2026-07-12 20:22:33

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होर्मुज़ जलसंधि में ईरान का कमर्शियल जहाज पर हमला; 10 भारतीय क्रू बचाए गए, 1 लापता; अमेरिका की भीषण एयरस्ट्राइक के बाद ईरान ने अमेरिकी सैन्य बेस को उड़ाया, युद्धविराम खत्म

ओमान ब्यूरो (बेबाक24): पश्चिम एशिया  का तनाव अब एक पूर्ण सैन्य महायुद्ध में तब्दील हो चुका है। ओमान तट के पास होर्मुज़ जलडमरूमध्य  में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स  ने साइप्रस के झंडे वाले एक वाणिज्यिक कंटेनर जहाज 'एमवी जीएफएस गैलेक्सी' पर भीषण हमला कर दिया है।

इस जहाज पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 1 भारतीय क्रू मेंबर अभी भी लापता है। इस हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच हुआ युद्धविराम पूरी तरह टूट चुका है और दोनों महाशक्तियों ने एक-दूसरे पर मिसाइलों की बरसात कर दी है। 'बेबाक24' की ग्राउंड ज़ीरो से सबसे बड़ी और त्वरित अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट:

होर्मुज़ में भारतीय जहाज पर हमला: विदेश मंत्रालय ने जताई कड़ी आपत्ति

भारतीय विदेश मंत्रालय ने रविवार को इस हमले की पुरजोर निंदा करते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया:

  • खोज अभियान जारी: ओमान में स्थित भारतीय दूतावास लगातार ओमानी अधिकारियों के संपर्क में है और लापता भारतीय नागरिक की तलाश के लिए 'सर्च एंड रेस्क्यू' ऑपरेशन युद्ध स्तर पर चला रहा है।

  • इंजन रूम तबाह: अमेरिकी सेंट्रल कमांड  के अनुसार, ईरान के इस आत्मघाती हमले में जहाज के इंजन रूम को भारी नुकसान पहुँचा है और उसमें भीषण आग लग गई, जिसके कारण जहाज वहीं ठप हो गया।

  • ईरान की दलील: ईरानी सेना का दावा है कि इस व्यापारिक जहाज ने अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर दिया था और निर्धारित सुरक्षित रास्ते से भटक गया था, इसलिए इस पर कार्रवाई की गई। ईरान ने अगली सूचना तक होर्मुज़ जलसंधि का रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया है।

अमेरिका का महा-पलटवार: ईरान के 140 सैन्य ठिकानों पर बमबारी

इस हफ्ते के अपने "तीसरे दौर के हमले" में अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई की है:

  • 140 ठिकाने ध्वस्त: सेंटकॉम ने दावा किया है कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों, तटीय बंकरों और संचार टावरों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है। अमेरिकी हमलों में अब तक 17 ईरानी सैनिकों की मौत और 115 के घायल होने की खबर है।

  • डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा मंत्री की चेतावनी: अमेरिका के नए रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने दोटूक कहा, "ईरान ने गलत फैसला किया, अब उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।" वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के इन दुस्साहसिक हमलों के बाद दोनों देशों के बीच जून में हुआ युद्धविराम अब पूरी तरह खत्म हो चुका है।

ईरान का जवाबी हमला: जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस उड़ाया, खाड़ी में बजा सायरन

अमेरिकी एयरस्ट्राइक से बौखलाए ईरान ने भी तुरंत भीषण पलटवार किया, जिससे खाड़ी देशों में युद्ध का खतरा चरम पर पहुँच गया है:

  • अमेरिकी बेस तबाह: IRGC ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे 'प्रिंस हसन एयर बेस' पर मिसाइल दागकर उसके कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और अत्याधुनिक एमक्यू-9 (MQ-9) रीपर ड्रोन हैंगर को पूरी तरह तबाह कर दिया है।

  • यूएई और बहरीन में सायरन: ईरान के इस रौद्र रूप को देखकर पड़ोसी देश बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में युद्ध के सायरन बज उठे हैं। यूएई के गृह मंत्रालय ने किसी भी संभावित मिसाइल हमले से निपटने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर डाल दिया है।

  • ईरान की ड्रोन क्षमता 3 गुना बढ़ी: इन सबके बीच ईरान के रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल माजिद बिन रजा ने संसद में एलान किया है कि अमेरिका और इजरायल के साथ जारी इस युद्ध के दौरान ईरान ने अपनी घातक ड्रोन उत्पादन क्षमता को 3 गुना बढ़ा लिया है और वे दुश्मन की हर आधुनिक तकनीक का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।

पश्चिम एशिया महायुद्ध 2026: पल-पल बदलती स्थिति

घटनाक्रम / मोर्चावर्तमान स्थिति और नुकसानरणनीतिक प्रभाव
जीएफएस गैलेक्सी जहाजइंजन रूम पूरी तरह तबाह; 10 भारतीय सुरक्षित, 1 लापताभारत के समुद्री व्यापार और कच्चे तेल की सप्लाई लाइन के लिए बड़ा झटका।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाईईरान के 140 ठिकानों पर बमबारी, 17 की मौत।राष्ट्रपति ट्रंप ने कूटनीतिक बातचीत के समानांतर युद्धविराम खत्म होने का एलान किया।
ईरान का पलटवारजॉर्डन में अमेरिकी ड्रोन हैंगर ध्वस्त; होर्मुज़ जलसंधि पूरी तरह ब्लॉकदुनिया का 20% तेल व्यापार ठप होने की कगार पर; कच्चे तेल की कीमतें भड़केंगी।

बेबाक24 टेक

यह महज एक और तटीय झड़प नहीं है, यह सीधे तौर पर तीसरे विश्व युद्ध की आहट है। कुछ ही घंटे पहले तक अमेरिका और ईरान ओमान में शनिवार की महा-वार्ता की मेज पर बैठने की तैयारी कर रहे थे, जहाँ बंद कमरों में ईरान जहाजों पर हमले को अपनी 'भूल' बता रहा था। लेकिन ज़मीन पर IRGC के कट्टरपंथियों द्वारा एक और कमर्शियल जहाज को उड़ा देना और होर्मुज़ जलसंधि को बंद कर देना यह दिखाता है कि ईरान की सरकार और उसकी चरमपंथी सेना के बीच भारी आंतरिक दरार है।

बेबाक24 का मानना है कि भारत के लिए यह स्थिति सबसे ज्यादा संवेदनशील है। हमारे 10 नागरिकों को बचा लिया गया है, लेकिन चाबहार पोर्ट के रणनीतिक हितों और होर्मुज़ जलमार्ग के ब्लॉक होने से भारत की पूरी अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा दांव पर लग गई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने अभी कल ही न्यूज़ीलैंड के साथ मिलकर होर्मुज़ को मुक्त रखने की वैश्विक मांग की थी। अब भारत को अमेरिका और ओमान के जरिए अपने लापता नागरिक को वापस लाने और इस वैश्विक संकट में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए तुरंत कूटनीतिक हस्तक्षेप करना होगा, वरना तेल के बढ़ते दाम और वैश्विक मंदी भारत के दरवाजे पर भी दस्तक दे देगी।



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