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दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर भारी बवाल; समर्थकों का पथराव, एसपी-कलेक्टर समेत 8 पुलिसकर्मी घायल; NH-44 पर 25 किमी लंबा जाम

by admin@bebak24.com on | 2026-07-11 20:09:37

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दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर भारी बवाल; समर्थकों का पथराव, एसपी-कलेक्टर समेत 8 पुलिसकर्मी घायल; NH-44 पर 25 किमी लंबा जाम

भोपाल/दतिया (बेबाक24): मध्य प्रदेश के सियासी गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। भाजपा (BJP) के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) का दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों ने दतिया में हिंसक प्रदर्शन किया है। शनिवार सुबह प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए भीषण पथराव में दतिया के पुलिस अधीक्षक (SP), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), एसडीपीओ (SDPO) समेत आठ पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वहीं, बीच-बचाव के दौरान कलेक्टर के सिर पर भी चोट आई है।

नरोत्तम मिश्रा के नाराज समर्थकों ने शुक्रवार की रात से ही नेशनल हाईवे-44 (NH-44) पर चक्काजाम कर दिया था, जिससे करीब 11 घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। 'बेबाक24' की ग्राउंड जीरो से विस्तृत रिपोर्ट:

11 घंटे तक बंधक रहा हाईवे: 25 किलोमीटर तक लगी गाड़ियों की कतार

टिकट कटने की खबर आते ही मिश्रा के समर्थक सड़कों पर उतर आए और नेशनल हाईवे-44 को ब्लॉक कर दिया। दतिया के कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने स्थिति की गंभीरता बताते हुए कहा:

  • चार जिले प्रभावित: इस चक्काजाम के कारण चार प्रमुख जिले—दतिया, झांसी, शिवपुरी और ग्वालियर बुरी तरह प्रभावित हुए। इसका सबसे ज्यादा असर ग्वालियर के रूट पर पड़ा।

  • फंसी रहीं एंबुलेंस: हाईवे पर 20 से 25 किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। रात भर सैकड़ों यात्री बसें और कई जीवन रक्षक एंबुलेंस इस महाजाम में फंसी रहीं। प्रशासन रात भर प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश करता रहा, लेकिन वे अड़े रहे।

सुबह 4 बजे भड़की हिंसा: आंसू गैस के गोले छोड़े, गाड़ियां पलटीं

कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के अनुसार, सुबह करीब 4 बजे जब पुलिस बल ने दोबारा प्रदर्शनकारियों को हटाने और समझाने का प्रयास किया, तो भीड़ उग्र हो गई।

  • इमारत से पथराव: प्रदर्शनकारी पास की एक सरकारी दफ्तर की इमारत के भीतर घुस गए और वहां से पुलिस बल पर ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले (Tear Gas) छोड़ने पड़े।

  • अधिकारियों को आई चोटें: इस पथराव में दतिया एसपी, एएसपी और एसडीपीओ (जिनके हाथ में गंभीर फ्रैक्चर है) समेत 8 जवान जख्मी हो गए। कलेक्टर ने बताया, "मेरे सिर पर भी पत्थर लगा, लेकिन हेलमेट पहनने के कारण मैं बाल-बाल बच गया।"

  • वाहनों में तोड़फोड़: उपद्रवियों ने हाईवे पर कई कमर्शियल ट्रकों और पुलिस की 3-4 गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और कुछ वाहनों को सड़क पर ही पलट दिया। प्रशासन ने साफ किया है कि इतनी हिंसा के बाद भी पुलिस ने लाठीचार्ज या जवाबी पथराव नहीं किया।

दतिया का चुनावी गणित: क्यों हो रहा है उपचुनाव?

विषयविवरण / ऐतिहासिक संदर्भ
बीजेपी का नया उम्मीदवारआशुतोष तिवारी (दतिया उपचुनाव के लिए घोषित प्रत्याशी)
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प्रशासन की चेतावनी: "घर चले जाओ तो ठीक, वरना होगी सख्त कार्रवाई"

दतिया प्रशासन ने फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है, लेकिन तनाव बरकरार है। कलेक्टर वानखेड़े ने दोटूक शब्दों में कहा है कि जो प्रदर्शनकारी अभी भी इमारत के अंदर मौजूद हैं, उनसे शांति से बाहर आने की अपील की जा रही है। अगर वे एक-एक करके अपने घर लौट जाते हैं, तो प्रशासन उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करना चाहता। लेकिन अगर वे 5-10 लोगों के गुट में बाहर आकर दोबारा कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेंगे, तो पुलिस बल उनसे बेहद सख्ती से निपटेगा।

बेबाक24 टेक

दतिया की यह हिंसा बताती है कि राजनीति में टिकट वितरण के बाद आंतरिक असंतोष किस कदर कानून-व्यवस्था को पंगु बना सकता है। नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश भाजपा के सबसे रसूखदार चेहरों में से एक रहे हैं, ऐसे में उनका टिकट कटना उनके समर्थकों के लिए बड़ा झटका है। लेकिन अपनी राजनीतिक नाराजगी जाहिर करने के लिए 25 किलोमीटर तक नेशनल हाईवे को जाम करना, एंबुलेंस को रोकना और कानून के रखवालों पर पथराव करना कतई जायज नहीं ठहराया जा सकता।

बेबाक24 का मानना है कि उपचुनाव के इस दौर में भाजपा के लिए दतिया की यह बगावत और हिंसा गले की हड्डी बन सकती है। यदि इसे समय रहते डैमेज कंट्रोल के जरिए नहीं संभाला गया, तो नए प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के लिए यह राह बेहद कटीली होने वाली है।



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