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अवैध MLM नेटवर्क का भंडाफोड़: वाराणसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 250 युवक-युवतियां मुक्त, 19 गिरफ्तार

by on | 2026-07-10 23:22:07

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अवैध MLM नेटवर्क का भंडाफोड़: वाराणसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 250 युवक-युवतियां मुक्त, 19 गिरफ्तार

वाराणसी, ब्यूरो कार्यालय। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में साइबर अपराध और आर्थिक ठगी के खिलाफ पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा महाअभियान छेड़ दिया है। डीसीपी क्राइम (लेडी सिंघम) नीतू कादयान के नेतृत्व में रोहनिया पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने एक संयुक्त छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये के फर्जी मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) और पिरामिड चेन नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे शहर के अवैध साइबर सेंटरों और फर्जी कंपनियों के संचालकों में हड़कंप मच गया है।

​पुलिस ने मौके से 250 मासूम युवक-युवतियों को ठगी के जाल से मुक्त कराया, जबकि मुख्य सरगना समेत 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। गिरोह के पास से 20 मोबाइल फोन और दो लग्जरी कारें भी बरामद की गई हैं।

​नौकरियों के नाम पर ब्रेनवॉश और करोड़ों की ठगी

​जांच में सामने आया है कि यह शातिर गिरोह 'महादेव एंटरप्राइजेज' और 'रॉयल हेल्थ इंडिया रॉयल हेल्थ वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड' की फ्रेंचाइजी के नाम पर अवैध पिरामिड स्कीम चला रहा था।

झांसा: बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के बेरोजगार युवाओं को ₹25,000 मासिक वेतन वाली नौकरी का लालच देकर वाराणसी बुलाया जाता था।


वसूली: वाराणसी पहुंचने पर इन युवाओं से ₹30,000 से ₹35,000 तक की 'जॉइनिंग फीस' जबरन वसूली जाती थी। बदले में उन्हें बेहद मामूली कीमत की एक किट थमा दी जाती थी।


दबाव: पैसे लेने के बाद युवाओं को बंधक जैसी स्थिति में रखकर उनका मनोवैज्ञानिक तौर पर ब्रेनवॉश किया जाता था। इसके बाद उन पर अपने ही रिश्तेदारों और दोस्तों को इस दलदल में फंसाने व नेटवर्क से जोड़ने का भारी दबाव बनाया जाता था।


​एसीपी साइबर सख्त, विशेष टीमें गठित

​इस बड़े खुलासे के बाद वाराणसी पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। एसीपी साइबर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अख्तियार किया है। शहर में चल रहे संदिग्ध कॉल सेंटरों और साइबर सेंटरों की जांच के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों में खलबली मची हुई है।

"साइबर अपराध और आर्थिक ठगी के जरिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। गिरोह के बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन और अन्य राज्यों में फैले इनके पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच की जा रही है। यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।"

नीतू कादयान, डीसीपी क्राइम, वाराणसी

​सैकड़ों परिवारों को मिली बड़ी राहत

​शुरुआती जांच में यह पूरा घोटाला कई करोड़ रुपये का होने की आशंका जताई जा रही है। डीसीपी क्राइम नीतू कादयान और उनकी टीम की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है। समय रहते की गई इस छापेमारी से न सिर्फ 250 युवाओं का भविष्य बर्बाद होने से बच गया, बल्कि देश के सैकड़ों परिवारों को आर्थिक और मानसिक रूप से तबाह होने से भी बचा लिया गया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर इस रैकेट की जड़ों को पूरी तरह से उखाड़ने में जुट गई है।



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